गोपालपुर के पूर्व प्राचार्य गणेश यादव के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट की रोक

आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल शिक्षक के अभ्यावेदन का करें निराकरण: हाईकोर्ट
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । गोपालपुर पीएम श्री स्कूल के प्रभारी प्राचार्य रहे गणेश यादव का नियम विरुद्ध तरीके से जबलपुर जिले के कटंगी स्थानांतरण कर दिया गया था। राजनैतिक हस्ताक्षेप के चलते नियम विरुद्ध तरीके से किये गए स्थानांतरण के बाद शिक्षक के द्वारा इस संबंध में एक रिट याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर में लगाई गई। प्रारंभिक तर्कों को सुनने के बाद माननीय न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक के स्थानांतरण और कार्यमुक्त पर रोक लगाया है। शिक्षक के अभ्यावेदन पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्णय लेने भी आदेशित किया है। शिक्षक का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी ने बताया कि याचिकाकर्ता कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड के शासकीय पीएम श्री हाईस्कूल में माध्यमिक शिक्षक के पद पर पदस्थ रहे। बीते 17 जून को शिक्षक का स्थानांतरण शासकीय हाई स्कूल कटंगी जिला जबलपुर कर दिया गया था । शिक्षक की शिकवा शिकायत के चलते गोपालपुर स्कूल के पूर्व प्राचार्य को शासकीय माध्यमिक शाला गौरा में अटैच किया गया था। शिक्षक जिस स्कूल में पदस्थ रहा वहाँ छात्र शिक्षक अनुपात के अनुरूप शिक्षक की कमी हैं । गोपालपुर स्कूल में गणित विषय का एक मात्र शिक्षक है, उनके स्थान पर कोई अन्य शिक्षक ने जॉइन नहीं किया। न ही किसी शिक्षक का स्थानातंरण हुआ । इसके बावजूद याचिकाकर्ता का स्थानांतरण 125 किलोमीटर दूर कर दिया गया।इतना ही नहीं शिक्षक को संकुल प्राचार्य के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कार्यमुक्त कर दिया गया। परेशान शिक्षक ने अधिकारियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, परंतु कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके बाद शिक्षक ने अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की । जिस पर न्यायालय ने यह पाया कि याचिकाकर्ता का स्थानांतरण नियम अनुसार नहीं हुआ है । न्यायालय द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल को आदेशित किया है कि प्रार्थी को स्थानांतरण वाली संस्था में जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाए एवं प्रार्थी को अपनी पूर्व की संस्था शासकीय हाई स्कूल गोपालपुर में कार्य करने की अनुमति प्रदान करे। इसके साथ ही आयुक्त भोपाल को निर्देशित किया है कि प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर विचार करते हुए विधि सम्मत आदेश पारित करें।



