गेहूं तस्कर को बचाने में लगे खाद्य विभाग के अधिकारी
मकान मालिक को बनाया गया मुख्य आरोपी, राशन की कालाबाजारी करने वाला अभी भी पहुंच से दूर
संदिग्ध व्यक्ति को बनाया जांच का मुख्य साक्षी
शासकीय गेहूं का अवैध भंडारण कर काला बाजारी करने पर तीन लोगों पर हुई थी एफआईआर
पिछले माह मिला था 140 बोरी शासकीय राशन
सिलवानी। एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने नायक फिल्म के मुख्य अभिनेता की तर्ज पर राशन की कालाबाजारी करने वालों पर त्वरित कार्यवाही कर रहे है। वहीं दूसरी ओर सिलवानी में पिछले माह 140 बोरी शासकीय गेहूं को जप्त किया गया था, उस पर अभी तक कार्यवाही करने से खाद्य विभाग कतरा रहा है। कार्यवाही के नाम पर विभाग द्वारा मकान मालिक पर प्रकरण दर्ज कर मुख्य आरोपियों को बचाने में लगा हुआ है। और विभाग के अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते हुए नजर आते है। सोशल मीडिया पर खाद्य निरीक्षक पर सवालों की झड़ी लगाते पत्रकारों का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें खाद्य निरीक्षक मीडिया के सवालों से बच कर दौड़कर गाड़ी में बैठकर भागती हुई नजर आती है।
ज्ञातव्य है कि पिछले माह 11 दिसंबर को नगर के वार्ड क्रमांक 14 सरस्वती नगर में तहसीलदार संजय नागवंशी के निर्देश पर राजस्व और पुलिस अमले के द्वारा संयुक्त रुप से व्हीएस मार्केट में बनी शटर में रखा शासकीय गेहूं करीब 140 बोरी में 69 क्विंटल पाया गया था। शासकीय गेहूं की बोरी पर सेवा सहकारी समिति अर्जनी, चिंगवाड़ा गादर समिति सीहोर की शासकीय राशन गेहूं की टैग लगी गेहूं की बोरिया पाई गई थी। दुकान के शटर को सिलवानी थाना प्रभारी माया सिंह के समक्ष सील किया गया था। और 12 दिसंबर रविवार को मामले में तहसीलदार संजय नागवंशी, खाद्य आपूर्ति अधिकारी पूर्णिमा श्रीवास्तव ने व्हीएस मार्केट मालिक श्रीमति स्वतंत्रता जैन के बयान लिए गए थे। वहीं जब्त किए शासकीय गेहूं को तुलाई कर अधिकारियों ने वेयरहाउस प्रबंधक को अनाज सुपुर्द किया गया था।
तहसीलदार संजय नागवंशी, खाद्य आपूर्ति अधिकारी पूर्णिमा श्रीवास्तव ने जांच उपरांत पाया गया कि श्रीमति स्वतंत्रता जैन पति विजय जैन, नफीस खान पिता रसीद खान, अजय जैन पिता विजय जैन द्वारा शासकीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरण किए जाने वाला गेहूं का अवैध भंडारण कर कालाबाजारी करने का प्रयास किया गया था। जो मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 215 की कंडिका 13 (2) का उल्लंघन होकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध पाए जाने से उपरोक्त तीनों व्यक्तियों के विरूद्ध अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रतिवेदन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी सिलवानी एवं थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भेजा गया था। जिसके उपरांत थाना प्रभारी माया सिंह द्वारा काला बाजारी का प्रयास करने वाले स्वतंत्रता जैन पति विजय जैन, नफीस खान पिता रसीद खान, अजय जैन पिता विजय जैन निवासी सिलवानी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई।
गेहूं की तस्करी करने वाला रसूखदार होने से बचाने में लगा खाद्य विभाग
इस पूरे मामले में जांच अधिकारी एवं प्रशासन की कार्यवाही संदेह के घेरे में है। गरीबों के हक पर डाका डालने पर मुख्य आरोपी को अभी तक जांच के घेरे में नहीं लिया गया। मकान मालिक एवं दो अन्य लोगों पर प्रकरण बनाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। जिस व्यक्ति के मकान से राशन जब्त हुआ था उसे ही आरोपी बनाया गया है। उस मकान पर किस बेयरहाउस से राशन को बेचा गया? उस बेयरहाउस के संचालक से पूछताछ या क्या कार्यवाही की गई, इस पर जांच अधिकारी मौन बने हुये है। जांच अधिकारी ने अपनी जांच में आरोपियों के पास शासकीय राशन कहां से आया इसका पता लगाने का प्रयास नहीं किया।
संदिग्ध व्यक्ति को बनाया जांच का मुख्य साक्षी
इस मामले में लीपापोती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस जांच में जिस व्यक्ति को मुख्य साक्षी बनाया गया है उस पर पुलिस थाने में कई प्रकरण दर्ज है। और पिछले दिनों मुख्य साक्षी अजा/अजजा एक्ट एवं शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में जेल जा चुका है। और आरोपियों के साथ मित्रता है।
इस संबंध में खाद्य निरीक्षक पूर्णिमा श्रीवास्तव का कहना है कि मैं इस मामले में कोई भी जानकारी नहीं दे सकती हूं। मुझे वरिष्ठ अधिकारियों ने वर्जन देने से मना किया गया है।



