मध्य प्रदेश

आजीविका मिशन अंतर्गत स्व-सहायता ने बदली अनीता की जिंदगी

रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं से जुड़कर एवं लाभ पाकर महिलाएं सशक्त होकर सफलता की नई इबारत लिख रही है। इन्हीं महिलाओं में एक टीकमगढ़ जिले के विकासखण्ड जतारा के ग्राम रामगढ़ की अनीता बशंकार हैं।
अनीता बशंकार ने बताया कि समूह से जुड़ने पूर्व वे गांव की हरिजन बस्ती में कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ जीवनयापन करती थीं। परिवार का भरण पोषण करने में परेशानी होती थी, आय का साधन केवल मजदूरी होने के कारण परिवार का दैनिक खर्च पूर्ण नहीं हो पाता था।
गांव में रोजगार की कोई संभावना नजर न आने पर अनीता बशंकार अपने पति व बच्चों सहित दिल्ली मजदूरी करने चलीं गईं। मेहनत करके जैसे-तैसे जीवन गुजारा कर रही अनीता त्यौहारों पर अपने गांव परिवार सहित वापिस आ जाती थीं। गांव में वापिस आने पर अनीता को ग्राम में आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूह के गठन की जानकारी मिलने पर उन्होंने स्व-सहायता समूह में जुडने की ठानी।
अनीता ने बताया कि ग्राम में स्व-सहायता समूह का गठन किया गया जिसका नाम लक्ष्मी स्व-सहायता समूह रखा ओर इसमें मेरे टोले एवं समाज के लोग जुड़े। समूह बनने के उपरान्तन समूह की बैठक का संचालन होने लगा सभी समूह सदस्यों ने अपनी-अपनी समस्यों के बारे में समूह की बैठकों में बताया। समूह जैसे ही अपने तीन माह पूरे किये समूह को आरएफ की 12000 की राशि आई, जिससे प्रति सदस्यस 1000-1000 रूपये आवश्य कार्य हेतु दिये गये। इसके पश्चात सीआईएफ की राशि एक लाख रूपये समूह के खाते में प्राप्त हुई, जिसमें सभी ने आवश्यकता अनुसार लोन की रूप में राशि ली।
अनीता ने बताया कि समूह से मेरा द्वारा एक लाख रूपये का लोन लिया गया, जिससे मेरे द्वारा चप्पल निर्माण की मशीन खरीद कर चप्पल निर्माण का कार्य शुरू किया गया। सीआईएफ मिलने के उपरान्त समूह का सीसीएल किया गया, जिसमें 50 हजार रूपये लोन लेकरे अपनी चप्पल की दुकान खोली, जिससे मुझे लगातार आमदनी होने लगी। मैं अपनी दुकान से लगभग 15000 रूपये मासिक कमाने लगी।
अनीता बशंकार ने मेहनती सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी पहचान बनाई। वह समूह सचिव ग्राम संगठन सदस्य के पद रहीं और समूह के प्रशिक्षण के अलवा उन्होंने मुर्गी फार्म का काम भी प्रारंभ किया। अनीता की अपनी दुकान एवं मुर्गी फार्म से आमदनी 15000 तक हो रही है, जिससे उनके परिवार में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है, उनका कच्चा मकान अब पक्का हो गया। साथ ही उनके बच्चे अब प्राईवेट स्कूल में शिक्षा ले रहे हैं। अनीता बशंकार स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहीं हैं।

Related Articles

Back to top button