PM Aavas की राशि हड़प गया रोजगार सहायक, शिकायत के बाद भी अधिकारियों की आंखों में बंधी हैं पट्टी

ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत बरेली का मामला
रोजगार सहायक को बचाने भरसक प्रयास कर रहे साहब
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बरेली के रोजगार सहायक सचिव के द्वारा एक हितग्राही के पैसे हड़पने का मामला सामने आया है। संबंधित हितग्राही का पीएम आवास के लिये चयन हुआ था लेकिन रोजगार सहायक के द्वारा खाता नम्बर बदलकर उक्त राशि किसी दूसरे खाता नम्बर में डाल दी, लेकिन जिस हितग्राही का पीएम आवास स्वीकृत हुआ है उसे आज दिनांक तक उक्त राशि नहीं मिली है ।
इस संबंध में शिकायतकर्ता शिवकुमार रजक ने बताया कि 2022 में मेरा नाम प्रधानमंत्री आवास की लिस्ट में आया था। जिसकी जानकारी मुझे ग्राम पंचायत रोज़गार सहायक के द्वारा दी गई और उन्होंने बताया कि आपकी राशि बहुत जल्द आने वाली है कुछ दिन के बाद जब राशि नहीं आई तो मैंने रोज़गार सहायक सचिव बीरू पाण्डेय से पूछा कि मेरे खाते में राशि अभी तक नहीं आई तो रोज़गार सहायक के द्वारा बताया गया कि आपका नाम नहीं है बल्कि ग्राम के ही शिवकुमार पिता सुमेरा का नाम आया है। जब रोज़गार सहायक के द्वारा ऐसा जवाब दिया गया तो शिकायतकर्ता को शंका हुई तब उसके द्वारा जानकारी लेने पर यह ज्ञात हुआ कि शिवकुमार रजक पिता छोटेलाल के नाम से 1,20,000 की राशि निकाली जा चुकी है । इस संबंध में शिकायतकर्ता के द्वारा रोजगार सहायक से बात की गई तो उसके द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। चूंकि प्रधानमंत्री आवास के लिये शिकायतकर्ता शिवकुमार रजक का नाम आया था और गांव में एक अन्य शिवकुमार रजक है जिसमें पिता के नाम अलग अलग है बावजूद इसके रोजगार सहायक के द्वारा राशि का आहरण कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि मेरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में आया था तो अचानक गायब कैसे हो गया।
सीएम हेल्पलाईन-जनसुनवाई बनी मजाक
यहां पर यह स्मरण रहे कि शिकायतकर्ता के द्वारा इस संबंध में जनसुनवाई तथा सीएम हेल्पलाईन 181 में भी शिकायत की गई बावजूद इसके आज दिनांक तक उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है और उल्टा अधिकारियों के द्वारा रोजगार सहायक को बचाने के लिये भरसक प्रयास किये जा रहे है। शिकायतकर्ता ने बताया कि मेरे द्वारा सीएम हेल्पलाईन में शिकायत की गई थी जिसका शिकायत नं-25709107 है। मेरी उक्त शिकायत पर किसी तरह की कार्यवाही नहीं की गई और मेरी शिकायत बिना मेरी संतुष्टि के बंद कर दी गई है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब अधिकारी अपने अधिनस्थ कर्मचारी को बचाने के लिये प्रयासरत हो इसके पहले भी कई अन्य मामले सामने आ चुके है ।
शिकायत मत करो, थोड़ा-थोड़ा करके दे देंगे
जैस ही यह मामला अखबारों की सुर्खिया बना तब रोजगार सहायक बीरू पाण्डेय के द्वारा शिकायतकर्ता से कहा गया कि जो भी राशि निकाली गई है वह थोड़ी-थोड़ी करके तुम्हे दे दी जायेगी तुम शिकायत नहीं करो । शिकायतकर्ता ने बताया कि पहले रोजगार सहायक के आश्वासन के कारण मैं कहीं भी शिकायत नहीं कर रहा था लेकिन उनके द्वारा जब राशि देने से मना किया जा रहा है जिस कारण से मेरे द्वारा शिकायत की गई है लेकिन अधिकारियों के द्वारा मेरी शिकायत पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं जा रही है।



