ज्योतिष

हिंदू नववर्ष की कुंडली में यह बड़ा संकेत, जानें कैसा रहेगा अगला 1 साल

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🔮 हिंदू नववर्ष की कुंडली में यह बड़ा संकेत, जानें कैसा रहेगा अगला 1 साल
चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि के समय सूर्य और चंद्रमा के मीन राशि में सामान अंशों पर आने पर बनने वाली कुंडली से अगले 12 महीनों के आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक परिवर्तनों के संबंध में ज्योतिषीय फलकथन किया जाता है। हिंदू नववर्ष एक चैत्र प्रतिपदा से दूसरी चैत्र प्रतिपदा तक लगभग 12 महीनों तक रहता है। वर्ष भर की अवधि के स्थूल अवलोकन के लिए हिंदू नववर्ष की कुंडली तथा सूक्ष्म फलकथन के लिए ‘सूर्य संक्रांति’, पूर्णिमा और अमावस्या के समय की कुंडलियों का अध्ययन से ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार किया जाता है। इस वर्ष 21 मार्च को रात्रि 10 बजकर 53 मिनट पर सूर्य और चंद्रमा मीन राशि में सामान अंश पर होने से हिंदू नववर्ष की कुंडली इस वर्ष भारतीय समयानुसार वृश्चिक लग्न की बन रही है।
🪐 हिंदू नव वर्ष 2023 के राजा होंगे बुध ग्रह

हिंदू नव वर्ष चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि को 22 मार्च दिन बुधवार को है। इस नव वर्ष का प्रवेश शुक्ल नाम के योग तथा नाग करण में हो रहा है। अगले दिन सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि के रहने से इस वर्ष के राजा बुध ग्रह होंगे। बृहत् संहिता के अनुसार वर्ष के राजा बुध होने पर कलाकारों, जादूगरों, खेल-तमाशा दिखावे वाले, गायकों और लेखकों को विशेष लाभ होता है। राजाओं (बड़े नेताओं) के व्यवहार में बड़े बदलाव आने से नए समीकरण बनते हैं।
📡 अर्थव्यस्था में होगा सुधार लेकिन किसानों की बढ़ सकती हैं मुश्किल
हिंदू नववर्ष की वृश्चिक लग्न की कुंडली में लाभ के स्थान एकादश भाव को पंचम भाव (लक्ष्मी स्थान) में बैठे सूर्य, चंद्रमा, गुरु और बुध के साथ-साथ अष्टम भाव में बैठे मंगल की दृष्टि पड़ने के कारण आर्थिक विकास दर में तेजी आएगी तथा बेरोजगारी दर में कमी आएगी। वर्तमान में भारत में बेरोजगारी की दर 7 प्रतिशत से अधिक है, जिसमें अगले एक वर्ष में नई नौकरियों के सृजन से कुछ गिरावट देखने को मिलेगी।
लेकिन हिंदू नव वर्ष की कुंडली में कृषि के स्थान यानी चतुर्थ भाव में बैठे शनि तथा नवांश में चतुर्थ भाव में बैठे पाप ग्रह मंगल के प्रभाव के चलते किसानों को पहले असामान्य वर्षा और फिर फसल की उचित कीमत न मिल पाने के चलते हानि हो सकती है। वर्ष 2023 के अंत तक केंद्र और राज्य सरकारों को कई बड़े किसान आंदोलनों का सामना करना पड़ सकता है।
🧑🏻‍🎓 विद्यार्थियों और कलाकारों के आएंगे अच्छे दिन
वृश्चिक लग्न की हिंदू नववर्ष की कुंडली में पंचम भाव में बैठे पंचमेश गुरु का लाभ के स्वामी बुध से बन रहा योग दशमेश सूर्य और नवमेश चंद्रमा की युति के कारण एक बड़ा राजयोग और धन योग बना रहा है। इन योगों के प्रभावों के चलते अगले एक वर्ष में भारत के कलाकार और वैज्ञानिक देश-विदेश में बड़ी ख्याति अर्जित करेंगे।
भारत के किसी वैज्ञानिक या शिक्षाविद को नोबेल या कोई अन्य बड़ा प्रतिष्ठित पुरस्कार अगले एक वर्ष में मिल सकता है। देश में नयी शिक्षा नीति और सरकारी नौकरियों के सृजन से विद्यार्थियों को लाभ होगा। फिल्म जगत, पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी इस वर्ष बड़ा आर्थिक लाभ होने की संभावना है।
🤴🏻 सरकार और विपक्ष में बढ़ेगी तल्खी
इस वर्ष की हिंदू नववर्ष कुंडली में सप्तम भाव (विपक्ष) का स्वामी शुक्र विवाद के स्थान यानी छठे घर में राहु के साथ होने से पीड़ित होंगे। शुक्र नवांश में भी हानि के स्थान यानी बाहरवें घर में पीड़ित होने से इस साल महिलाओं की प्रति आपराधिक घटनाएं बढने की आशंका रहेगी, सेक्स स्कैंडल्स, विदेशी षड्यंत्रों के चलते केंद्र और कुछ राज्य सरकारों में बड़ा तनाव पैदा हो सकता है।
विपक्ष के कुछ बड़े नेताओं को कानूनी मामलों में उलझना पड़ सकता है। सप्तमेश शुक्र के पीड़ित होने से किसी प्रसिद्ध महिला की मृत्यु या वैवाहिक तनाव की खबर देश में सनसनी मचा सकती है। लग्नेश (केंद्र सरकार की कैबिनेट) मंगल के विनाश के स्थान यानी अष्टम भाव में जाने से किसी बड़े मंत्री के साथ कुछ अनहोनी घटना घटित हो सकती है, ऐसी आशंका दिखती है।

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