उद्घाटन के बाद भी तीन दशक से बेकार पड़ी मंडी
विडंबना : एसडीएम को किसानों ने सुनाई परेशानी, फसल बेचने 50 किमी दूर जाते हैं किसान
रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
सांईखेड़ा । शासन- प्रशासन किसानों को सुविधाएं देने और उनकी परेशानियों को हल करने के तमाम दावे कर रहा है। लेकिन मैदानी स्तर पर इन दावों की सच्चाई क्या है यह साईखेड़ा कृषि उपज मंडी की हालत देखकर उजागर हो जाती है। यहां करीब तीन दशक पहले बनी मंडी का कुछ महीनों पहले ही उद्घाटन हुआ है। लेकिन आज तक मंडी चालू नहीं हो सकी है। जिससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए 50 किमी दूर गाडरवारा जाना पड़ता है। एसडीएम सृष्टि देशमुख ने जब मंडी का निरीक्षण किया तो किसानों ने उन्हें अपनी परेशानियां खुलकर बताई और मंडी को शुरू कराने की मांग को एसडीएम ने भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ साईखेड़ा कृषि उपज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान किसानों ने बताया कि यह मंडी तीन दशक पहले बनी थी। जिसे चालू कराने के लिए किसान लंबे समय से एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है। लेकिन मंडी चालू नहीं हो रही है जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए 50 किमी संपत करने की लाचारी बनी है। किसानों का कहना है कि मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पहले जब मंडी बनी थी तो यहां एक भी निर्माण कार्य नहीं था। लेकिन मंडी बनने के बाद खाली पड़ी जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। मंडी के चारों तरफ इतना अतिक्रमण हुआ कि वह शहर के बीचो बीच लगने लगी है। प्रशासन यहां काबिज अतिक्रमण हटाने कार्रवाई नहीं कर रहा है।
एक भी कर्मचारी नियुक्त नही किसानों ने एसडीएम को बताया कि मंडी के नाम पर यहां एक भी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं है। यह जानकारी गाडरवारा मंडी सचिव द्वारा कुछ समय पहले भी दी गई है। मंडी चालू न होने के पीछे हर बार किसानों को दोषी ठहराया जा रहा है जबकि हर बार बैठकों में किसान ही मंडी को शुरू कराने की मांग करते है। जिसानों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही यह भी है कि तीन दशक पहले बनी मंडी का उद्घाटन कराने के लिए भी उन्हें करीब एक दशक तक निरंतर मांग- जापन देने की कार्रवाई करना पड़ी। जिसके बाद कृषि मंत्री ने मंडी का उद्घाटन किया। लेकिन आज तक मंडी चालू नहीं हो सकी है।
परिसर में कटीली झाड़ियां : मंडी परिसर की हालत यह है कि यहां कटीली झाड़ियां उगी हुई है और गंदगी फैली है। मंडी के दोनों मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण फैला है और यहां जो कार्य कराए गए है वह गुणवत्ताहीन है। किसानों का कहना है कि यदि साईखेडा कृषि उपज मंडी को विधिवत अधोसंरचना विकास करके किसान के लिए सुविधाएं प्रदान की जाए। उचित रेट मिले तो किसान साईखेड़ा कृषि उपज मंडी में उपज बेचने उसने लगेंगे और उन्हें 50 किमी दूर नहीं जाना पड़ेगा। मंडी को शीघ्र अति शीघ्र मूलभूत सुविधाओं का विकास कर शीघ्र चालू कराना चाहिए।




