सुनार नदी से करीब 4 करोड की अवैध मिट्टी खोद डाली ठेकेदार ने

खैराना, मढी जमुनिया, खामखेडा मार्ग निर्माण में हुआ उपयोग
मामला आया सुर्खियो मे, अवैध खनन के मामले में एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश
नायब तहसीलदार ने एसडीओ लोक निर्माण से मांगी जानकारी
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । लाखो रुपये बचाने के चक्कर मे अवैध उत्खनन करने वाले माफिया ठेकेदारो के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि वह सडक निर्माण के दौरान लगभग दो माह तक खैराना से मढ़ी जमुनिया खामखेड़ा रोड बनाने के लिए पोकलेन मशीन, जेसीबी मशीन एवं कई डंपरों से सुनार नदी के किनारे की तटीय भूमि की बहुमूल्य मिट्टी चोरी छिपे शासन प्रशासन की आखो मे धूल झौककर अवैध रुप से खनन करते रहे और किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। बतादे की जब नदी खोखली हो गई तब गांव वालो को इसका पता चला तो ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विरोध किया और तत्काल ही संबधित अधिकारियो को इसकी सूचना दी तथा ठेकेदार की इस अवैध करतूत के समाचार समाचार पत्रो में प्रमुखता से छपे तो इसका खुलासा होते ही समाचार पत्रो मे प्रकाशित हुई खबर को संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने जांच के निर्देश दिए और तत्काल नायब तहसीलदार ने कार्यवाही के लिए अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग से ठेकेदार की जानकारी मांगी इस संबंध में नायब तहसीलदार ने बताया कि पटवारी द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि बहुत अधिक अवैध उत्खनन हुआ है उत्खनन के संबंध में नापतोल होने के बाद एवं प्राप्त फोटो वीडियो एवं ठेकेदार की जानकारी मिलने के बाद प्रभावी कार्यवाही हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को प्रकरण भेजा जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा खैराना से मढ़ी जमुनिया खामखेड़ा सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लगभग दो माह तक पोकलेन मशीन जेसीबी मशीन एवं कई डंपरों से सुनार नदी की मिट्टी अवैध रूप से निकाली गई इस दौरान कई बहुमूल्य दुर्लभ वृक्ष पौधे जलीय जीव जन्तुओ को भी क्षति पहुंची है। उन वृक्षों का भी अवैध रुप से विक्रय एवं परिवहन किया गया है मिट्टी से सड़क का निर्माण कार्य कराया गया है।
ग्रामीण एवं पत्रकारों द्वारा जब इस संबंध में जानकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं नायब तहसीलदार को वीडियो एवं फोटो सहित उपलब्ध कराई गई है। वहीं प्रमुखता से प्रकाशित समाचार के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार द्वारा खैराना से मढ़ी जमुनिया खामखेड़ा सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उक्त सड़क की लंबाई लगभग 7 किलोमीटर है, जिसकी लागत 6 करोड रुपए से अधिक है उक्त सड़क में अर्थ वर्क के कार्य के लिए सुनार नदी की मिट्टी का उपयोग किया गया है जिसको लेकर शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। नदी में मिट्टी के उत्खनन को लेकर किसी भी प्रकार की कोई भी अनुमति नहीं दी जाती है फिर भी लगभग दो माह तक खुलेआम अवैध उत्खनन चला रहा जिसके कारण सुनार नदी के दोनों किनारे से मिट्टी निकाली गई कई वृक्ष भी क्षतिग्रस्त किए गए हैं जिसको लेकर शिकायत भी की जा रही है जानकारी के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी शिकायत की जा रही है संबंध में पीपुल्स फॉर एनिमल संस्था के संभागीय अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि सुनार नदी में हुए अवैधानिक उत्खनन के कारण नदी की स्थिति में भी परिवर्तन हुआ है वही सैकड़ो जीव को क्षति पहुंचाई गई है कई प्रकार के वृक्ष को को गिराया गया है जिससे शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। नेशनल ग्रिन ट्रिब्यूनल को प्रमाण सहित शिकायत दर्ज करने की कार्यवाही चल रही है।
इस संबंध में मुनव्वर खान एसडीएम देवरी का कहना है कि एक तो मामले में नायब तहसीलदार को जांच हेतु निर्देशित किया गया है जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।




