मध्य प्रदेश

फोरलेन सड़क कंपनी का अंधेर नगरी चौपट राजा की तर्ज पर हो रहा निर्माण कार्य, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

भ्रष्टाचार की शिकायतों के बावजूद ठेकेदार पर नहीं की जा रही कोई कार्यवाही
बिना बेस के घटिया पाइपोे से हो रहा नाली निर्माण
सिलवानी।
नगर को विकास की मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा करोड़ों की राशि से सड़क, पुल-पुलियाओं और नालियों के निर्माण कराया जा रहा है। एमपीआरडीसी द्वारा निर्माण एजेंसी के माध्यम से कराए जा रहे निर्माण कार्य मापदंड की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे है, बल्कि घटिया निर्माण कर शासन को लाखों रूपए का चूना भी लगाया जा रहा है। इसमें अफसरों व ठेकेदार की सांठगांठ भी उजागर हो रही है। एमपीआरडीसी विभाग द्वारा फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जहां निर्माण एजेंसी की मनमानी के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 14 करोड़ की राशि से निर्माण के तहत सड़क के दोनों तरफ नाली, रास्ते में पड़ने वाले पुल, पुलियों और सड़क का निर्माण किया जाना है, जिसकी रुपए से अधिक बताई जा रही है।
निर्माण कंपनी द्वारा से पूर्व निर्मित सड़क के दोनोे ओर से एक समान दूरी लेना है परंतु निर्माण कंपनी के लोभ लालभ या प्रभाव के कारण सड़क मनचाहे स्थान पर सड़क को कही कम की ज्यादा कर अनियमिततायें बरत रहे है। आमापनी कालोनी से बजरंग चौराहा दो किमी सड़क का कार्य चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नही हो पाया है और कही जगह अपनों को लाभ पहुंचाने के लिए सड़क को सकरा कर दिया गया है। वही बिजली खंभो को षिफट किये बगैर ही सड़क के बीच में डिवाइडर बना दिये गये है। जो वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन रहे है। इन डिवाइडरों पर रेडियम तक नहीं लगाया और ना ही पुताई की गई, कही जगह तो डिवाइडर बनने के साथ ही घटिया निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो गये है।
निर्माण कार्य में तय मापदंड का उपयोग ना करके गुणवत्ताहीन कार्य किया गया है। नाली निर्माण में पानी निकासी के लिये बिना वाटर लेबल लिये ही निर्माण किया जा रहा है जिससे नाली में पानी भरा रहने की आशंका है। और इसके साथ अधिकारियों को भी इस गुणवत्ताहीन काम के बारे में बताया गया, लेकिन ना तो इस शिकायत पर अफसरों ने कार्रवाही करना मुनासिब समझा और ना ही प्रोजेक्ट मेनेजरों ने। साथ ही घटिया निर्माण कार्य करने वाली निर्माण एजेंसी पर अभी तक कोई कार्रवाही नहीं की गई है, जिससे अफसरों की निर्माण एजेंसी से सांठगांठ उजागर हो रही है।
पानी लाइन को तोड़ा जा रहा बार बार
वैशाख की गर्मी में वैसे ही लोगों को पर्याप्त पानी नही मिल रहा है। वही दूसरी सोमवार को एक बार फिर शिवाजीनगर में हास्पिटल मार्ग पर नाली के लिए पाइप डालने के लिए खुदाई के दौरान नल जल योजना की तोड़ दिया गया जिससे हजारों लीटर पानी बह गया। जिससे लोगो के घरो में पानी नहीं पहुंचा, नागरिक बून्द बून्द पानी के लिए परेशान है। प्रशासन के निर्देश है कि निर्माण कार्य को गर्मी के मौसम में पेयजल योजना को वाधित नहीं किया जा सकता है इसके बाबजूद निर्माण कंपनी द्वारा लापरवाही पूर्ण कार्य किया जा रहा है।
घटिया पाइपों से हो रहा निर्माण
निर्माण कंपनी नगर के आंतरिक मार्गो में प्रवेश के लिए आरसीसी नाली के स्थान पर जो पाइप डाल रही है वह अत्यंत ही घटिया है। शिवाजीनगर में हाॅस्पिटल की ओर जाने वाले मार्ग बिना बेस निर्माण के ही मिट्टी में पाइप डाले जा रहे है। पाइपों की गुणवत्ता की बात की जाये तो परिवहन के दौरान ही क्षतिग्रस्त हो रहे है तो इन पर वाहनों के आवागमन में क्या हाल होगा।
नागरिकों ने कहा- निरीक्षण में अधिकारी बरत रहे औपचरिकता
नागरिकोें का कहना है कि एमपीआरडीसी के जिम्मेदार अधिकारी, उपयंत्री स्थल निरीक्षण के नाम पर औपचरिकता करते है। गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य होने से निर्माण एजेंसी व अफसरों की सांठगांठ उजागर हो रही है।
केपकॉन प्रोंजेक्टस प्रायवेट लिमिटेड के द्वारा फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क निर्माण को लेकर निर्माण एजेंसी के द्वारा मनमानी पूर्ण रवैया अख्तियार किया जा रहा हैं। मप्र रोड डेव्लपमेंट लिमिटेड भोपाल के द्वारा निर्माण एजेंसी से शहरी क्षेत्र में सिलवानी-गैरतगंज मार्ग से करीब दो किलो मीटर लंबाई की फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
इनका कहना है…
निर्माण कार्य की जांच के लिए एसडीओ को मौके पर भेज कर जांच करवाता हूं। उक्त कार्य को 30 जून तक पूर्ण किया जावेगा।
मोहम्मद हसीब रिजवी, एजीएम एमपीआरडीसी, भोपाल

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