गौरा में श्रीमद्भागवत कथा सुनने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिलौड़ी के समीपस्थ ग्राम गौरा में पिछले 18 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहे श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत महापुराण की संगीतमय कथा का आयोजन इस वर्ष भी 29 मार्च 2026 से श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ । कथा के द्वितीय दिवस पर कथावाचक पूज्य श्री मानवेन्द्र शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराया, जिसे सुनने बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित हुए।
कथा के दौरान श्रीमद्भागवत महापुराण में वर्णित गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया । इस कथा में तुंगभद्रा नदी के तट पर रहने वाले विद्वान ब्राह्मण आत्मदेव, उनकी पत्नी धुंधली तथा उनके पुत्र गोकर्ण और धुंधकारी की कथा के माध्यम से भक्ति और सत्संग के महत्व को बताया गया। कथावाचक ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है ।
यज्ञाचार्य श्री जगदम्बा प्रसाद दुबे जी द्वारा भक्तों से विधि-विधान से यज्ञ में आहुतियां दिलवाई गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
रात्रिकालीन कार्यक्रम में ग्राम गौरा के नवयुवकों के सहयोग से श्री रामलीला का मंचन किया गया, जिसमें गोसलपुर के कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर ब्रजेश प्रताप सिंह (पूर्व सरपंच), महेन्द्र सिंह (शिक्षक), अंगद प्रसाद तिवारी, देवीसिंह बागरी, ओंकार बागरी, मूरतध्वज दुबे, उमेश बागरी, कौशलेंद्र तिवारी, भुवनेश्वर बागरी सहित समिति के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।



