मध्य प्रदेशविधिक सेवा

मानवाधिकार की रक्षा के लिए अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच समन्वय जरुरी : सुनीता पचौरिया

सिलवानी । प्रधान जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा मानव अधिकार दिवस पर 10 दिसम्बर 2024 मंगलवार को मां शारदा विद्यालय सिलवानी में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
विधिक साक्षरता शिविर में तहसील विधिक सेवा समिति अध्यक्ष सुनीता पचौरिया द्वारा उपस्थित छात्र/छात्राओं को संबोधित करते हुए कहाकि हर साल 10 दिसंबर को मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की वजह है कि साल 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाया था। इस घोषणा में कहा गया है कि हर व्यक्ति को कुछ मूल अधिकारों का हक़ है, चाहे उसकी जाति, धर्म, रंग, या लिंग कुछ भी हो। कानूनी साक्षरता, मानवाधिकारों को दिखाने का एक असरदार तरीका है। जब लोगों को पता होता है कि कानून उन्हें क्या देता है, तो वे अपने साथ होने वाले अन्याय के प्रति संवेदनशील होते हैं।
शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिलवानी सुनीता पचौरिया द्वारा छात्र/छात्राओं को बताया कि देश के हर नागरिक को संविधान के द्वारा कुछ मौलिक अधिकार दिए गए हैं जो हर व्यक्ति को जन्म से प्राप्त अधिकार मानवाधिकार की श्रेणी में आता है तथा मानवाधिकार की रक्षा के लिए अधिकारों एवं कर्तव्यों के बीच समन्वय जरुरी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियां शिक्षा के प्रचार-प्रसार से ही दूर किया जा सकता है। शिक्षा व जागरूकता के आधार पर आप अपने अधिकारों को स्वयं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यालय के बच्चों से अपील की कि वे अपने नैतिक आदर्शो को अपने आचरण में समाहित करें, तभी स्वस्थ समाज की स्थापना संभव है।
विधिक साक्षरता शिविर में स्कूल प्राचार्य मदनसिंह रघुवंशी, सहित स्कूल स्टाफ व छात्र/छात्राए उपस्थित रहे।

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