मध्य प्रदेश

बरकतउल्ला यूनिवसिर्टी का सामने आया कारनामा, 87 छात्राओं को फेल

ब्यूरो चीफ: विनीत माहेश्वरी
रायसेन कन्या महाविद्यालय की 87 छात्राओं को महिल सशक्तिकरण उद्यामिता विकास में किया फेल
रायसेन । रायसेन के दशहरा मैदान पर संचालित होने वाले गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं को इन दिनों काफी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है क्योकि बरकतउल्ला यूनिवसिर्टी की लापरवाही का खामियाजा छात्राओं को भुगताना पड़ रहा है जहां कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष परीक्षा 2023 की परीक्षा में शामिल हुई 93 छात्राओं में से 87 छात्राओं को एक ही विषय एफसी 2 महिला सशक्तिकरण उद्यामिता विकास में फेल कर छात्राओं को सप्लीमेंन्ट्री दे दी गई, जिससे छात्राओं का भविष्य अधर में झूल रहा है। छात्राओं ने कॉलेज की प्राचार्य से लेकर यूनिवसिर्टी तक शिकायत दर्ज की गई, लेकिन छात्राओं की सुनवाई तक नहीं हो रही है।
उल्टा कॉलेज की प्राचार्य एवं यूनिवसिर्टी द्वारा धमकाया जा रहा है और कहा जा रहा जहां शिकायत करना है कर दो हमारा कोई कुछ नहीं कर पाएगा। जबकि छात्राओं की माने तो ओएमआर आंसर सीट के मिलान किए जाने पर दिए गए उत्तर सही है, लेकिन इसके बाद भी मनमानी करते हुए छात्राओं को सप्लीमेंन्ट्री दी गई है।
गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य डॉ. विनेाद सिंह सेंगर जो लंबे अरसे से रायसेन गर्ल्स कॉलेज में पदस्थ है इनके रवैया छात्राओं के प्रति सही नहीं होने पर छात्राओं ने बताया की प्राचार्या द्वारा मनमानी एवं अभद्रता की जाती है। वहीं कॉलेज में अन्य गतिविधियों की बात की जाए तो वो भी शून्य है, कॉलेज में खेल शिक्षक केशव सिंह परिहार भी छात्राओं को खेल सामग्री नहीं देते और बेतुकी बात करते हुए कहते है कि घर से खेल सामग्री लाओ इस तरह के आरोप छात्राओं द्वारा लगाए जाने से उच्च शिक्षा की मानीटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे है कि एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिला सशक्तिकरण के दावे कर रहे है और दूसरी तरफ उनके दावे धरातल पर दम तोड़ते हुए नजर आ रहे है।

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