ईओडब्ल्यू की कार्यवाही के बाद आखिरकार हटा दिए गए जिला परिवहन अधिकारी
छापे में मिली थी 600 गुना आय से अधिक सम्पत्ति
जबलपुर । एमपी के सबसे भृष्टाचार के चर्चित मामले में आखिरकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर में पदस्थ परिवहन अधिकारी संतोष पाल को आखिरकार हटा दिया गया है। मंत्रालय ने आदेश जारी कर संतोष पाल को कार्यालय संभागीय परिवहन आयुक्त जबलपुर में पदस्थ किया गया है इसके साथ ही नरसिंहपुर जिला परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर में कार्यरत परिवहन अधिकारी संतोष पाल के निवास पर दबिश दी थी, ईओडब्ल्यू टीम को संतोष पाल के पास लगभग 600 गुना आय से अधिक संपत्ति ईओडब्ल्यू टीम को जांच में मिली, जिसमें 1600000 रुपए नगद , सोने चांदी के गहने, आलीशान बंगले मकान और लग्जरी गाड़ियां ईओडब्ल्यू टीम को जांच में मिली थी।
कार्यवाही के बाद हटाए गए हैं ना कि सस्पेंड हुए है।
ईओडब्ल्यू की कार्यवाही के बाद मध्यप्रदेश शासन परिवहन विभाग मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जबलपुर संतोष पाल को हटाकर कार्यालय संभागीय उप परिवहन आयुक्त जबलपुर में पदस्थ किया गया है ना कि सस्पेंड, संतोष पाल को हटाकर नरसिंहपुर जिले की जिला परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय जबलपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विवादो पुराना नाता है पाल का
हमेशा चर्चाओं में रहते थे आरटीओ संतोष पाल । क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में पदस्थ परिवहन अधिकारी संतोष पाल हमेशा से ही अपनी विवादित छबि के लिए जाने जाते थे जिला परिवहन कार्यालय के सूत्रों की माने तो इनके कार्यकाल में पैसे देकर हर वह काम किया जा सकता था जो संभव नहीं था, इसी वजह से इनकी छबि एक भ्रष्टाचारी अधिकारी के रूप में मशहूर हो गई थी, और इसी कारण से यह हमेशा चर्चाओं के साथ-साथ विवादों में भी रहते थे।

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