शिक्षक राष्ट्र निर्माता के साथ ही आत्म शक्ति के प्रेरणास्त्रोत भी होते है : रामपालसिंह
शिक्षक के बगैर सफल जीवन की कामना निरर्थक- विभोर नायक
शिक्षक दिवस पर पूर्व कैबिनेट मंत्री ने किया शिक्षको का सम्मान
जनपद पंचायत प्रांगण में किया कार्यक्रम आयोजित
सिलवानी । शिक्षक राष्ट्र निर्माता होने के साथ ही आत्म शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत भी होते है। शिक्षको की महानता का जितना भी वर्णन किया जावे कम है। शिक्षक सूर्य के समान होते है जो स्वयं तप कर छात्र के जीवन को निखारने का कार्य करते है।
यह उद्गार पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह राजपूत ने जनपद परिसर में आयोजित शिक्षक
सम्मान समारोह में व्यक्त किए। यहां पर सेवावित्रृत हुए 24 शिक्षको का शाल श्रीफल भेंट का व पुष्प माला पहना कर सम्मान किया गया । इसके पूर्व मॉ सरस्वती केे चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जलित किया गया ।
रामपाल सिंह ने कहा कि भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन के जन्मदिवस 5 सितम्बर को, शिक्षकों के सम्मान में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ राधाकृष्णन शिक्षा और ज्ञान को
जीवन का सबसे सशक्त आधार मानते थे। बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। शिक्षक राष्ट्र निर्माता होने के साथ ही आत्म शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत भी होते है। शिक्षक सूर्य के समान होते है जो स्वयं तप कर छात्र के जीवन को प्रकाश की तरह निखारने का कार्य करते है।नवीन शिक्षा नीति लागू की गई है। सीएम राईज स्कूल, पीएमश्री स्कूल प्रारंभ किए गए हैं और बस सेवा भी शुरू हो गई है। बच्चों को गणवेश, छात्रवृत्ति, साईकिल सहित अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सिलवानी में भी देश के महानगरो दिल्ली, मुम्बई की तरह शिक्षा उपलब्ध होगी। सिलवानी महाविद्यालय में पीजी की कक्षाएं इस सत्र से प्रारंभ हो गई, शीघ्र ही नया भवन का निर्माण भी होगा।
कार्यक्रम का आयोजन जनपद पंचायत और नगर परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम को जनपद पंचायत अध्यक्ष तरुवर सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। उन्होने कहा कि वास्तव में समाज को गढ़ने का कार्य शिक्षक ही करते हैं। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं और शिक्षक बच्चों को तराश कर उन्हें शिक्षा प्रदान कर आगे बढ़ाते हैं, एक अच्छा नागरिक बनाते हैं।
कर्यक्रम का संबोधित करते हुए भाजपा नेता विभोर नायक ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने लिखाने तक सीमित न होकर, उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने
का काम करते हैं। शिक्षक बच्चों के भविष्य को आकार देते है और इस तरह राष्ट्र के भावी भविष्य का निर्माण करते है। शिक्षक के बगैर सफल जीवन की कामना निरर्थक होती है। शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं मिलें, उनकी
कठिनाईयां दूर हो जिससे कि शिक्षक और अधिक मन लगाकर बच्चों को शिक्षा दें। इस दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। प्रारंभ में अतिथियो ने विद्या की देवी मॉ सरस्वती तथा सर्वपल्ली
डा. राधाकृष्णन के चित्र पर मार्ल्यापण तथा दीप प्रज्जोलित किया। कार्यक्रम को भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय शुक्ला, दीपक रघुवंशी ने भी संबोधित कर शिक्षा और शिक्षक का महत्व बताया।
इस अवसर पर विभोर नायक, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष श्याम साहू, सलीम काजी, जयबाबू जैन, गिरजीस चौरसिया, शालकराम सोनी, प्रदीप कुशवाहा, मेाहन साहू, गुडडु खान कंडेक्टर, लखन मेहरा, सर्वेश
खरे, तुलसीराम यादव, सहित बड़ी संख्या में स्थानीय
जनप्रतिनिधि, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों सहितए शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मयंक रघुवंशी ने किया।



