ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 03 सितम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 03 सितम्बर 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – भाद्रपद मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – मंगलवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 07:25 AM तक उपरांत प्रतिपदा
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 03:10 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा नक्षत्र के देवता भग है।
⚜️ योग – सिद्ध योग 07:05 PM तक, उसके बाद साध्य योग
प्रथम करण : नाग – 07:24 ए एम तक
द्वितीय करण : किंस्तुघ्न – 08:33 पी एम तक बव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:45:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:15:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:30 ए एम से 05:15 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:52 ए एम से 06:00 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:27 पी एम से 03:17 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:40 पी एम से 07:03 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:40 पी एम से 07:48 पी एम
💧 अमृत काल : 08:01 पी एम से 09:48 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, सितम्बर 04
🏎️ यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏼‍♀️ आज का उपाय-किसी पवित्र नदी में स्नान उपरान्त हनुमान मंदिर बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
❄️ पर्व एवं त्यौहार – देवकार्य भौमवती अमावस/नक्तव्रत पूर्ण/अमावस्या समाप्ति सुबह 07. 24/ कतर का स्वधीनता दिवस, भारतीय क्रिकेट राहुल साघवी जन्म दिवस, फिल्म अभिनेता पृथ्वीराज कपूर जन्म दिवस, राष्ट्रीय वेल्श रेयरबिट दिवस, गुरु तेग बहादुर मार्केट स्थापना दिवस, मजदूर दिवस, राष्ट्रीय गगनचुंबी इमारत दिवस, वेस्ट इंडियन दिवस परेड दिवस, राष्ट्रीय पोषाहार दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips_ 🗽
● घर मे प्रवेश करते ही ह्दय की गति का बढ जाना अलग होने पर सामान्य हो जाना वास्तुदोष का प्रभावी लक्षण है ।
● घर मे सीलन का बार- बार आना एवं सीलन न होने पर भी सीलन की गन्ध का अनुभव करना ।
● घर मे रहने पर सामान्य से अधिक ठंडा अनुभव करना बिना कारण के मानसिक पीड़ा या स्ट्रेस का अनुभव होना वास्तुदोष के लक्षण हो सकते है ।
● बिल्लीयो का आवागमन या घर मे बसना बार- बार आना जाना लगा रहना ।
● मधुमक्खी छत्ता बनाना शुरु करना , ततया , बर्र द्वारा छत्ता बनना वास्तुदोष के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं ।
● चीटीयो का आना- जाना विल बनाना , कीटे मकोडो का घर मे निवास वास्तुदोष के कारण बन सकता है ।
● दक्षिण- पश्चिम दिशा मे कुत्तो का रात्रि मे लगातार भौकना वास्तुदोष की ओर इशारा करता है ।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
डैमेज बालों के लिए: एलोवेरा से बना नेचुरल हेयर मास्क डैमेज हेयर की देखभाल करता है और उन्हें लंबा बनाता है। इसलिए एलोवेरा जेल में शहद, अंडे का सफेद भाग, मेथी के दाने और जोजोबा ऑइल मिलाकर बालों पर लगाएं। अब 1 घंटे बाद बालों में शैंपू कर लें, इससे आपकी हेयर ग्रोथ फास्ट होने लगेगी।
लंबे बालों के लिए: हेयर केयर में एलोवेरा और आंवले का इस्तेमाल करके भी आप बालों को लंबा और घना बना सकते हैं। इसके लिए एलोवेरा जेल में आंवले का रस मिलाकर बालों पर अप्लाई करें और फिर 15-20 मिनट बाद साफ पानी से बाल धो लें। नियमित रूप से ये नुस्खा अपनाने पर आपके बाल खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देंगे।
🩺 आरोग्य संजीवनी 🍶
गैस दूर करे सौंफ का चूर्ण सौंफ का चूर्ण बड़ा असरदार होता है अगर आपको पेट में गैस हो रही है तो 1-2 चम्मच मीठी सौंफ का पाउडर खा लें। इससे गैस, खट्टी डकारें आना और एसिडिटी तुरंत सही हो जाएगी। सौफ में थोड़ी मिश्री मिलाकर भी खा सकते हैं। आप दोनों चीजों को मिलाकर पीस लें और एक पाउडर बनाकर रख लें। रात में सोने से पहले इस चूर्ण को 2 चम्मच सादा पानी से खा लें। आपका पाचन भी दुरुस्त हो जाएगा और पेट एकदम साफ हो जाएगा। सौफ का चूर्ण खाने से गैस से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
📕 गुरु भक्ति योग
🕯️
कोप भवन क्या था कोप भवन एक ऐसा विशेष कक्ष या भवन था, जो महलों के निकट ही बनाया जाता था। यह भवन आमतौर पर अंधेरे और विलासिता से रहित होता था, जिससे वहां रह रहे व्यक्ति को एकांतवास और शोक की स्थिति का अनुभव हो। इस भवन को कालकोठरी जैसा माना जा सकता है, जिसमें कोई भी आरामदायक सुविधा नहीं होती थी।
कोप भवन के नियम शाही वस्त्र और आभूषण त्यागना: कोप भवन में प्रवेश करने से पहले, रानी को अपने सभी शाही वस्त्र और गहने त्यागने पड़ते थे। यह शाही आभूषण और वस्त्र त्यागना उनके शाही दर्जे और सम्मान को नकारने के समान होता था।
श्रृंगार और सौंदर्य का त्याग: रानी को अपने बाल खुले रखने होते थे और सारा श्रृंगार त्याग देना पड़ता था। यह उनके दुख और असंतोष को स्पष्ट रूप से दिखाने का एक तरीका था।
खाने-पीने से परहेज: कोप भवन में रहते हुए रानी न तो खाना चाहती थीं और न ही किसी प्रकार का राजसी सुख भोगना चाहती थीं। यह एक प्रकार की आत्म-पीड़ा और शोक की स्थिति होती थी, जिसमें रानी खुद को कमरे में बंद कर लेती थी।
राजा की उपस्थिति अनिवार्य: कोप भवन में राजा के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। रानी के लिए यह अनिवार्य था कि राजा उन्हें मनाकर वहां से बाहर निकालें। अगर राजा वहां नहीं गए, तो रानी अपना शरीर त्यागने की स्थिति में भी आ सकती थीं।
फिर से महल में वापसी: रानी को कोप भवन से बाहर आने का अवसर तब मिलता था, जब राजा उन्हें वहां से बाहर निकालने का निर्णय लेते थे और उन्हें मनाते थे। रानी की वापसी राजा की कृपा पर निर्भर करती थी।
कोप भवन का उद्देश्य कोप भवन का उद्देश्य शाही परिवार के असंतुष्ट सदस्यों को एक कड़ी अनुशासनात्मक स्थिति में डालना था, जिससे उनकी नाराजगी और गुस्से को प्रकट करने के लिए उन्हें इस तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़े। यह एक सामाजिक और राजसी दबाव बनाने का तरीका था, जो रानियों को अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए मजबूर करता था, जबकि उन्हें अपने शाही सम्मान और सुख को त्यागने की सजा दी जाती थी।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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