नर्मदा नहर टनल परियोजना कांग्रेस शासन की ऐतिहासिक देन

5200 करोड़ की प्रशासकी स्वीकृति कांग्रेस सरकार ने दी – करण सिंह चौहान
निर्माण में कमलनाथ सरकार में मिली गति, सांसद विवेक तंखा भी रहा योगदान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष तथा छिंदवाड़ा प्रभारी करण सिंह चौहान ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा है कि विंध्य और महाकौशल की जीवन रेखा मानी जाने वाली ‘नर्मदा दाईं तट नहर परियोजना’ (बरगी दाईं तट व्यपवर्तन नहर) पूरी तरह से कांग्रेस सरकार की दूरगामी सोच और ऐतिहासिक देन है । मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने 2023 – 2025 में टनल निर्माण व नहर निर्माण में गति प्रदान की गई एवं राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने भी समय-समय पर नर्मदा नहर निर्माण के लिए संसद में आवाज उठाई उनके भी योगदान को याद किया जाना चाहिए ।
भाजपा सरकार आज इस विशाल परियोजना का श्रेय लेने की होड़ में जुटी है, जबकि इसकी असल नींव और आधारशिला मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी ।
करण सिंह चौहान ने तथ्यों को सामने रखते हुए बताया कि जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, तब सन 1997 में इस अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना को ₹5200 करोड़ की भारी- भरकम राशि के साथ प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी । इसके पश्चात सन 1999 में इस योजना का विधिवत भूमिपूजन कर काम को आगे बढ़ाया गया था ।
भारत में नर्मदा बेसिन को गंगा बेसिन से जोड़ने वाले इस पहले और अनोखे प्रोजेक्ट का विज़न सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी का था, ताकि महाकौशल और विंध्य के सूखाग्रस्त इलाकों तक नर्मदा मैया का जल पहुँचाया जा सके।
*मुख्यमंत्री का दौरा और भाजपा की लेती-लतीफी*
कांग्रेस नेता करण सिंह चौहान ने तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि ‘जल्दी ही नहर में नर्मदा जल प्रवाहित किया जाएगा’, कांग्रेस के उसी विज़न की पुष्टि करता है जिसे भाजपा ने अपने 22 साल के शासनकाल में कछुआ गति से चलाकर लटकाए रखा।
उन्होंने कहा जिस परियोजना को 2013 तक पूरा हो जाना चाहिए था, उसे भाजपा की प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार के कारण पूरा होने में डेढ़ दशक लग गए।
*इन जिलों को मिलेगा कांग्रेस के विज़न का लाभ*
करण सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1997 के DPR में ही यह तय कर दिया था कि इस 197 किलोमीटर लंबी नहर और स्लीमनाबाद टनल प्रणाली के माध्यम से कटनी, मैहर, सतना, रीवा, सीधी और जबलपुर जिलों के 6 लाख 85 हजार हेक्टेयर से अधिक खेतों को सींचा जाएगा और लाखों ग्रामीणों व शहरों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आज यदि विंध्य और महाकौशल के इन जिलों में नर्मदा का जल पहुँचने की उम्मीद जागी है, तो इसका पूरा श्रेय कांग्रेस की तत्कालीन सरकार, उसकी नीतियों और दूरदर्शी सोच को जाता है। भाजपा सरकार को केवल फीता काटने और श्रेय लेने की राजनीति छोड़कर जनता के सामने यह सच स्वीकार करना चाहिए कि इस भागीरथी प्रयास की शुरुआत कांग्रेस ने ही की थी ।



