स्वच्छ भारत अभियान में पलीता लगा रहे परसेल सरपंच-रोजगार सहायक
स्वच्छता अभियान मुक्ति का ढिढोरा पीट रही पंचायत, हकीकत कोसों दूर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत में परेसल में किस तरह से शासन के पैसों की होली खेली जा रही है यह इस बात से ही समझा जा सकता है जहां पर खुले में शौच मुक्ति अभियान के तहत लाखों रुपये की राशि खर्च कर दी गई है लेकिन हकीकत क्या है यह किसी से छिपी नहीं है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन के पैसों से शौचालय का निर्माण करवाया गया है लेकिन उनमें ताला लटक रहा है जिससे ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर है। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में सरपंच और रोजगार सहायक को अवगत कराया गया लेकिन उनके द्वारा कोई सार्थक कदम नहीं उठाये जा रहे है। वहीं बस स्टैण्ड के पास 2 लाख 60 हजार रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया था लेकिन वह भी सार्थक साबित नहीं हो रहा है।
स्मरण रहे कि सरकार द्वारा खुले में शौच मुक्ति अभियान के तहत घर घर शौचालय बनाने तथा सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण करवाया था लेकिन शासन की मंशा पर परसेल सरपंच और रोजगार सहायक संतोष कुर्मी के द्वारा पानी फेरने का काम किया जा रहा है। सूत्रों ने यह भी बताया कि ग्राम में कई ऐसे लोग है जो संपन्न है और जिनके यहां पहले से शौचालय बने थे वहां पर रोजगार सचिव द्वारा नवीन शौचालय निर्माण दर्शाकर राशि आहरित कर ली गई है। सूत्रों ने बताया कि रोजगार सहायक द्वारा ऐसा इसलिये किया जाता है क्योंकि इस तरह के काम में उसका अच्छा कमीशन बनता है। गांव में बने व्यक्गित शौचालय के मामले में यदि जांच की जायेगी तो असलीयत खुद ही सामने आ जायेगी।



