MPPSC टॉपर रायसेन की अंकिता, परिवार का साथ मिलने से प्राप्त हुई सफलता

रायसेन । मध्य प्रदेश के टॉप-10 रैंकर्स में से 7 लड़कियां हैं. इन्हीं में शामिल हैं रायसेन शहर की बेटी अंकित पाटकर जिन्होंने 1575 में से 942 अंक हासिल करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है. इस नतीजे के साथ प्रदेश के इन अभ्यर्थियों को 24 डिप्टी कलेक्टर, 13 डीएसपी, जिला पंजीयन सहायक, वाणिज्य कर अधिकारी, श्रम अधिकारी, नगर पालिका अधिकारी सहित कई पदों पर नियुक्तियां मिलेंगी।
अंकिता पाटकर, एमपी के रायसेन की रहने वाली है। जिनके पिता दौलतराम पाटकर पोस्ट ऑफिस एजेंट हैं। मां चंद्रकला पाटकर हाल ही में सहायक शिक्षिका के पद से रिटायर हुई हैं। अंकिता 5 भाई-बहन हैं। सभी पांच बहनें सरकारी जॉब में हैं। भाई सबसे छोटा है, जो पीएससी की तैयारी कर रहा है।
अंकिता की प्राइमरी की पढ़ाई रायसेन के करियर ब्राइट कॉन्वेंट स्कूल से हुई। इसके बाद नवोदय विद्यालय बाड़ी का एग्जाम दिया। उन्होंने बताया कि उसके लिए मुझे मेरी बड़ी बहन सुमन पटवा ने पढ़ाया और गाइड किया। मैंने एग्जाम क्लीयर कर लिया था। नवोदय विद्यालय में पढ़ाई अच्छी होती है।
नवोदय विद्यालय से मेरे बेसिक्स बहुत स्ट्रांग हो गए। हर सब्जेक्ट को लेकर मेरे कॉन्सेप्ट काफी डेवेलप थे। फिर मैंने भोपाल के इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस हायर एजुकेशन (आईईएचई) भोपाल से मैथेमेटिक्स ऑनर्स और फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया। वहां से भी मुझे काफी मदद मिली। कॉलेज में रेगुलर क्लासेस लगती थी, लैब में एक्सपेरिमेंट होते थे। उससे भी कॉन्सेप्ट और बेहतर होते गए। साथ को-करिकूलर एक्टिविटीज से एक्सपोजर मिला।
ग्रेजुएशन के बाद मुझे पता चला कि पीपल गर्ल एसोसिएशन स्कीम से ओबीसी बच्चों को फ्री ऑफ कॉस्ट सिविल सर्विसेज की तैयारी करवाई जा रही थी। मैंने उस स्कीम में एनरोल किया और एग्जाम की तैयारी की। वहां सीके शर्मा सर और सीएम सर ने मुझे पढ़ाया। फिर 2019 में मैंने प्रीलिम्स और मेन्स क्लीयर किया। इंटरव्यू तक पहुंची, पर 13% में ओबीसी होल्ड होने की वजह से मेरा रिजल्ट नहीं आया। मैंने 2020 में एग्जाम दिया, पर प्रीलिम्स क्लीयर नहीं हुआ।
इसके बाद मैंने 2021 में फिर कोशिश की दूसरी कोचिंग शुरू की। टेस्ट सीरीज जॉइन की, वहां से मेन्स का कंटेंट लिया। फिर वहां के नोट्स से भी तैयारी की। इस बार रिजल्ट पॉजिटिव रहा। लास्ट ईयर मेरा वर्ग तीन प्राइमरी शिक्षक में सिलेक्शन हुआ था। साथ ही अभी व्यापमं, पटवारी ग्रुप-4 का एग्जाम भी क्लियर किया था। उसमें मेरा सिलेक्शन सहायक विकास विस्तार अधिकारी के पद पर हुआ और मैंने मार्च में ही ड्यूटी जॉइन की।
इस पूरी जर्नी में मेरे परिवार और मेरे भाई-बहन सभी ने बहुत साथ दिया। मैंने जहां भी काम किया इनका मुझे पूरा सपोर्ट मिला। मेरे सभी टीचर्स ने भी मुझे हर समय गाइड किया। 2019-2020 में जब एग्जाम क्लीयर नहीं कर पाई, तब डि-मोटिवेट हो गई थी। परिवार और टीचर्स से मुझे इमोशनल सपोर्ट मिला। सभी ने कहा, तुम कर सकती हो। मन में हमेशा विश्वास था, पर पता नहीं था टॉपर रहूंगी।



