क्राइम

लुटेरी दुल्हन गैंग का पर्दाफाश, पांच दिन में रचाई दो शादी दुल्हन सहित तीन गिरफ्तार, दो फरार

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । एमपी के दमोह जिले के हटा में एक लुटेरी दुल्हन गैंग पुलिस के हत्थे लगी है। इस लुटेरी दुल्हन ने अपनी गैंग के साथ मिलकर 5 दिन में दो युवकों को ठग लिया। पुलिस ने पूरे मामला का खुलासा कर दिया है। हटा में बड़ा बाजार में नेमा परिवार में एक शादी बांदकपुर से 20 मई सोमवार को संपन्न हुई। दिन में बिना किसी मूहुर्त की शादी के बाद रात 10 बजे दुल्हन घर पहुंची। घर के लोगों ने बहू के आने की खुशी में देर रात तक नाच गाना कर बहू का स्वागत किया।
दूसरे दिन 21 मई मंगलवार को नाटकीय रूप से दुल्हन घर जाने की जिद करने लगी। परिजनों को दुल्हन के व्यवहार को देख कुछ शंका हुई। इसके बाद जब दुल्हन ने अपनी सास से सोने के आभूषण पहनने की ख्वाहिश जाहिर की तो परिजन समझ गए कुछ गड़बड़ है। जब बात नहीं बनी तो दुल्हन ने अचानक कहा कि उसके भाई का एक्सीडेंट हो गया है और उसकी मौत हो गई है। इसलिए उसे मायके जाना है। जब ससुराल वालों ने माता-पिता से बात कराने या घटना की पुष्टि करने का दवाब बनाया तो दुल्हन न नुकर करने लगी। घर से निकलने के लिए दुल्हन ने अनेक जतन किए और शाम होते ही यह पूरा मामला हटा पुलिस के संज्ञान में लाया गया।
मंगलवार रात पुलिस अधिकारी नेमा परिवार तक पहुंचे। दुल्हन के बयान दर्ज किए और उसे दिलासा दी कि सुबह उसे उसके घर भेज दिया जाएगा। 22 मई बुधवार सुबह इसी दुल्हन की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई कि इसने पांच दिन पहले 15 मई को कुम्हारी थाना के सगौनी गांव में भी एक शादी की है। शादी के प्रमाण लेकर सगौनी का पीड़ित युवक परिवार सहित हटा पुलिस थाने पहुंचा। जहां टीआई के हटा से बाहर होने के कारण एसडीओपी नीतेश पटेल ने पूरी घटना सुनी और नेमा परिवार की दुल्हन से महिला पुलिस की उपस्थिति में पूछताछ शुरू कर दी।
इसी बीच दुल्हन का आधार कार्ड सामने आ गया, जिसमें उसका पता सतना एमपी का था। जबकि आधार पोर्टल पर उत्तर प्रदेश का प्रदर्शित हुआ। दूसरा संदेह दुल्हन की जाति को लेकर हुआ। एक आधार में जाति तिवारी थी, जबकि सगौनी की 15 मई की शादी यादव जाति की लड़की बनकर की थी। 20 मई और 15 मई की शादी की फ़ोटो में एक ही महिला की फ़ोटो थी। पुलिस ने शादी के लिए मध्यस्थ की जानकारी भी एकत्रित की है। ताकि इस पूरे लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश हो सके। पुलिस जांच में रेखा तिवारी के आधार कार्ड की सत्यता की जांच की गई, तो वो नकली निकला। जांच करने पर पता चला की युवती का असली नाम उमा लोधी है। पूछताछ करने पर महिला ने अपने साथ गिरोह में शामिल सचिन तिवारी, मोहित सोनी, दीनदयाल पांडे और रम्मू लोधी का नाम लिया।
जिन पर भादवि की धारा 420, 465, 468, 471, 120 बी के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। अभी महिला के साथ दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और बाकी फरार चल रहे हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा पीड़ित पक्ष के नाम का खुलासा भी नहीं किया है।
एसडीओपी नितेश पटेल ने बताया कि मामले में जांच करने पर पाया गया कि युवती अपने गिरोह के सहयोग से पैसों के एवज में ऐसे व्यक्तियों से शादी करती है। जिनकी शादी नहीं हो रही होती। गौरतलब है कि इस लुटेरी दुल्हन ने 15 मई को कुम्हारी थाने के सागोनी गांव में भी एक युवक से शादी की थी। 20 मई को अपने गिरोह के साथ मिलकर हटा के एक युवक से शादी कर ली थी। सागोनी में जिस युवक के साथ महिला ने पहले शादी की थी उसने भी पुलिस को अपनी शादी के प्रमाण दिए थे।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी हटा थाना प्रभारी कुम्हारी उनि रोहित द्विवेदी, थाना प्रभारी रजपुरा उनि धर्मेन्द्र गुर्जर, थाना प्रभारी गैसाबाद उनि विकास चौहान उनि बलवंत हजारी थाना पटेरा सायवर टीम दमोह एवं थाना स्टाफ हटा की सराहनीय भूमिका रही।

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