कृषि

सोयाबीन की फसल एक माह से अधिक होने पर खरपतवार नाशक का उपयोग न करें

रायसेन । कृषि विभाग द्वारा किसान भाईयों को सोयाबीन की फसल एक माह से अधिक होने पर खरपतवार नाशक दवा का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई है। कई जिलों में में पर्याप्त वर्षा की स्थिति के दृष्टिगत एवं लगातार वर्षा होने से खेतों में सोयाबीन एवं अन्य फसलों में पानी भराव की स्थिति निर्मित हो रही है। ऐसे में नाली बनाकर खेतो से पानी का निकासी करें।
मौसम साफ एवं धूप होने पर सोयाबीन में इल्ली का प्रकोप बढ़ने की सम्भावना को देखते हुए किटनाशक दवा का उपयोग करें। यदि फसल में गर्डल-बीटल या सेमीलूपर का प्रकोप हो तो इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी. (1250 मिली प्रति हे.) या पूर्व मिश्रित बीटासायफ्लूथ्रिन $ इमिडाक्लोप्रीड (350 मि.ली. प्रति हे.) या पूर्व मिश्रित थायोमिथाक्सम $ लेम्बडा सायहेलोथ्रिन (125 मि.ली प्रति हे.) या अन्य उपयुक्त कीटनाशक का छिड़काव करें। किसान भाई अपने खेतों का सतत् निरीक्षण करते रहें। कीटव्याधियों के उचित उपचार के लिए अपने विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से सलाह ले सकते हैं।

Related Articles

Back to top button