अब मां और भाई नहीं करेंगे दखल, इस शर्त पर एक हुए पति-पत्नी
परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में चार परिवारों में हुआ राजीनामा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। पत्नी की मां और भाई के कारण टूटने की कगार पर पहँचे पति पत्नी के रिश्ते को आखिरकार दोनों की समझदारी ने बचा लिया। पत्नी ने इस बात का वचन दिया है कि आगे से उसकी मां और भाई अब उसके दाम्पत्य जीवन मे दखल नहीं देंगे और यदि ऐसा करते है तो वह खुद उन्हें अलग कर देगी। उसने पति से एक अवसर और दिए जाने की मांग की। दरअसल पत्नी की माँ और बीमार भाई का कोई आसरा नही होने से वह बेटी और दामाद के साथ ही रहे है। इसी वजह से दोनों में विवाद हो गया और मामला थाने तक पहुँच गया लेकिन परिवार परामर्श केंद्र की समझाइश के बाद पति राजी हो गया और फिर अपने उजड़ते घर को बसा लिया।
रायसेन निवासी एक दंपत्ति में पत्नी की मां और भाई के कारण खासा विवाद हो गया था। भाई और पति के बीच हाथापाई के कारण मामला थाने तक पहुँच गया, दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत कर दी। इसके बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र में रखा गया। जहां सुनवाई के बाद सामने आया कि पत्नी की मां और भाई भी उनके साथ रहते है जिसकी वजह से उनमें विवाद होता है। पति इस बात पर अड़ा हुआ था कि पत्नी की मां और भाई की वजह से उनमें विवाद होता है, इसलिए अब वह अलग रहें, लेकिन पत्नी मां और भाई को साथ ही रखना चाहती थी। हालांकि पत्नी ने कहा कि अब वह इस बात का ख्याल रखेगी कि उसकी माँ और भाई उन दोनों के बीच मे दखल नहीं देंगे। यदि अब कोई दिक्कत देंगे तो वह खुद उन्हें अलग कर देगी, उसने पति से एक अवसर और दिये जाने की गुहार लगाई, जिस पर समझाइश के बाद पति तैयार हो गया।
मंगलवार को बैठक में कुल 7 प्रकरण रखे गए थे, जिसमें से 3 प्रकरणों में राजीनामा कराया गया तथा लगातार अनुपस्थित रहनें पर 4 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। सभी 7 प्रकरण निराकृत किए गए। परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में एसडीओपी अदिति भावसार, अध्यक्ष कैलाश श्रीवास्तव, सलाहकार अशोक गुप्ता, चेतन राय, अनीता राजपूत, एएसआई अनिल वर्मा, आरक्षक लोकेंद्र मोर्य उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि एसपी विकास शहवाल के मार्गदर्शन में हर मंगलवार को एसडीओपी कार्यालय में परिवार परामर्श केंद्र की बैठक आयोजित की जाती है, जिसके माध्यम से परिवारिक विवादों को आपसी सहमति के सुलझाने का प्रयास किया जाता है।



