भारतीय दण्ड नहीं अब न्याय प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई

नये कानून लागू होने को लेकर उमरियापान में पुलिस ने जनसंवाद कर किया जागरूक, कहा कानून होंगे सख्त, जल्द निपटेंगे मुकदमे
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । देश भर में भारतीय न्याय संहिता ( बीएनएस ) लागू होने के बाद उमरियापान में भी नए कानून को लेकर पुलिस की ओर से चौरसिया मंगल भवन में जनसंवाद कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय, नायब तहसीलदार अजय मिश्रा, बीएमओ ड़ॉ बीके प्रसाद ने नये और पुराने कानून में हुए बदलाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी ढांचे में बदलावों के बारे में सामान्य जन के बीच जागरूकता और समझ बढ़ाना है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया और नए प्रावधानों पर चर्चा की। थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय ने बताया कि अब कानून सख्त हो रहे हैं,इसलिए हमें कानून के दायरे में रहकर ही काम करना हैं, क्योंकि अब भारतीय दंड संहिता ( आईपीसी ) नहीं रही बल्कि भारतीय न्याय संहिता 2023 ( बीएनएस ) हो गई है । हम सबको उसका पालन करना हैं और अपने जानने वालों को समझाना हैं कि अब कानून सख्त हो गया हैं, अपन अपराध न करें । उन्होंने बताया कि नए कानून में अब दंड नहीं न्याय मिलेगा। फरियादी किसी भी थाने में पहुँचकर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं । नए कानून से मुकदमे जल्दी निपटेंगे और तारीख पर तारीख के दिन टल जाएंगे। नए कानूनों में कुछ धाराएं हटा दी गई है, तो कुछ नई धाराएं जोड़ी गई हैं।दरअसल एक जुलाई से देश में आईपीसी सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू हो रहे हैं। इस मौके पर सरपंच अटल ब्यौहार, विजय दुबे, राजेश चौरसिया, राजेश ब्यौहार, संतोष दुबे, जगन्नाथ मांझी, यतेन्द्र गौतम, प्रदीप चौरसिया, रामकृष्ण दीक्षित, संदीप सोनी, विनोद साहू, सिद्धार्थ दीक्षित, शैलेन्द्र पौराणिक, आशीष चौरसिया, एडवोकेट मनमोहन मिश्रा, अवधेश कटारिया, राकेश दाहिया, राजेश राय, सुशील कोरी, यज्ञदत्त कुररिया, सुशील पाल, योगेंद्र सिंह, सुशील मिश्रा, अंकित झारिया, राजेंद्र चौरसिया, पत्रकार सतीश चौरसिया सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवाओं व अन्य लोगों की उपस्थिति रही ।



