आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 18 जुलाई 2024
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 08:44 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र ज्येष्ठा 03:25 AM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी – ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी बुध ग्रह है ।और देवता इंद्र हैं।
⚜️ योग – शुक्ल योग 06:12 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग 04:44 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
⚡ प्रथम करण : बव – 08:59 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 08:44 पी एम तक कौलव
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 5.36.00 ए एम
🌅 सूर्यास्त – सायं 19.18.00 पी एम
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:13 ए एम से 04:54 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:33 ए एम से 05:35 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:18 पी एम से 07:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:21 पी एम
💧 अमृत काल : 06:33 पी एम से 08:09 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 19 से 12:48 ए एम, जुलाई 19
❄️ रवि योग : 03:25 ए एम, जुलाई 19 से 05:35 ए एम, जुलाई 19
🚙 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को बेसन से बना मिष्ठान भेंट करें ।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सौर श्रावण मास प्रारंभ/ चातुर्मास/ मूल जारी/ वामन पूजा/ भारतीय बॉलीवुड नायिका प्रियंका चोपड़ा जन्मोत्सव, जयेन्द्र सरस्वती – सरस्वती कांची मठ के 69वें शंकराचार्य (मृ. 2018) जयन्ती, अंग्रेजी लेखक विलियम मेकपीस ठाकरे जन्म दिवस, राष्ट्रीय खट्टी कैंडी दिवस, नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस, पार्श्व गायिका मुबारक बेगम स्मृति दिवस, अभिनेता राजेश खन्ना स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🏜️ Vastu tips 🗽
वास्तु दोष के संकेत: आर्थिक परेशानी: अच्छी कमाई या व्यापार के बावजूद भी पैसा जमा नहीं हो पा रहा हो और खर्चे ज्यादा हो रहे हों, तो यह वास्तु दोष का संकेत हो सकता है।
घर में कलह: घर के लोगों में बिना किसी बड़ी वजह के ही लगातार झगड़े या मनमुटाव होना वास्तु दोष की तरफ इशारा करता है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: परिवार के सदस्यों को बार-बार बीमारियाँ पड़ना या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहना वास्तु दोष का संकेत हो सकता है।
मुख्य दरवाजे की दिशा: वास्तु के अनुसार, घर का मेन गेट दक्षिण दिशा में होना अशुभ माना जाता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
व्यक्ति दवाइयां लेता -लेता थक जाता है ।लेकिन रोग है कि उसका पीछा ही नहीं छोड़ते। ऐसे में हम क्यों ना किसी ऐसे उपाय को अपनाएं जिससे कि हम रोगों से मुक्ति पा सकें। आज मैं आपको ऐसा 1 रामबाण उपाय बताऊंगी जिसे अगर आप अपनाएंगे तो बीमारियां आपके शरीर में दस्तक नहीं देंगी और आप एक स्वस्थ और सुखी जीवन जी पाएंगे।
इसके लिए आपने क्या करना है क़ि कुछ तुलसी के बीजों को इकट्ठा कर के रख लीजिए ।फिर उन्हें सुखाकर पाउडर बना लीजिए। अब इस पाउडर को 1 शीशी या किसी डिब्बे में भरकर रख दे।
सुबह जब भी उठे खाली पेट चुटकी भर पाउडर पानी के साथ ले ले ।आप देखेंगे कि बीमारियां आपके शरीर में दस्तक नहीं देंगी ।अगर है भी तो काफी हद तक ठीक हो जाएंगी।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
घुटनो के दर्द का रामबाण इलाज…!!
विजयसार की लकड़ी.….
विजयसार की चाय…विजयसार एक वृक्ष हैं जो के जोड़ो के दर्द, कैल्शियम की कमी, और मधुमेह के लिए बहुत उपयोगी हैं। इसकी लकड़ी या इसकी लकड़ी का चूर्ण आपको पंसारी से मिल जाएगा, खाड़ी ग्रामोद्योग में इसके बने गिलास भी मिलते हैं। जिसमे रात्रि को रखा हुआ पानी सुबह पीने से भी लाभ मिलता हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं इस के उपयोग से घुटनो के दर्द को कैसे सही करे। एक बार ये प्रयोग ज़रूर आज़माये।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सनातन घर्म: में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले माथे पर तिलक लगाने का विधान सदियों पुराना है. यही नहीं, कुछ लोग रोज पूजा के दौरान टीका लगाते हैं. बिना तिलक लगाए पूजा नहीं करते. माना जाता है कि माथे पर तिलक लगाने से मन शांत और एकाग्र रहता है. शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. वहीं, सभी लोग एक जैसा तिलक नहीं लगते. कोई लंबा तिलक लगाते हैं तो कोई गोल. कोई त्रिपुंड या भस्म लगाता है. वहीं, तिलक लगाने का एक नियम होता है, ताकि तिलक से शुभ फल की प्राप्ति हो. अगर जातक नियम अनुसार तिलक नहीं लगाते तो मन की एकाग्रता भंग हो सकती है. आप गलत ढंग से तिलक लागते हैं तो इसके विपरीत परिणाम भी दिख सकते हैं.
पाप हो जाते हैं नष्ट तिलक लगाने की परंपरा ऋषि-मुनियों के काल से है. मस्तिष्क पर तिलक लगाने से सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है. दिन भर में भूल-चूक से हुआ पाप भी नष्ट हो जाता है. सभी संप्रदाय के लोग अलग-अलग तरह से तिलक लगाते हैं, जैसे वैष्णव संप्रदाय के लोग त्रिपुंड उर्दपुण्ड तिलक लगाते हैं, यानी खड़ी रेखा बनती है. शैव संप्रदाय के लोग त्रिपुंड और जो शाक्त संप्रदाय के लोग हैं वो लाल चंदन अवश्य लगाते हैं
तिलक लगाते वक्त हाथ को रखे सिर के पीछे जब भी आप तिलक लगाएं तो बाएं हाथ को सिर के ऊपर या पीछे रहना चाहिए, ताकि उस समय दिमाग में कोई भी नकारात्मक चीज न आए. साथ ही जब भी खुद को तिलक लगाएं तो अनामिका या अंगूठे से लगाएं. क्योंकि अंगूठे का संबंध शुक्र से है जो धन वैभव संपदा का कारक ग्रह माना जाता है
उत्तर या पूर्व दिशा में खड़े होकर तिलक लगाएं मनुष्य के जीवन में दिशा का प्रभाव खास होता है. जब भी आप तिलक लगाएं तो उत्तर या पूर्व की दिशा में ही खड़ा होकर तिलक लगाएं, नहीं तो शुभ फल की प्राप्ति नहीं होगी. जीवन पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है
तिलक लगाते वक्त मंत्रों का उच्चारण तिलक लगाते वक्त एक मंत्र का उच्चारण अवश्य करना चाहिए, वह मंत्र है “ॐ चंदनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम् आपदां हरते नित्यं, लक्ष्मी तिष्ठति सर्वदा.”
तिलक लगाने के बाद न करें तामसिक भोजन तिलक लगाने के बाद तामसिक भोजन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. अगर ऐसा करते हैं तो दिनभर के पुण्य नष्ट हो जाएंगे और परेशानियां बढ़ जाएंगी.
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।


