भक्तों ने रस्सी से खींचा भगवान जगन्नाथ का रथ

हरे राम-हरे कृष्ण’ संकीर्तन पर भाव विभोर होकर नाचे श्रद्धालु
रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । शहर के जागेश्वर धाम मंदिर से मंगलवार रात करीब 8 बजे भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हुई। यात्रा शाम 6 बजे शुरू होना थी, लेकिन भोपाल से हाइड्रोलिक रथ 2 घंटे की देरी से पहुंचा। रथ पहुंचने के बाद फूलों से साज सज्जा की गई और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को विराजमान किया गया।
विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद रात 8 बजे रथ यात्रा शुरू हो सकी। नगर भ्रमण के बाद रात करीब 11.30 बजे नजरबाग मंदिर में यात्रा का समापन किया गया। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरे राम हरे कृष्ण संकीर्तन पर नाचते गाते हुए निकले।
इस्कॉन मंदिर शिलांग मेघालय से आए महामुनि दास ने बताया कि 7 जुलाई से भारत के साथ विश्व भर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं निकाले जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंगलवार रात शहर में रथ यात्रा निकाली गई। इस्कॉन मंदिर उज्जैन के टेंपल कमांडर अनिरुद्ध दास ने बताया कि ब्राह्मण कॉलोनी स्थित जागेश्वर धाम मंदिर से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हुई।
इसके बाद अस्पताल चौराहा, सिविल लाइन रोड, मिश्रा तिराहा, लोकमान्य चौराहा, नजाई बाजार, कटरा बाजार, पुराना डाकखाना, नगर भवन, पुरानी तहसील रोड, सुभाष चौराहा, स्टेट बैंक चौराहा और गांधी चौराहा होते हुए नजर बाग स्थित श्रीराम राजा मंदिर में रात 11.30 बजे यात्रा का समापन हुआ।
यात्रा के समापन पर भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग का प्रसाद लगाकर महा आरती उतारी गई। साथ ही श्रद्धालुओं को महाप्रसाद बांटा गया। उन्होंने बताया कि टीकमगढ़ में लगातार दूसरी बार रथ यात्रा का आयोजन किया गया।



