बिरहुली में गूंजा राम-कृष्ण जन्मोत्सव: संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ग्राम बिरहुली में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
निकुंज धाम तिघरा से पधारे कथा व्यास पूज्य अमित शास्त्री जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भगवान श्रीराम के दिव्य जन्म प्रसंग एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्म की अलौकिक और भावपूर्ण कथा का रसपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही राम एवं कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, संपूर्ण पंडाल “जय श्रीराम” और “राधे-राधे” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कथा के दौरान व्यास जी अमित शास्त्री जी महाराज ने भावविभोर होकर कहा—
“राधा मेरी मात हैं, पिता मेरे घनश्याम,
इन दोनों के चरणों में मेरा बारंबार प्रणाम।”
इस भक्ति से ओतप्रोत वाणी को सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया।
अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि भगवान का अवतार केवल दुष्टों के विनाश के लिए नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना और भक्तों के कल्याण हेतु होता है। श्रीराम जन्म हमें मर्यादा, आदर्श और सत्य का संदेश देता है, जबकि श्रीकृष्ण जन्म प्रेम, करुणा और भक्ति का मार्ग दिखाता है ।
यह पावन आयोजन स्वर्गीय नवल किशोर पटेल एवं सिया पटेल की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है । कथा के आयोजक गैसेन्द पटेल एवं दीपा पटेल (पुत्र वधू) द्वारा श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम संपन्न कराया जा रहा है। ग्रामवासियों के सहयोग से कथा स्थल पर भव्य एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं।
कार्यक्रम के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया । श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण को अपने जीवन का सौभाग्य बताया। कथा व्यास अमित शास्त्री जी महाराज ने बताया कि अगल दिन में भी विभिन्न दिव्य प्रसंगों का रसपूर्ण वर्णन किया जाएगा।
ग्राम बिरहुली में इस प्रकार का आध्यात्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में आस्था, एकता और प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।



