बोर्ड परीक्षा में ठेके पर हो रही नकल, मीडिया के पहुंचते ही जलाई गई पर्चिया
सिलवानी। वर्षों से लोग कहते आये हैं कि विद्यार्थी समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है। एक निपुण विद्यार्थी जहाँ समाज और राष्ट्र की सतत उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करता है वहीं एक कमजोर विद्यार्थी समाज की उन्नति में बाधक होता है। हमारे देश की वर्तमान शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान देने में कम और उनमें रटंत पद्धति के तीव्र विकास में सहायक ज्यादा है। इसका ताजा उदाहरण तुलसीपार है जहाँ परीक्षा के नाम पर जो चल-चलाया जा रहा है वह हमारी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने में सक्षम है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की परीक्षायें प्रारंभ हो गई है। कोरोना के बाद हो रही वार्षिक परीक्षाओं में इस बार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलसीपार में परीक्षार्थियों से रकम एकत्रित कर सामूहिक रूप से नकल कराये जाने की खबर के बाद मीडिया ने परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण किया गया तो प्रारंभ मुख्यमार्ग पर सूचना कर्ताओं द्वारा फोन पर मीडिया के आने की जानकारी दे दी गई और जब वहां पहुंचे तो परीक्षार्थी एक दूसरे की कापी से नकल करते नजर आये एवं परीक्षा केन्द्र भवन की खिड़कियों से पर्चियों को बाहर फेंक दिया गया। जो मीडिया के सामने ही स्कूल के कर्मचारियों द्वारा जलाई गई।
इस संबंध में परीक्षा केन्द्र प्रभारी सुनील रघुवंशी का कहना है कि परीक्षायें शांतिपूर्ण हो रही है। खिड़कियों के पास पर्चियां पड़ी मिलने की बात पर उनका कहना है कि मैं परीक्षा कक्ष को देखूं या बाहर।
वही ब्लाक शिक्षा अधिकारी नरेश रघुवंशी का कहना है कि परीक्षार्थियों से रकम एकत्रित कर नकल कराने की जानकारी मीडिया से मिली है जिसकी जांच की जाएगी और उस परीक्षा केन्द्र की सघन निरीक्षण किया जाएगा।





