नपाध्यक्ष के अविश्वास पर असमंजस, सरकार के नए फैसले के बाद अधिकारी मौन

वर्तमान कांग्रेस और भाजपा के पूर्व विधायक ने शुरू की जोड़तोड़
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे भाजपा कांग्रेस सहित निर्दलीय पार्षदों ने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास का पत्र कलेक्टर को सौंपा।
शाम करीब 4 बजे प्रदेश सरकार ने कैबिनेट बैठक में अविश्वास प्रस्ताव की समय सीमा 2 साल से बढ़ाकर 3 साल कर दी। सरकार के नए फरमान से नपा अध्यक्ष के खिलाफ लगे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर अवधेश शर्मा ने एडीएम को निर्देश जारी किए हैं। नपा सीएमओ शिवी उपाध्याय ने बताया कि बुधवार को एडीएम ने 2 सितंबर को विशेष सम्मेलन बुलाकर वोटिंग की तारीख तय की है।
इस बीच प्रदेश सरकार का इस संबंध में नया नियम कैबिनेट बैठक में लाया गया है। ऐसी स्थिति में आगे की कार्रवाई के बारे में आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होगी। फिलहाल इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। शासन स्तर से जो निर्देश मिलेंगे, उनका पालन कराया जाएगा।
*वर्तमान और पूर्व विधायक सक्रिय*
नपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लगने के बाद वर्तमान कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह बुंदेला सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस की परिषद बचाने के लिए उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव में शामिल कांग्रेसी पार्षदों से एक-एक कर चर्चा की है। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक राकेश गिरी गोस्वामी ने नगर पालिका में भाजपा अध्यक्ष बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। भाजपा के 10 पार्षदों में से तीन पार्षद पूर्व विधायक समर्थित बताए जा रहे हैं।
*दो बार पहले भी हो चुके असफल प्रयास*
टीकमगढ़ नगर पालिका में पिछले 27 सालों के दौरान अध्यक्ष के खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, लेकिन दोनों ही बार पार्षद असफल रहे। 1997 में कांग्रेस के नपाध्यक्ष जब्बार खान के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके बाद 2019 में मप्र में कांग्रेस सरकार बनने के बाद नपाध्यक्ष लक्ष्मी गिरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। दोनों बार अविश्वास प्रस्ताव बहुमत के आभाव में पास नहीं हो सका।
नपाध्यक्ष बोले- कांग्रेसी पार्षदों पर पूरा भरोसा इस मामले में वर्तमान नपाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार का कहना है कि मुझे कांग्रेसी पार्षदों पर पूरा भरोसा है। भाजपा नेताओं ने कुछ पार्षदों को प्रलोभन देकर अविश्वास प्रस्ताव में शामिल किया है। कांग्रेस के सभी 14 पार्षद एक बार फिर नगर विकास के लिए एकजुट होंगे।



