सरपंच के तर्ज पर उपसरपंच और पंचों को मिले मानदेय
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले दिनों प्रदेश भर के सरपंचों को भोपाल मे बुलाकर जो सम्मान दिया और उनके मानदेय में वृद्धि कर उनके वित्तीय अधिकारो में चार चांद लगाया गया है । उनके इस कदम की सराहना करते हुए ढीमरखेड़ा के निर्वाचित पंच और उपसरपंच गणों ने एक ज्ञापन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखकर ग्राम पंचायतों के निर्वाचित सदस्यों की ओर ध्यान दिलाया है।
इसके लिए ढीमरखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायतों के उपसरपंच जागेश्वर सोनी, विवेक ( रिंकू मिश्रा), विराट पांडे, कुलदीप तिवारी, सोनू यादव, सुधा शुक्ला, अमित गर्ग, ईश्वरदास बर्मन, रोशनी बाई यादव, अशोक उपाध्याय, प्रकाश गौतम, राहुल राय सहित आदि ने ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ग्राम पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी उनका सम्मान मिलना चाहिए । मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या 23012 है और वर्तमान में हर एक ग्राम पंचायत में लगभग 15 वार्ड मानकर चलें तो लगभग 3.50 लाख निर्वाचित पंचायत पंच है जिनकी अनदेखी कर मध्यप्रदेश सरकार जो सुनहरा सपना बुनकर ग्राम पंचायतों में राम राज्य की स्थापना करना चाहती है वह सपना तब तक अधूरा है जब तक पंचायत के सभी पंच एक समान से खुशहाल और तरक्की के लिए समान रूप से तैयार न रहे ।
पंचायती राज अधिनियम में चुनाव के दरम्यान सबसे कठिन चुनाव पंच और उससे भी ज्यादा उपसरपंच का होता है, इसके बावजूद भी सरकार के व्दारा इन जनप्रतिनिधियों के सम्मान और वेतन भत्तों के लिए कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया ।
जनप्रतिनिधियों के सबसे मुकाबले वाले इस चुनाव जहां से लोकतंत्र की बुनियाद शुरू होती है, उन जनप्रतिनिधियों का इस तरह की उपेक्षा लोकतंत्र की गरिमा के अनुकूल नहीं है । नगरीय निकायों में पंच के स्थान पर पार्षदों का चुनाव किया जाता है । सरकार उन्हें भी वेतन भत्तों के रूप में कुछ पारितोषिक देती है, फिर लोकतंत्र के सबसे विशाल काय इन जनप्रतिनिधियों की ओर सरकार की उपेक्षा उचित नहीं है । उपसरपंच व्दय ने जारी संयुक्त अपील में प्रदेश भर के ग्राम पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि सभी लोग भी अपने स्तर से इस आवाज़ को बुलंद बनाने के लिए आगे आये, और अपनी मांग को आगे बढाने में महती भूमिका निभायॅ । उपसरपंचो की उक्ताशय की मांग को पंचो का समर्थन मिलना शुरू हो गया है।



