बाढ़ बनी जानलेवा छतों पर बची सांसें, पेड़ों पर टिकी रही उम्मीदे

सिलवानी में बारिश के सैलाब का कहर 10 फीट पानी में डूबे घर छतों पर चढ़कर लोगों ने बचाई जान
सिलवानी बेगम नदी उफान पर स्टेट हाईवे डूबे बिजली ठप स्कूलों में छुट्टी मंदिर-वाहन जलमग्न दर्जनों गांवों में भारी नुकसान सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद
सिलवानी। सोमवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सिलवानी तहसील में त्राहि-त्राहि मचा दी है। बेगम नदी रौद्र रूप में है जिसके चलते दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। लोग जान बचाने घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़ गए। मकानों में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया है ग्राम साईंखेड़ा में राजू कुशवाहा और महेश कुशवाहा के मकान जलमग्न हो गए। परिवार छतों पर चढ़कर जान बचाते रहे। पुलिस और होमगार्ड्स की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सैनिक नारायण सिंह, सियाराम बैजनाथ की अगुआई में 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। वहीं कस्बा बम्होरी के भेसरा गांव में एक व्यक्ति पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई जिसे प्रशासन ने सुरक्षित उतारा।
वार्ड-2 में स्थित मकानों में 10 फीट पानी मकानों में दरारें कई कच्चे मकान ढहे
नगर के वार्ड क्रमांक 2 में नदी किनारे बसे घरों में 10 फीट तक पानी भर गया। दर्जनों मकानों में दरारें आ गईं कुछ गिर चुके हैं। पूरा इलाका टापू बन गया है। बिजली विभाग की डीपीओ में 5 फीट तक पानी भरने से बिजली व्यवस्था ठप हो गई है।
वार्ड एक में स्थित ईदगाह के पास रखी डीपी जमीन में गिर गई
स्टेट हाईवे 44 और 15 डूबे ग्रामीणों क्षेत्रों में स्थित पुल-पुलिया के उपर पानी
सिलवानी–भोपाल और सिलवानी–उदयपुरा के बीच की सड़कें जलप्रलय में समा गईं। जमुनिया घाट पर भूस्खलन हुआ, था पहाड़ों से चट्टाने गिरने के कारण रास्ता बंद हो गया। था जो करीब एक घंटे बंद रहा सिलवानी एमपीईबी के पास स्थित पुल पर 6 फीट पानी बह रहा था जिसके कारण सिलवानी भोपाल मार्ग करीब एक घंटे स्टेट हाईवे 44 बंद रहा
मंदिर और वाहन जलमग्न
स्कूलों में अवकाश
जमुनियापुरा स्थित प्राचीन राम मंदिर के पास स्थित वीजासेन देवी का मंदिर पानी में डूब गया। वार्ड 4 की सड़कों पर खड़े मैजिक और कारें जलमग्न हो गईं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने जिले भर में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
महिला बाल विकास कार्यालय में लाखों का नुकसान
सिलवानी स्थित महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में 3 फीट पानी भरने से कंप्यूटर दस्तावेज, लैपटॉप और रिकॉर्ड बर्बाद हो गए हैं। लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है।
प्रशासन-नगर परिषद राहत में जुटे, आश्रय शिविर शुरू
नगर परिषद अध्यक्ष रेशू विभोर जैन, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मोनू मतांबर, सीएमओ ऋषिकांत यादव, एसडीएम पीसी शाक्य और तहसीलदार सुधीर शुक्ला खुद राहत कार्यों में लगे हैं। प्रभावितों के लिए भोजन व आवास की व्यवस्था की जा रही है।
किसानों की फसलें तबाह आंखों में आंसू, खेतों में पानी
खेरी, भटपुरा बेगमा गगनबाडा भेसरा, पड़रिया, मेढकी समेत दर्जनों गांवों में मक्का, सोयाबीन, तुअर, धान की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। खेत तालाब बन गए हैं। किसान प्रशासन से तत्काल सर्वे और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।



