विधायक रामपालसिंह को ज्ञापन सौप कर की निष्पक्ष जांच की मांग
विधायक ने दिया निष्पक्ष कार्यवाही का आश्वासन
सिलवानी। शनिवार को पूर्व केबिनेट मंत्री और क्षेत्रीय विधायक ठाकुर रामपालसिंह राजपूत के सिलवानी आगमन पर नगर के गणमान्य नागरिकों ने धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य के विरूद्ध बने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर धारा 377 की एफआईआर (प्रकरण) समाप्त करने एवं न्याय संगत कार्यवाही किये जाने की मांग को ज्ञापन सौंपा।
विधायक ठाकुर रामपालसिंह राजपूत ने परिजनो से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की। एवं घटना के प्रत्येक पहलुओं को सुना। तथा कहा कि किसी भी स्थिति में निर्दोष पर कार्यवाही नही होगी, मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी एवं न्याय दिलाया जावेगा। विधायक रामपाल सिंह राजपूत नगर के मंगल भवन में आयोजित भाजपा के त्रिदेव प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित होने आए थे।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि थाना सिलवानी में 27 अप्रेल को जो धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य के विरूद्ध उसकी पत्नि के आवेदन पर धारा 377 भादवि का दर्ज हुआ है। उसकी पत्नि 28 दिसंबर 2021 को अपनी सुसराल सिलवानी से उनके पिता नवलकिशोर रघुवंशी एवं छोटी बहन स्वेच्छा से स्वयं अपने साथ लेकर गये थे। जब किसी प्रकार की कोई शिकायत या बात नहीं थी, अपने मायके पहुंचने के बाद सुसराल आने का मना करने लगी। उनके परिवार वाले पैसों की मांग करने लगे। दोनो परिवार की उपस्थिति एवं समाज के लोगों की बैठक हुई जिसमें समाज के बुर्जुगोे ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद निर्णय लिया गया था कि पत्नि द्वारा पति पर लगाये गये सभी आरोप निराधार एवं झूठे है। दूसरी बैठक में ही पत्नि के परिजनों ने 30 लाख रूपये की मांग की गई। राशि नहीं देने पर धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य एवं उसके परिवार के लोगो को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी गई थी।
धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य के परिवार द्वारा राशि नही देने पर उसकी पत्नि के परिवार वालों ने पुलिस को आवेदन देकर 27 अप्रेल 2022 को धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य के विरूद्ध धारा 377 भादवि का झूठा प्रकरण बनवाया गया हैं। बिना कोई जांच के प्रकरण पंजीवद्ध कर लिया गया जोकि विधि संगत नहीं है। जबकि यह प्रकरण महिला हेल्प डेस्क रायसेन में विचाराधीन है।
धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य स्वयं एक अधिवक्ता है जो भोपाल जिला न्यायालय में प्रेक्टिस करता है। एवं न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहा है। जिसका 27 अप्रेल 2022 को सिविल जज की परीक्षा का प्रवेश पत्र रिलीज हुआ है। एवं सिविल जज की प्रथम परीक्षा ‘6 मई 2022 को होना है। इन सब बातों के चलते धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य की पत्नि एवं उसके परिवार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य के भविष्य (कैरियर) को लक्ष्य बनाकर झूठी एवं मनगढ़त आरोप लगाते हुये 27 अप्रेल को ही एफआईआर दर्ज कराई है। धर्मेन्द्र रघुवंशी उर्फ आदित्य ने 1 मार्च 2022 को पत्नि एवं उसके परिवार द्वारा उसे एवं उसके परिवार को झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दिये जाने संबंधी आवेदन पत्र थानाप्रभारी सिलवानी को दिया गया था कि उसके एवं उसके परिवार के साथ झूठी शिकायत हो सकती है।
उसकी पत्नि अपनी सुसराल से 28 दिसंबर 2021 स्वेच्छा से बिना किसी लडाई झगड़े के अपने पिता एवं अपनी छोटी बहन के साथ मायकेे गई थी। जब से और प्रकरण दर्ज होने के दौरान कई बार समाज के लोग बैठे और बैठके भी हुई उस दौरान कभी धारा 377 की बात नहीं बताई गई। बैठकों में पैसो के लेनदेन की बाते हुई। अचानक चार माह बाद धारा 377 का मामला दर्ज करना कई संदेहो को जन्म देता है। उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर धारा 377 का प्रकरण समाप्त किया जाये। एवं न्याय संगत कार्यवाही की मांग की है।
यह प्रकरण दो परिवार एवं सामाजिक स्तर होने के बाबजूद अन्य सभी समाज लोगो मे झूठे प्रकरण को लेकर आक्रोश है। अन्य समाज के लोगो का कहना है कि धर्मेन्द्र रघुवंशी एवं उसका पूरा परिवार सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता और अपनी सहभागिता निभाता है। जिससे इस परिवार की सभी समाजो में प्रतिष्ठा है और अन्य समाज केलोगो का झुकाव है।
इस अवसर पर मुकेश राय, गजेन्द्र गुप्ता, हनुमत सिंह, श्याम साहू, दिनेश चौरसिया, प्रदीप कुशवाहा, शुभम साहू, मदनसिंह रघुवंशी, रिंकू श्रीवास्तव, दुर्गा , जितेन्द्र रघुवंशी. आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।



