पुलिस के पास नही नगर में निवासरत किरायदारों की जानकारी, पुलिस ने किया मकान मालिकों से सूचना उपलब्ध कराने का आग्रह

सिलवानी। नगर के 15 वार्डों में एक हजार से ज्यादा किराएदार रह रहे हैं जो पुलिस की पंजी में सूचीबद्ध नहीं हैं। ऐसे में कौनसा किराएदार कहां, कब से और किस उद्देश्य से रह रहा है पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है। लिहाजा किराएदार व्यक्ति द्वारा अपराध कारित होने के उपरांत पुलिस उसकी गिरफतारी के लिए लकीर पीटती दिखाई पड़ती है। बावजूद इसके नगर में एक हजार से ज्यादा किराएदार किस उद्देश्य से तथा कब से रह रहे हैं इसका रिकॉर्ड नहीं होना चिंता जनक है। इस संदर्भ में बरती जा रही लापरवाही न केवल सामाजिक स्तर पर घातक हो सकती है बल्कि पुलिस के लिए भी सिरदर्द बढ़ा सकती है।
भवन स्वामी भी नहीं ले रहे किराएदारों की पुख्ता जानकारी
मोटे किराए के लालच में भवन स्वामी भी अपने घर के हिस्से में किराएदार को रखने से पूर्व उसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में संदिग्ध किराएदार न सिर्फ उक्त मकान मालिक के लिए खतरा साबित हो सकते हैं बल्कि आसपास के लोगों के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। ज्यादा संदेह उन किराएदारों पर है जो बीवी बच्चों के बिना सिंगल ही रह रहे हैं।
हैरानी की बात ये है कि अनजाने खतरे से बेपरवाह होकर मकान मालिक लिखित रूप से पुष्ट जानकारी लेकर अपने पास नहीं रख रहे हैं।
अपराध घटित होने पर मकान मालिक को देना होगा जवाब पुलिस के अनुसार यदि कोई किराएदार वारदात कर फरार हो जाता है तो इसकी जवाबदेही संबंधित मकान मालिक की होगी। ऐसे में मकान मालिक को किराएदार के बारे में पूरी जानकारी रखना आवश्यक है। आवासीय भवन स्वामियों को पुलिस की ओर से यह हिदायत दी गई है कि वह अपने किराएदार की संपूर्ण जानकारी निकटतम थाने में दें। ताकि वह भविष्य में होने वाली किसी भी प्रकार के पुलिस पचड़े से बच सकें।
सिलवानी थाना प्रभारी मायासिंह ने किरायेदारों की जानकारी के संबंध में सोशल मीडिया पर एक सूचना जारी कर आम जनमानस को सूचित किया जाता है कि वे मकान मालिक जो अपने घर में किराएदार रखते हैं वे सभी अपने किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन 3 दिवस के अंदर पुलिस थाना सिलवानी पर करा ले, यदि मकान मालिक, किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराते हैं और उनके किराएदार संदिग्ध पाये जाते हैं तो मकान मालिक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



