हम दिव्यांगो की समस्याओं का जिम्मेदार कौन, हमारी मजबूरी हैं लाचारी, सरकार बनी अब सत्ताधारी ?

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
कटनी। मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा लगातार संचालित की जानें वाली दिव्यांग जनो के लिए योजनाएं दिनों दिन समस्या बढ़ती ही जा रही हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के दिव्यांग काफी परेशान हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बहोरीबंद जनपद पंचायत क्षेत्र से प्रकाश में आया है। यहा एक ग्राम पंचायत में 7 से 8 वर्षो से अपने अधिकार न मिलने से अधिक परेशान हो रहे हैं।
मोहनिया ग्राम पंचायत निवासी पति एवं पत्नी सुरेंद्र दाहिया रेखा दाहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना के द्वारा नाम सत्र 2017-18 में फीड किया गया था। लेकिन आज दिनांक तक इन दिव्यांग पति-पत्नी को कोई पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया। साथ ही कुछ दिव्यांगों के स्कूल शिक्षा अभियान को लेकर भी सवाल खड़े किए इनकी मांग है कि हमारे बहोरीबंद ब्लॉक में एक दिव्यांग स्कूल होना चाहिए। और एक दिव्यांग छात्रावास भी होना चाहिए। इन सभी बातों को लेकर रोजगार सहायक सचिव ने कहा कि हमारे बहोरीबंद जनपद पंचायत क्षेत्र के पास एक दिव्यांग स्कूल और एक दिव्यांग छात्रावास अति आवश्यक है।
देखा जाए तो दो दिन पहले
मोहनिया ग्राम पंचायत की विवेचना में दिव्यांगों के विभिन्न समस्याओं के संबंध में संवाद किया गया था। इस दौरान यही विवेचना की चर्चा का विषय बना ?
देखा जाए तो दिव्यांग की तरह तरह समस्या सामने आई। उन्होनें बताया कि राज्य सरकार द्वारा पेंशन बढ़ाने की बात कही थी । लेकिन आज भी हमको ₹600 ही पेंशन प्राप्त हो रही है। जिन दिव्यांगों को रोजगार की आवश्यकता है उनकी मांग पर शासन प्रशासन उन दिव्यांगों को रोजगार भी प्रदान करें ।
8 वर्षो से से परेशान हैं दिव्यांग –
मोहनियां निवासी 7 – 8 साल से परेशान है दिव्यांग पीड़ित पति एवं पत्नी 2022 में इनका मकान आया था । लेकिन जॉब कार्ड का तर्क वितर्क बताते हुए इन्हें फंसा दिया गया था। देखा जाए तो वार्ड क्रमांक 6 बहोरीबंद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहनिया में स्थित वार्ड क्रमांक 6 में आदिवासी मोहल्ला दिव्यांग पति एवं पत्नी का निवास है । रोजगार सहायक व सचिव ने जानकारी देते हुए कहा कि इनका नाम 84 नंबर की लिस्ट में है। जब इनके नाम का मकान आएगा तो मिल जाएगा ।
लेकिन लिस्ट में नाम दर्ज तो हुआ पर 84 नंबर की लिस्ट तक ही। और समय आगे चलकर निकल गया।
मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा संचालित की जानें वाली योजनाओं का भार इन भारतीय जनता पार्टी को सौंपी है। वादे पूरे नहीं हुए और वादे पूर्ण करने पर मुकर रहे है ।
शर्म आना चाहिए भारतीय जनता पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं को मध्य प्रदेश में मे लाड़ली बहना योजना में बहनों को 1250 और दिव्यांगों (विकलांगो) को 600रु.
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने दिव्यांगों को 1500 रुपये का वादा किया था लेकिन वादे तक सीमित है। यह सोचने वाली बात है कि 25 लाख दिव्यांगों के साथ धोखा सरकार कर रही है। मतलब ये है लाखो दिव्यांग जिस तरह खटिया से बाहर तक नहीं निकल पाते हैं उनको सरकार 600 रुपये दे रही है । और लाडली बहन तो मजदूरी करके जीवन यापन भी कर सकती है परंतु यह सोचने वाली बात है कि इस बात पर नेताओं को सोचना चाहिए ।
इनका कहना है कि – हम बहुत जल्दी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे मुख्यमंत्री की बात तो अलग है पर हमारी लोकसभा सांसद हमारे विभाग केंद्र के मंत्री होने के वाबजूद भी इस तरह स्थिति बनी हुई है। लगता कि कि पुन: छतरपुर जिले को फिर से वर्ष 2017-18 की तरह मैदान में आना होगा और जो भी होगा अब देखा जाएगा । आने वाली 25 तारीख तक सभी विभागों को जानकारी दे दी जाएगी । अब ये सीधा संवाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ किया जाएगा|
मध्य प्रदेश के दिव्यांगों से भी अनुरोध है अपनी लड़ाई लड़े हम आपके साथ हैं या हम आगे आते हैं। आप लोग पीछे मत हटना। चाहे हम छतरपुर से भोपाल के लिए पैदल यात्रा करे । जो भी होगा दिव्यांगों के साथ, इसके जिम्मेदार जिला प्रशासन और सरकार होगी ।
संविधान के नियम के अनुसार कार्य करेंगे । मनोज अहिरवार जिला एवं प्रदेश अध्यक्ष
राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन मध्यप्रदेश



