कृषिमध्य प्रदेश

कचनारी खरीदी केंद्र में किसानों के साथ हो रही अनियमितता, जिम्मेदार बेखबर

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान |  कचनारी खरीदी केंद्र में किसानों के साथ हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण क्षेत्रीय किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।  यह स्थिति केवल कचनारी के किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में धान खरीदी के केंद्रों पर किसानों की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं है ।  यहां जो भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल चल रहा है, वह न केवल किसानों की मेहनत को ठुकरा रहा है, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों और निर्देशों की भी खुलेआम अवहेलना कर रहा है  ।
*किसानों का शोषण, साहूकारों के साथ गठजोड़*
कचनारी खरीदी केंद्र पर सबसे बड़ी समस्या सामने आई है, वह है किसानों के साथ हो रहे शोषण का ।  यहां पर नियमों की अनदेखी की जा रही है और खरीदी प्रभारी के द्वारा किसानों के उत्पाद को खरीदने में गड़बड़ी की जा रही है । कलेक्टर दिलीप कुमार यादव का स्पष्ट निर्देश है कि यदि किसी केंद्र पर बिचौलिए पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एफ. आई. आर दर्ज की जाए ।  लेकिन, इसके बावजूद पुरुषोत्तम बर्मन जैसे लोग खुलेआम खरीदी प्रक्रिया में हिस्सा लेकर, किसानों की उपज के साथ धांधली कर रहे हैं । साहूकारों द्वारा खराब गुणवत्ता वाली धान को प्राथमिकता दी जा रही है  ।  यह स्पष्ट करता है कि केंद्र पर पैसों के बल पर धान की गुणवत्ता का निर्धारण किया जा रहा है ।  यह स्थिति अन्नदाता किसानों के लिए अत्यंत निराशाजनक  है, क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है  ।
*कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का खेल*
कचनारी खरीदी केंद्र पर साहूकारों के साथ मिलीभगत से जो कमीशनखोरी का खेल खेला जा रहा है, उससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है । खरीदी प्रक्रिया में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हो रहा है, वह सीधे तौर पर उच्च अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है ।  केंद्र पर साहूकारों की खराब गुणवत्ता वाली धान की खरीद के मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है ।  जबकि साहूकारों की धान को प्राथमिकता दी जा रही है ।  यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा दे रहा है  ।
*हड़प्पा मशीन का न इस्तेमाल होना*
धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हड़प्पा मशीन का उपयोग अनिवार्य है, लेकिन कचनारी खरीदी केंद्र पर इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है ।  इसका अर्थ है कि धान की गुणवत्ता को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है ।  बिना हड़प्पा मशीन के, खराब गुणवत्ता की धान भी खरीदी जा रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खरीदी प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हो रही हैं  ।
*अधिकारियों की अनदेखी और किसानों की दुर्दशा*
कचनारी खरीदी केंद्र पर अधिकारियों की अनदेखी के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।   जबकि साहूकारों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है ।  जिससे किसानों का विश्वास प्रशासन पर से उठ रहा है  ।
*संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की आवश्यकता*
कचनारी खरीदी केंद्र में हो रही अनियमितताओं की जांच कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए  ।
*कलेक्टर से किसानों की गुहार*
कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से किसानों ने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।  कचनारी खरीदी केंद्र पर हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर उच्च अधिकारियों से शीघ्र ही कार्यवाही की मांग की है ।

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