मध्य प्रदेश

अभाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शाम 4 बजे के बाद ‘तालाबंदी’ जैसी स्थिति ; 25 गांवों के लोग खतरे में

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी  
दमोह । मुख्य हाईवे पर स्थित अभाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रात्रिकालीन ड्यूटी डाक्टर ना होने की वजह से क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों के निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों और एक ऑन-साइट रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में शाम के 4 बजे के बाद डॉक्टरों की उपस्थिति शून्य हो जाती है, जिससे रात के समय आने वाले दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन मरीजों को भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
*डिलीवरी के बाद भी डॉक्टर नदारद*
अस्पताल में हाल ही में एक बच्चे की डिलीवरी हुई थी, इसके बावजूद शाम 4 बजे के बाद मौके पर कोई भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं था। अस्पताल के अंदर केवल एक महिला सफाई कर्मचारी मौजूद थी, जबकि डॉक्टर अपनी ड्यूटी खत्म होने के घंटों पहले ही जा चुके थे। एक पीड़ित परिजन ने बताया कि डॉक्टर साहब दोपहर 3 बजे ही केंद्र छोड़कर चले गए थे।
*इमरजेंसी में दमोह का रेफर अनिवार्य*
अभाना स्वास्थ्य केंद्र मुख्य मार्ग पर स्थित है और आसपास के लगभग 25 गांवों के लिए चिकित्सा का एकमात्र बड़ा केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि जब रात में कोई गंभीर मामला या सड़क दुर्घटना होती है, तो प्राथमिक उपचार की सुविधा भी नहीं मिल पाती है और मरीजों को दमोह के लिए रेफर करना पड़ता है। रात के समय, यह सफ़र कई बार मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
*कलेक्टर से अपील*
लोगो ने स्वास्थ्य विभाग और जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि रात में डॉक्टरों की ड्यूटी अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि हाईवे से गुजरने वाले और स्थानीय निवासियों को आपातकाल में समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। वर्तमान में, अस्पताल केवल एक बिल्डिंग बनकर रह गया है, जो रात के समय किसी काम का नहीं है।

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