बेटे को श्रवण कुमार बनाना चाहती हो तो पति को भी श्रवण कुमार बनाओ, धुंधकारी मत बनाओ : विपिन बिहारी दास महाराज

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । शहर के फुटेरा वार्ड दो नरसिंह मंदिर के समीप राम जानकी मंदिर शाला परिसर में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन चल रहा है। सोमवार को छठे दिवस कथा व्यास सांवरे सरकार विपिन बिहारी दास महाराज ने युग के प्रभाव की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि माताएं जिस प्रकार से अपने बेटे को श्रवण कुमार बनाना चाहती है तो उसी प्रकार पति को भी श्रवण कुमार बनाना चाहिए। घर तोड़ने की बजाय घर जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। यदि आपको आपका बेटा बहुत प्यारा है उसी प्रकार से आपकी सास को आपका पति भी बहुत प्यारा है। किसी मां से उसका बेटा मत छुड़ाए ।
कथा व्यास ने बताया कि भगवान ने तीन कल बनाए थे, लेकिन इंसान ने चौथा काल मिस्ड कॉल के रूप में बना लिया। भगवान ने बनाए थे भूतकाल, भविष्य काल और वर्तमान काल और इंसान ने बना लिया मिस कॉल उसे हर वक्त इसी बात की चिंता रहती है कि पता नहीं किसका मिस्ड कॉल आ गया है इसलिए उससे बात करना बेहद जरूरी है। जब मिस्ड कॉल अधिक बढ़ने लगा तो भगवान ने एक और काल दे दिया कोरोना काल। जान की कीमत कितनी अधिक है यह भी समझ आ गया जब जान बचाने की भी नौबत आ गई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से महिलाएं अपने बेटे को श्रवण कुमार बनाना चाहती है उसी प्रकार अपने पति को भी श्रवण कुमार बनाएं पति को उसकी मां से दूर ना करें। क्योंकि यदि आपको आपका बेटा बहुत प्यारा है तो उस सास को भी अपना बेटा बहुत प्यारा है। इसलिए पति को श्रवण कुमार जरूर बनाएं धुंधकारी ना बनाएं, लेकिन इस कलयुग का प्रभाव देखिए की घर में सबसे ज्यादा कलह आज महिलाओं के द्वारा ही की जा रही है। मायके जाकर तो आप बहुत अच्छी रहती हैं, लेकिन ससुराल जाकर क्यों ऐसा हो जाता है कि आपको सास, ससुर भी अच्छे नहीं लगते। इसलिए भगवान ने जितने काल बनाए हैं उन्हें कालों का पालन करिए अपने अलग से कोई कॉल मत बनाएं। नहीं तो भगवान कोरोना कल जैसा भी एक कल भेज देता है। इसके बाद उन्होंने तिरिया चरित्र की महिमा भी बताई कि किस प्रकार से बात का अर्थ और अनर्थ हो जाता है।
उन्होंने एक वृतांत सुनाते हुए कहा कि एक महिला ने पंडित के लड़के से पूछा कि कौन-कौन से चरित्र कर लेते हो। तब उसे लड़के ने ने कहा कि कृष्ण चरित्र, राम चरित्र, शिव चरित्र और हनुमत चरित्र बहुत अच्छे से कर लेता है। महिला ने पूछा कि और तिरिया चरित्र तब ब्राह्मण ने कहा गुरु ने इसके बारे में उसे नहीं बताया।
महिला ने कहा कि वह बताती है पुजारी के लड़के ने सोचा की तिरिया चरित्र का मतलब कोई कथा होती है।
महिला चिल्लाने लगी बचाओ, बचाओ यह सुनते ही ग्रामीण डंडे लेकर पहुंच गए और उस लड़के को मारने तैयार हो गए।
महिला ने बताया कि इस युवक ने तो कुछ नहीं किया बल्कि यहां तो एक सांप उसे डसने के लिए आया था और इस लड़के ने उसे बचा लिया। यह सुनते ग्रामीण उस पुजारी के बेटे के सामने झुक गए और उसकी जय जयकार होने लगी। तब पुजारी के लड़के ने सोचा कि यह होता है तिरिया चरित्र किस प्रकार से बात घूम कर कहां पहुंचती है।
बता दें सुबह 7 बजे से शिवलिंग निर्माण भी किया जा रहे हैं जिसमें विद्वान पंडितों के द्वारा भगवान शिव का पूजन अभिषेक कराया जा रहा है।



