पटवारी ने हेराफेरी कर नक्शा बिगाड़ा, भ्रष्टाचार का भी आरोप

रिपोर्टर : प्रशांत जोशी
रायसेन जिले की देवरी का मामला
देवरी । भोपाल टू जबलपुर फोर लाइन मार्ग में तहसील देवरी कस्बा देवरी जिला रायसेन की कृषि भूमि में पटवारी शरीफ पुष्पेंद्र शर्मा एवं आरती सोनी आरआई द्वारा व्यापक पैमाने पर रिकॉर्ड एवं नक्शा में हेरा फेरी कर भ्रष्टाचार किए जाने का आरोप लगाए जा रहे है।
नंबर 1 पुष्पेंद्र शर्मा पटवारी साहब देवी हलके पर 15 से 20 वर्ष रहकर रोड में अधिकृत भूमि कमलेश आत्मज शिवराम रघुवंशी की कुल भूमि 6 एकड़ 24 डेसिमल रकबा था जिसमें 4.20 एकड़ रोड में निकल गया जिसका मुआवजा पटवारी द्वारा दिलाया गया तथा रकवा 185 रोड पर उत्तर में गया रोड के उसे पर जो नितिन आत्मज विष्णु प्रसाद के नाम कर दिया गया दक्षिण में शेष रखवा खसरा नंबर 26 कमलेश रघुवंशी का 0.19 डेसिमल यानी 19 डेसिमल लड़का का कुल बचा है जिसका रकबा पूरा का पूरा 6 24 आज दिनांक तक रिकॉर्ड में बना हुआ है तथा नक्शा को बिगाड़ कर पटवारी द्वारा दक्षिण में रोड पर कर दिया गया है रिकॉर्ड में हेरा फेरी एवं व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार किया गया है। तथा खसरा नंबर 25 पर रामचरण पिता हल्केवीर एवं तुलसीराम के बर्तनों के नाम 5 एकड़ 15 डेसिमल पत्र रकबा है उसे पर अवैध रूप से कब्जा कराया जा रहा है नक्शा भी कम किया गया है नंबर दो इसी प्रकार हिफजुर रहमान के नाम के बाद रकबा खसरा नंबर 24 रकबा 168 एकड़ था जिसका मुआवजा 0.66 एकड़ का पटवारी द्वारा इन लोगों को दिलाया गया उत्तर में शेष रखवा रहता ही नहीं है दक्षिण में शेष रखवा रहे बचता ही नहीं है उत्तर में 1.02 एकाद यानी 1 एकड़ 2 डेसिमल रकबा जो है उत्तर में चला गया जो किसी दूसरे के नाम पर है और 66 0.66 टिकट मतलब 66 डेसिमल रखवा रोड में चला गया है इनका इस तरफ रकवा जो है दक्षिण में बचता ही नहीं है फिर भी पटवारी द्वारा एवं आरआई की मिलीभगत से फर्जी रखवा एक 36 एकड़ बनाकर सौरभ एवं नेहा माहेश्वरी के नाम से बनाकर सीमांकन कर हमारे पूर्व दिशा में तीन सेट बनवा कर दिया गया है इस तरह भ्रष्टाचार किया गया है। पटवारी पुष्पेंद्र शर्मा द्वारा शासकीय भूमि तुलसी नगर में अतिक्रमण कर 100 वर्षों में मकान बनाया गया है फोर लाइन पर लगभग 50 x 30 में भोजनालय बनाकर चौरसिया भोजनालय के नाम से चल रहा है इसी तरह फोर लाइन पर शासकीय भूमि को स्वर्गीय हल्कू चौरसिया के नाम कर तथा पुत्र मखन चौरसिया के नाम करके करोड़ों की भूमि खरीद कर लगभग डेढ़ एकड़ में गार्डन बनाया जा रहा है वर्ष 2010-11 में कई लोगों को फर्जी मुआवजा दिलाया गया है जो भूमिहीन है उनको भी फर्जी खसरा नंबर भूमि 10 का दर्शाकर शासन को राजस्व की हानि पहुंचाई गई है यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो और भी आगे जुलाई हो सकते हैं।



