राज्य क्षय कार्यालय द्वारा सैंपल टेस्टिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन कार्य के लिए प्रदान की गई मोबाइल डियग्नोस्टिक वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत रायसेन जिले का चयन ब्रॉन्ज कैटेगरी में टीबी मुक्त भारत अन्तर्गत टीबी फ्री सर्टिफिकेशन के लिए सेंट्रल टीबी डिवीज़न द्वारा किया गया है। जिसके क्लेम सर्टिफिकेशन के लिए सीटीडी टीम द्वारा रैंडम आधार पर गांवों का चयन किया गया है। इन ग्रामो में सर्वे स्वयंसेवी टीमो के माध्यम से किया जाना है। जिसके लिए जिले में 15 टीम का गठन किया गया है तथा प्रत्येक टीम में 2 सदस्य होंगे। इन टीमों को साँची जनपद अध्यक्ष एस मुनियन तथा कलेक्टर अरविन्द कुमार दुबे, सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ प्रीती बाला सोनकर द्वारा शनिवार को दोपहर के वक्त रायसेन चिड़िया टोल वन परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इसके साथ ही सैंपल टेस्टिंग एवं ट्रांसपोर्टेशन कार्य के लिए राज्य क्षय कार्यालय द्वारा जिले को प्रदान की गई मोबाइल डियग्नोस्टिक वैन का भी साँची जनपद अध्यक्ष एस मुनियन तथा कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा, सीएमएचओ डॉक्टर दिनेश खत्री, जिला क्षय अधिकारी डॉ प्रीति बाला सोनकर जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ आरती गंगवार सहित एनटीईपी स्टॉफ उपस्थित रहा। डॉ प्रीतिबाला ने बताया कि सभी 15 टीम के सदस्यों द्वारा मोबाइल पर ऐप के माध्यम से सर्वे किया जाना है। टीबी के संभावित मरीजों की जांच उक्त दिवस में ही कि जा सके। इसके लिए आपरेशन आशा के स्टाफ द्वारा सैंपल ट्रांसपोर्ट कार्य किया जाएग। प्रत्येक टीम को चिन्हित ग्रामो से 2 मरीज़ खोजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ज्ञात हो कि रायसेन जिले में वर्ष 2015 से टीबी मरीज़ों की संख्या में 20% की कमी आने पर जिले का चयन उक्त श्रेणी में किया गया है। इस अवसर पर पूर्व नपाध्यक्ष जमना सेन, विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक शुभम उपाध्याय, विधायक प्रतिनिधि ब्रजेश चतुर्वेदी, भाजपा के वरिष्ठ नेता धीरेंद्र सिंह कुशवाह, बबलू ठाकुर, कन्हैया सूरमा, चन्द्र कृष्ण रघुवंशी, वकील धनीराम विश्वकर्मा, संतोष यादव, हल्ला महाराज, अनिल चौरसिया आदि उपस्थित हुए।



