मध्य प्रदेश

कदमताल करते निकले हजारों स्वयंसेवक, स्वागत में बरसे फूल

सिलवानी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रविवार को नगर में पथ संचलन निकाला गया। इसमें सैकड़ों स्वयंसेवक कदमताल करते हुए नगर में अनुशासनित तरीके से निकले। जगह-जगह विभिन्न मंचों के माध्यम से संचलन का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। करीब एक माह से पथ संचलन को लेकर तैयारियां चल रही थीं। संचलन निर्धारित समय दोपहर 3 बजे हाईस्कूल ग्राउंड में स्वयंसेवकों का पूर्ण गणवेश में एकत्रीकरण हुआ।
विभिन्न मार्गों से गुजरा पथ संचलन
स्कूल परिसर से पथ संचलन शुरू हुआ। घोष की मधुर ध्वनि के साथ स्वयंसेवक कदमताल करते हुए गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड, गांधी आश्रम, शिवाजी नगर, तहसील, थाना, शनिचरा बाजार, होली चौक, बुधवार, सरस्वती नगर, बजरंग चौराहा सहित विभिन्न मार्गों से पुन प्रारंभिक स्थल पहुंचा। विभिन्न मंच के माध्यम से स्वागत किया गया।
संचलन के पूर्व वेदाचार्य रामकृपाल शास्त्री ने अपने उद्वबोधन में निरोगी काया के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर है तो हम राष्ट् सेवा कर सकते है। और यदि रोगों का शमन करना है तो हम सूर्योदय के पूर्व उठना होगा और सूर्य नमस्कार करना होगा। जिससे हम निरोगी रह सके।
मुख्य उद्बोधन शिवशंकर जी का हुआ। उन्होंने कहा कि भारत के 6 दर्शनों में से 1 दर्शन को दुनिया के कई देश मान रहे है। 21 जून को विश्व योग दिवस पर 250 देश योग पर कार्यक्रम करते है। हम अभी तक यह तय नहीं कर पाए कि सब्जी, किराना, जूता चप्पल कहां से खरीदना है, हमे लोकल फॉर वोकल को अपनाना होगा। पॉलीथिन के डिस्पोजल को छोड़ कर पुनः पत्तों के दोना पत्तल को उपयोग में लाना होगा जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। लोग अपनों से छुआछूत करते है। भारत को डायन कहने वालों से छुआछूत करो। आज जन्मदिवस और विवाह वर्षगांठ में केक काटते और मोमबत्ती बुझाते है। यह हमारी संस्कृति नहीं है। हमारी परम्परा इन आयोजनों में दीपक जलाने की है।

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