भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत इसलिए उठाया की इंद्र का घमंड दूर हो सके :रागिनी शास्त्री

श्रीमद् भागवत कथा में आज गोवर्धन पूजा और माखन छोरी की कथा का बखान किया
रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा । पलेरा के वार्ड नं. 1 सूरजपुरा रोड पूर्व विधायक प्रतिनिधि हरसेवक राजपूत के निज निवास पर सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें कथावाचक बाल विदुषी परम साध्वी रागिनी शास्त्री द्वारा पांचवें दिन की कथा गोवर्धन पूजा एवं माखन चोरी की लीला का मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रवण कराई गई श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को गोवर्धन पूजा और माखन चोरी की कथा सुनाई गई। गोवर्धन पूजा में, श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के क्रोध से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाकर सात दिन तक रखा था। वहीं माखन चोरी की कथा में, श्रीकृष्ण बाल्यकाल में माखन चुराकर खाने की लीला का वर्णन किया गया है।
गोवर्धन पूजा:
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।
श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र की वर्षा से बचाया था।
यह उत्सव अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है।
माखन चोरी:
श्रीकृष्ण बाल्यकाल में यशोदा के घर से माखन चुराकर खाते थे।
यशोदा उन्हें माखन चोरी के लिए डाँटती थीं, लेकिन श्रीकृष्ण तुरंत अपना मुंह खोलकर दिखा देते थे कि उन्होंने माखन नहीं खाया।
माखन चोरी की लीला श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की एक प्रसिद्ध लीला है।
भागवत कथा में माखन चोरी की लीला के बाद गोवर्धन पूजा का प्रसंग चला। श्रीवृंदावन धाम से आई बाल विदुषी साध्वी रागिनी शास्त्री ने बताया कि गोवर्धन का अर्थ है गौ संवर्धन। भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत मात्र इसीलिए उठाया था कि पृथ्वी पर फैली बुराइयों का अंत केवल प्रकृति एवं गौ संवर्धन से ही हो सकता है।
भागवत कथा में श्रीकृष्ण बाल लीला, माखन चोरी एवं गोवर्धन पूजा के प्रसंग सुनकर …भागवत कथा में श्रीकृष्ण … भागवत आचार्य ने श्रीकृष्ण की माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि माखन चोरी और गोवर्धन लीला की कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु। कथा में हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा।

