मध्य प्रदेश

भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त, करीब चार सौ परिवार हुए बेघर

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | भारी बारिश से उमरियापान एवं ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बेलकुण्ड नदी, कटकहरी, सिलपरा, मौरी नदियों में इस कदर बाढ़ सैलाब आया जिससे पल भर में कछारगांव, पौड़ी खुर्द, घुघरी, धौरेसर, पिपरिया शुक्ल, बरेली बार, घुघरा , ढीमरखेड़ा आदि गांवों में बाढ़ के कहर से पूरी घर गृहस्थी तबाह हो गई।  लगातार बारिश के चलते ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में हालात गंभीर है। नदी नाले उफान पर होने से चारों तरफ का आवागमन पूरी तरह से बाधित है, वहीं गांवों में जल प्लावन है। ढीमरखेड़ा क्षेत्र में करीब पांच सौ लोगों के मकान धराशायी हो गए। पीड़ित परिवारों को शासकीय भवनों में शिफ्ट किया जा रहा है। बासों एवं अन्य वाहनों से लोगो को गृहस्थी का सामान दूसरे स्थानों पर ले जा रहे है। 
*ग्राम –  बनेहरी के हाल बेहाल*
गर्राघाट के पुल से लगे एक किलोमीटर दूर बनेहरी गांव के एक हिस्से में बेलकुण्ड नदी का पानी आ गया। स्कूल के समीप बने राधेलाल गडारी, तेजीलाल कोरी, शांतिबाई चौधरी के मकान गिर गए।  पेट्रोलपंप के समीप शिवदास कोल, आशीष कोल और अश्वनी कोल जबकि गर्राघाट पुल के ऊपर अशोक बर्मन, राजेश बर्मन और संतो बर्मन के कच्चे मकान गिरकर धराशायी हो गए। जिससे घरों में रखी सामाग्री और गृहस्थी का नुकसान हो गया।  
*ढीमरखेड़ा की स्थिति दयनीय*
ढीमरखेड़ा में मौरी नदी का पानी सड़क के ऊपर आ गया। ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा के वार्ड नं 4, 5, 6, 7, 8, 9, 11 और 12 में लोंगो के घरों में पानी भर गया । यहाँ टापू जैसे हालात बन गए । स्कूल के पास रह रहे गोविंद कोल और देवीसिंह ठाकुर के कच्चे मकान गिर गए। यहाँ भगवान दास विश्वकर्मा, राजेश बर्मन, परसराम पटेल, अशोक रजक, शीलाबाई बर्मन, प्यारेलाल बर्मन, सुशील बर्मन और शीलू बर्मन के मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
*सिमरिया में मौत का तांडव*
बस्ती के भीतर लोगों के घरों में पानी घुस गया। जिसके कारण गांव के वीरेंद्र सेन, कमलेश गौतम, महेश झारिया, सुभाष लखेरा, शरद असाटी के मकानों को क्षति पहुचीं । 
*पोंडी खुर्द के ग्रामीणों को गरीबी ने तोड़ा अब पानी का कहर बेघर किया*
बेलकुण्ड नदी के किनारे होने के कारण पोंडी खुर्द में जल प्लावन की ज्यादा समस्या है। यहाँ लोगों के मकान डूब गए। घर की छतों में फंसे चैनू चौधरी और कुँवर लाल बर्मन के परिवार के सदस्यों को रेस्क्यू टीम ने बाहर किया । नदिया टोला में रहने वाले आधा सैकड़ा लोगों को शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में शिफ्ट किया गया। जबकि आधा दर्जन ऐसे परिवार है, जिनके घर डूब गए हैं, गृहस्थी नष्ठ हो गई है ऐसे लोगों को जनपद सदस्य एडवोकेट अटल बिहारी बाजपेयी ने अपने घर में रुकने और भोजन की व्यवस्था की। गांव के नरेंद्र पटेल, गरीबा पटेल, राजू पटेल, आशीष पटेल, राकेश पटेल, महेन्द्र आदिवासी, रामखिलावन पटेल, बारे आदिवासी, रन्नू अदिवासी, अमर सिंह ठाकुर, चरुवेंद्र बर्मन सहित ढाई तीन दर्जन लोगों के घर ढह गए हैं ।  गृहस्थी और उपयोगी सामाग्री बह गई है। जनपद सदस्य अटल बिहारी बाजपेयी, समाजसेवी ब्रजेश पटेल, सुजश बाजपेयी अपने साथियों के लगातार लोगो की मदद करते रहे और प्रशासन को भी गांव की समस्या से अवगत कराया। गांव पानी के कारण चारों तरफ घिर गया है।  यहाँ घरों में इस कदर पानी भर गया है कि छतों पर लगे बिजली उपकरण भी डूब गए हैं, हालांकि बिजली बंद होने से किसी प्रकार की घटना नहीं हुई है।
*पिपरिया शुक्ल में बारिश का कहर*
बेलकुण्ड नदी का पानी पिपरिया शुक्ल से होकर निकलता है।  इसलिए इस गांव का आधा हिस्सा पानी मे डूबा रहा। कच्चे मकान पानी में डूबकर ढह।   गांव के पन्नालाल नामदेव, राममित्र पटेल, राजू पटेल, दुर्गा यादव, फूलचंद यादव, तेजी साहू आदि के मकानों को क्षति पहुचीं। यहाँ भी डूब में फंसे लोगों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित स्थान पर किया ।
*कछारगांव छोटा भी बारिश की चपेट में*
कछार गांव छोटा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। यहाँ गांव में पानी घुसने के साथ घरों में भी पानी भर गया। गांव के करीब पांच सौ लोगों ने गांव छोड़ दिया।  लोग किसी तरह बच्चों और कपड़े लेकर गांव के बाहर तक आ गए।  जिन्हें उमरियापान के चौरसिया मंगल भवन में शिफ्ट किया गया है। ग्राम पंचायत उमरियापान एवं नगरवासियों के सहयोग से पीड़ितों के रुकने और भोजन की व्यवस्था की गई। बनेहरी स्थित पेट्रोल पंप परिसर में भी बाढ़ का पानी आने से डीजल पेट्रोल की सप्लाई दो दिन बंद रही। जिससे कारण डीजल पेट्रोल के टैंक में भी पानी पानी चला गया। जिससे संचालक को नुकसान हुआ है। उमरियापान सिहोरा मार्ग पर पकरिया के समीप सिलपरा नदी का पानी पुल के ऊपर होने पर मार्ग को बंद करने पीडब्ल्यूडी और ग्राम पंचायत के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई।  उमरियापान थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय ने बताया कि ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के माध्यम से लोगों के डूब में फंसे होने की जानकारी मिली। वरिष्ठ अधिकारियों की सूचना पर एनडीआरएफ टीम पहुचीं। जो पोंडी खुर्द, ठिर्री, देवरी मंगेला, मंगेली, घुघरी, घुघरा, कछार गांव छोटा पहुचीं और रेस्क्यू कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। एसडीएम विंकी सिंह मारे उइके, ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान, सांसद हिमाद्री सिंह, सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम, गोविन्द प्रताप सिंह, विजय दुबे, जगदीश सोनी, प्रदीप चौरसिया आदि ने भी आम जनता को बचाने और सुरक्षित स्थान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बड़वारा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह के साथ कार्यकर्ता और जनपद सीईओ यजुवेंद्र कोरी, तहसीलदार आशीष अग्रवाल, नायब तहसीलदार अजय मिश्रा, थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय देररात उमरियापान के मंगल भवन पहुँचे। विधायक ने छोटा कछार गांव से यहाँ पहुँचे लोगों से चर्चा कर उनके हालात जाने।  विधायक ने ग्रामीणों के रुकने, खाने पीने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बारिश के चलते भमका गांव में दीवार गिरने से वर्षा सिंह पति धन्नू सिंह (45) नीचे दब गई। परिजनों ने महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उमरियापान ले जाना था लेकिन बारिश के चलते रास्ता बन्द होने से झिन्ना पिपरिया तक पहुँचे और रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। वहीं पिपरिया शुक्ल के ग्रामीणों के रुकने और खाने की व्यवस्था बरही सरपंच के द्वारा की गई है। पिपरिया शुक्ल सरपंच सुषमा रमेश उरमलिया ने भी लगातार आमजन को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

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