बच्चों की शिक्षा के लिए हमेशा मेरे दरवाजे खुले हैं: माया तोमर
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । आज शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है लेकिन मैंने अपने कार्यकाल में हमेशा सेवा भावना के साथ बच्चों को शिक्षा दान की है मैं अपने कार्यकाल से जरूर सेवा निर्वित हो रही हूं लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए हमेशा मेरे दरवाजे खुले हुए हैं उन्हें जब भी मेरी जरूरत महसूस हो वह बेझिझक मुझसे आकर परामर्श ले सकते हैं ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं।
उक्त उद्गार एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला गढोईपुर मैं पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका माया तोमर ने अपने सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में व्यक्त किए। उन्होंने सेवाकाल के दौरान अपने शिक्षक स्टाफ आदि से भी जाने अनजाने में हुई किसी गलती के लिए भूल जाने का आह्वान किया।
माया तोमर के सेवानिवृत्ति पर विदाई पार्टी के अवसर पर शाला प्रभारी संदीप श्रीवास्तव के द्वारा माया तोमर के व्यक्तित्व पर एवं उनके कार्यकाल की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उनके कार्यकाल की भूरी भूरी प्रशंसा की।
इस अवसर पर स्टाफ के अन्य सदस्यों में किरण कोरी, राजेश्वरी तोमर, विमलेश दुबे, उमा श्रीवास्तव, सुमन पंथी, राम सिंह नायक, शिक्षक पालक संघ अध्यक्ष संगीता साहू, सहित प्रमुख रूप से डॉ जितेंद्र तोमर एवं डॉ नितिन तोमर उपस्थित रहे। शाला परिवार द्वारा माया तोमर को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान स्वरूप स्मृति चिह्न दिया गया। स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर विदाई गीत गाया गया जिसमें उपस्थित सभी की आंखें नम हो गई।



