ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 11 जनवरी 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 11 जनवरी 2023

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🌞 11 जनवरी 2023 दिन बुधवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज भगवान सूर्य पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से गोचर करके उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में (रात्रि 20:48 मिनट पर) चले जायेंगे। आप सभी सनातनियों को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में भगवान सूर्य के गोचर की हार्दिक शुभकामनायें।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – चतुर्थी 14.31 PM तक तत्पश्चात पंचमी
🖍️ तिथि के स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणेश जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है।
💫 नक्षत्र – मघा 11.50 AM तक तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- मघा नक्षत्र के देवता पितर देव और नक्षत्र स्वामी केतु जी है।
📣 योग – आयुष्मान 12.02 PM तक तत्पश्चात सौभाग्य
प्रथम करण : बालव – 02:31 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 03:36 ए एम, जनवरी 12 तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो, यात्रा करनी ही हो तो धनिया, तिल की वस्तु, ईलायची अथवा पिस्ता खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:44:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:16:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:14 पी एम से 02:55 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:40 पी एम से 06:07 पी एम
🌠 सायाह्न सन्ध्या : 05:43 पी एम से 07:04 पी एम
💧 अमृत काल : 09:09 ए एम से 10:57 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:02 ए एम, जनवरी 12 से 12:56 ए एम, जनवरी 12
☄️ आयुष्मान योग – आज दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक
☀️ मघा नक्षत्र – आज दोपहर पहले 11 बजकर 50 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-मंदिर में कांसा चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पुण्य तिथि, भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ जन्म दिवस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अजय घोष स्मृति दिवस, साहित्यकार दूधनाथ सिंह पुण्य तिथि, राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय), राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह 11 जनवरी- 17 जनवरी तक, मूल समाप्त
✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है।
🗺️ Vastu tips 🗽
मंगलकर्ता हैं मंगलदेव : मंगलदेव मंगलकर्ता हैं। उन्हें घर के पवित्र स्थान पर विराजित करना चाहिए। यदि उनकी मूर्ति या तस्वीर उचित स्थान पर नहीं रखी है तो फिर उसका आपको फल नहीं मिलेगा। वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को धैर्य, पराक्रम, साहस, शक्ति, क्रोध, उत्तेजना षड्यंत्र, शत्रु, विवाद, छोटे भाई, अचल संपत्ति, भूमि और रक्त आदि का कारक ग्रह माना गया है। घर में दक्षिण की दिशा वास्तु के अनुसार होने से मंगल का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
दक्षिण है उनकी दिशा, उत्तर में रखें मूर्ति या तस्वीर : दक्षिण दिशा में मंगल ग्रह है या कहें कि मंगल ग्रह की दिशा दक्षिण हैं। वे दक्षिण में निवास करते हैं। मंगलदेव की मूर्ति या तस्वीर को घर में रखना हो तो उन्हें इस तरह रखें कि उनका मुंह दक्षिण दिशा की ओर हो। घर का की उत्तर दिशा में उनकी मूर्ति विराजित करें जिसका मुंह दक्षिण दिशा की ओर हो।
कैसी है घर की दक्षिण दिशा : इस दिशा में शयन कक्ष तथा भण्डार गृह रखना चाहिए। यदि ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो इस दिशा में भारी सामान रखना चाहिए। यदि यह दिशा दूषित है तो गृहस्वामी को कष्ट, रक्त संबंधी रोग, क्रोध, गृह कलह, घटना और दुर्घटना बढ़ जाती है। भाइयों से शत्रुता होती है।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पानी कम पीने का सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि शरीर हाइड्रेट नहीं रह पाता। जिसकी वजह से दूसरे कई हेल्थ इश्यूज होने लगते हैं। सेहतमंद और तंदरुस्त रहने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और गंदगी को निकालने में मदद करता है। बॉडी में पानी की कमी होने से कई गंभीर बीमारियां आपके शरीर को जकड़ सकती हैं। चलिए हम आपको बताते हैं कम पानी पीने से आप किन बीमारियों का शिकार हो सकते हैं।
कब्ज की परेशानी जहाँ बॉडी में पानी की मात्रा कम हुई वहीं पेट से जुड़ी बीमारियां आप पर हावी हो जाती हैं। पानी की मात्रा कम होने से आपको कब्ज की परेशानी हो सकती है। दरअसल, खाना अच्छी तरह पांच जाए इसलिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है। अगर शरीर में पानी की मात्रा कम हुई तो खनन नहीं पांच पाएगा। जिस वजह से से कब्ज की समस्या पैदा हो जाएगी।
ड्राई स्किन इस मौसम में लोगों का स्किन बहुत ज़्यादा ड्राई होता है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कम पाने पीन है। कम पानी पीने सेत्वचा का रूखापन परेशान करता है। इसलिए दिन में कम से कम 5 से 7 गिलास पानी ज़रूर पिएं।
किडनी पर पड़ता है असर कम पानी पीने से किडनी स्टोन का डर भी बढ़ जाता है। किडनी को ढंग से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। जब शरीर में पानी ही कम होगा तो किडनी पूरी ताकत से काम करेगी जिससे यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन या ट्रैक में जलन की शिकायत हो सकती है।
🥝 आरोग्य संजीवनी 🥒
हरी सब्जियों का करें इस्तेमाल यूरिक एसिड से पीड़ित लोगों के लिए भोजन में बथुआ, मेथी, सरसों का साग, पालक, हरी सब्जियों, मूंग, मसूर, परवल, तोरई, लौकी, अंगूर, अनार, पपीता, आदि का सेवन बेहद फायदेमंद माना जाता है।
दाल से करें परहेज अगर आप के घुटनों में लगातार दर्द होता है तो ऐसे में आप डिनर में दाल, राजमा और गेंहू का सेवन करने से बचें। प्रोटीन डाइट तेजी से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकती है। यूरिक एसिड को कंटोल करने के लिए आप इन चीज़ों का सेवन कम से कम करें।
एक्सरसाइज करें रोजाना 45 मिनट की एक्सरसाइज करके आप आसानी से यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं। यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए योगासन और एक्सरसाइज बेहद असरदार है। रोज वर्कआउट करने से दर्द और जटिलताओं से राहत मिलती है।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय – संतान से ही व्यक्ति को मोक्ष प्राप्ति का रास्ता मिलता है और पितरों को आत्मा की शांति भी मिलती है। इसलिए हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी संतान हो और वंश की वृद्धि हो सके। परन्तु व्यक्ति की कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी स्थिति बन जाती है, जिससे संतान प्राप्ति में बाधा आने लगती है। इस तरह की बाधाओं से मुक्ति के लिए शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के उपाय करने से ग्रहों को अनुकूल बनाया जा सकता है, आपको संतान की प्राप्ति हो सकती है।
धर्म शास्त्रों में शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति के कई उपाय बतलाये गए है लेकिन उनमे से यहाँ हम 7 उपाय बता रहे हैं, जिसको करके कोई भी दंपति पुत्र प्राप्ति कर सकते हैं, उन्हें संतान की प्राप्ति हो जाएगी।
पहला उपाय शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति हेतु 21 गुरुवार तक बालमुकुंद भगवान यानी (लड्डू गोपाल) जी की मूर्ति की पूजा करें। इस दौरान माखन मिश्री एवं गुड व चने का भोग लगाएं। शुद्ध घी का दीप जलाकर इस मंत्र
(ऊं क्लीं देवकी सूत गोविंदो वासुदेव जगतपते देहि मे, तनयं कृष्ण त्वामहम् शरणंगता: क्लीं ऊंका।।) का सवा लाख बार जाप करें, पुत्र प्राप्ति होगी‌।
दूसरा उपाय शिव पुराण के अनुसार पुत्र प्राप्ति करने हेतु दूसरे उपाय के अंतर्गत 11 व्रत करने होंगे, जिसमें भगवान की पूजा अर्चना करना भी शामिल है। इसके अलावा भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु शिव महिमा का भी पाठ करना चाहिए।
●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●
⚜️ आज चतुर्थी तिथि है। चतुर्थी तिथि के स्वामी देवताओं में प्रथमपूज्य भगवान गणेश जी माने गए हैं।
चतुर्थी को गणपित जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है, कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है ।
चतुर्थी को गणेश जी के परिवार के सदस्यों के नामो का स्मरण, उच्चारण करने से भाग्य चमकता है, शुभ समय आता है
यदि चतुर्थी तिथि यदि गुरुवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है, इस समय में शुभ कार्य करना वर्जित है।
लेकिन यदि चतुर्थी तिथि शनिवार को होती है तो वह सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किया गया कार्य सिद्ध होता है।

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