किताबों और खिलौने से खेलने की उम्र में भीख मांगता बचपन

ब्यूरो चीफ : संजय द्विवेदी
गैरतगंज । जिन हाथों में किताबें और खिलौने होने चाहिए वो हाथ अक्सर नगर की दुकानों, बस स्टेन्ड और सड़कों पर भीख मांगते दिखाई देते हैं।
सरकार द्वारा कई लाभदायक योजनायें येसे बच्चों के लिये चलाई जा रही हे लेकिन उन योजनाओं का लाभ इन भीक मांगते बच्चों की जगह केवल संस्थाओं को मिल रहा हे नगर मे जगह-जगह इन छोटे-छोटे बच्चों को कटोरा लिये देखा जा सकता हे क्या वजह हे की सरकार की योजनाओं को केवल कागजों में चला कर लाभ केवल संस्थाओं को मिल रहा हे।
इन छोटे-छोटे बच्चों से भीक मँगवाने बलो को ना किसी तरह की कोई कार्रवाई का ड़र हे तभी तो ये मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं.
वहीं बाल भिक्षावृत्ति के मामले दिन प्रति- दिन बढ़ते जा रहे हैं. जहां एक ओर बाल संरक्षण आयोग बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए तमाम कवायद कर रहा है, बावजूद इसके बाल भिक्षावृत्ति को रोकना आयोग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
क्योंकि बाल संरक्षण आयोग की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बावजूद सड़कों, दुकानों और धार्मिक स्थलों के बाहर बच्चे भीख मांगते नजर आ रहे हैं।



