आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 13 जुलाई 2024
13 जुलाई 2024 दिन शनिवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष कि सप्तमी तिथि है। आज से गुप्त नवरात्रि का सप्तम दिवस है। आज माता कालरात्रि की उपासना से सिद्धि प्राप्त करने का दिन है। आज की सप्तमी को विवस्वान सप्तमी व्रत किया जाता है। जिसमें भगवान सूर्य की पुजा यथाविधान करना चाहिए। अर्थात आज सूर्य पूजन का दिन है। आज सूर्य देवता पुनर्वसू नक्षत्र के तीसरे चरण में चले जाएंगे। आज यमघंट योग भी है, जो शुभ नहीं माना जाता है। आप सभी सनातनियों को “गुप्त नवरात्रि की सप्तमी एवं विवस्वान सप्तमी व्रत की” बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शनिवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि 03:05 PM तक उपरांत अष्टमी
📝 तिथि स्वामी : सप्तमी तिथि के देवता हैं चित्रभानु। सप्तमी तिथि को चित्रभानु नाम वाले भगवान सूर्यनारायण का पूजन करने से सभी प्रकार से रक्षा होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 07:14 PM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जबकि बुध राशि का स्वामी है। नक्षत्र मंडल का स्वामी देवता है सवितृ अर्थात् सूर्य देवता हैं।
⚜️ योग : शिव – पूर्ण रात्रि तक
⚡ प्रथम करण : वणिज – 03:05 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 04:18 ए एम, जुलाई 14 तक बव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:17:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:43:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:11 ए एम से 04:52 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:31 ए एम से 05:32 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:54 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:21 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 12:28 पी एम से 02:17 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 14 से 12:47 ए एम, जुलाई 14
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलेंं।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी ज़रूरतमन्द को काला छाता दान करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – राष्ट्रीय डेलावेयर दिवस, टी कल्पना देवी जन्म दिवस, वैरामुत्तु रामासामी जन्म दिवस, मास्टर सलीम जन्म दिवस, विश्व रम दिवस, अपने गीकनेस को अपनाने का दिवस, राष्ट्रीय नाई की दुकान संगीत प्रशंसा दिवस, अंतर्राष्ट्रीय रॉक दिवस, बीफ टैलो दिवस, पहला समर्पित हॉलीवुड साइन दिवस, भारतीय उद्योगपति जे.आर.डी. टाटा जन्म दिवस, टी. कल्पना देवी जन्म दिवस, अभिनेत्री वीना राय जन्म दिवस, (पद्म भूषण से सम्मानित) केसरबाई केरकर जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – सप्तमी तिथि को आँवला त्याज्य बताया गया है। सप्तमी तिथि मित्रप्रद तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह सप्तमी तिथि एक शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देवता हैं। यह सप्तमी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह सप्तमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस सप्तमी तिथि को सुबह सर्वप्रथम स्नान करके भगवान सूर्य को सूर्यार्घ देकर उनका पूजन करना चाहिये। उसके बाद आदित्यह्रदयस्तोत्रम् का पाठ करना चाहिये। इससे जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष, उल्लास एवं पारिवारिक सुखों कि सतत वृद्धि होती है। सप्तमी तिथि में भगवान सूर्य की पुजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
🗽 Vastu tips ⛲
पति-पत्नी को उत्तर पूर्व दिशा के कमरे में या इस दिशा में बेड लगाने से परहेज करना चाहिए। वास्तु विज्ञान के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा का स्वामी गुरु होता है, जो यौन संबंध में उत्साह की कमी लाता है जिसकी वजह से दांपत्य जीवन नीरस होने लगता है और आपस में तालमेल की भी कमी आती है। अग्नि के दिशा क्षेत्र दक्षिण-पूर्व में बेडरूम होने से पति-पत्नी का व्यवहार बेवजह ही आक्रामक होता जाता है और कई बार छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना उसकी आदत में शामिल हो जाता है जिससे दोनों के बीच मनमुटाव रहता है। दोनों बस एक-दूसरे की बुराई व कमियां ढ़ूंढने में ही लगे रहते हैं,जो संबंध विच्छेद का कारण भी बन सकता है। साथ ही इस कोण में बेडरूम होने से फालतू का खर्च भी बढ़ता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शनि की साढ़े साती और ढैय्या को दूर करता है यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है तो नियमित रूप से शमी की पूजा करें। रोज सुबह पौधे को जल अर्पित करें। शाम के समय दीपक जलाएं। इससे काफी हद तक शनि का प्रभाव कम हो जाता है यदि आप वाहन चलाते समय बार-बार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं तो घर से निकलते वक्त शमी के पौधे का दर्शन करें। इससे काफी लाभ पहुंचता है। शनि देव से संबंधित आपके जीवन में जो कोई भी परेशानी है। उसका निदान शमी की पूजा करने से दूर हो जाती है। यदि आपके घर में धन की कमी है तो शुक्रवार की शाम को शमी के तने में एक लाल मौली बांध कर उसे रात भर छोड़ दे। अगले दिन सुबह उठ कर स्नान करके मौली खोल दें और एक चांदी की डिबिया में रखकर उसे अपनी अलमारी में रख दें। इससे आपके घर में कभी धन की कमी नहीं होगी।
🩺 आरोग्य संजीवनी 🩸
पेट का बढ़ा होना या लटकना :- चिरचिटा (अपामार्ग) की जड़ 5 ग्राम से लेकर 10 ग्राम या जड़ का काढ़ा 15 ग्राम से 50 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम कालीमिर्च के साथ खाना खाने से पहले पीने से आमाशय का ढीलापन में कमी आकर पेट का आकार कम हो जाता है।
बवासीर :-अपामार्ग की 6 पत्तियां, कालीमिर्च 5 पीस को जल के साथ पीस छानकर सुबह-शाम सेवन करने से बवासीर में लाभ हो जाता है और उसमें बहने वाला रक्त रुक जाता है। खूनी बवासीर पर अपामार्ग की 10 से 20 ग्राम जड़ को चावल के पानी के साथ पीस-छानकर 2 चम्मच शहद मिलाकर पिलाना गुणकारी हैं।
मोटापा :-अधिक भोजन करने के कारण जिनका वजन बढ़ रहा हो, उन्हें भूख कम करने के लिए अपामार्ग के बीजों को चावलों के समान भात या खीर बनाकर नियमित सेवन करना चाहिए। इसके प्रयोग से शरीर की चर्बी धीरे-धीरे घटने भी लगेगी।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक बार एक राजा था, वह जब भी मन्दिर जाता, तो 2 भिखारी उसके दाएं और बाएं बैठा करते थे। दाईं तरफ़ वाला कहता-‘हे ईश्वर, तूने राजा को बहुत कुछ दिया है, मुझे भी दे दे.!’ तो बाईं तरफ़ वाला कहता-‘ऐ राजा.! ईश्वर ने तुझे बहुत कुछ दिया है, मुझे भी कुछ दे दे.!’ दाईं तरफ़ वाला भिखारी बाईं तरफ़ वाले से कहता-ईश्वर से माँग वह सबकी सुनने वाला है। बाईं तरफ़ वाला जवाब देता-‘चुप कर मूर्ख।
एक दिन राजा ने अपने मंत्री को बुलाया और कहा कि मन्दिर में दाईं तरफ जो भिखारी बैठता है वह हमेशा ईश्वर से मांगता है तो अवश्य ईश्वर उसकी सुनेगा। लेकिन जो बाईं तरफ बैठता है वह हमेशा मुझसे ही मांग करता रहता है, तो तुम ऐसा करो कि एक बड़े से बर्तन में खीर भर के उसमें स्वर्ण मुद्रा डाल दो और वह उसको दे आओ। मंत्री ने ऐसा ही किया। अब वह भिखारी मजे से खीर खाते-खाते दूसरे भिखारी को चिड़ाता हुआ बोला-‘हुँह खाते जब बड़ा आया ईश्वर देगा’, यह देख राजा से माँगा, मिल गया ना ?’ खाते- इसका पेट भर गया तो इसने बची हुई खीर का बर्तन उस दूसरे दिया और कहा-‘ले पकड़ तू भी खा ले, मूर्ख’ दिन जब राजा आया तो देखा कि बाईं तरफ वाला भिखारी तो आज
भिखारी को दे अगले भी वैसे ही बैठा है लेकिन दाईं तरफ वाला गायब है। राजा नें चौंक कर उससे पूछा-‘क्या तुझे खीर से भरा बर्तन नहीं मिला?’ भिखारी ‘जी मिला था रा जी, क्या स्वादिस्ट खीर थी, मैंने खूब पेट भर कर खायी !’ राजा-‘फिर ?’ भिखारी-‘फ़िर जब मेरा पेट भर गया तो वह जो दूसरा भिखारी यहाँ बैठता है मैंने उसको दे कर कहा-‘मूर्ख हमेशा कहता रहता है ‘ईश्वर देगा, ईश्वर देगा’ ले खा ले !’ राजा मुस्कुरा कर बोला- ‘अवश्य ही, ईश्वर ने उसे दे ही दिया !’
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⚜️ सोमवार और शुक्रवार कि सप्तमी विशेष रूप से शुभ फलदायी नहीं मानी जाती बाकी दिनों कि सप्तमी सभी कार्यों के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। सप्तमी को भूलकर भी नीला वस्त्र धारण नहीं करना चाहिये तथा ताम्बे के पात्र में भोजन भी नहीं करना चाहिये। सप्तमी को फलाहार अथवा मीठा भोजन विशेष रूप से नमक के परित्याग करने से भगवान सूर्यदेव कि कृपा सदैव बनी रहती है।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म सप्तमी तिथि में होता है, वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। इस तिथि में जन्म लेनेवाला जातक गुणवान और प्रतिभाशाली होता है। ये अपने मोहक व्यक्तित्व से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की योग्यता रखते हैं। इनके बच्चे भी गुणवान और योग्य होते हैं। धन धान्य के मामले में भी यह व्यक्ति काफी भाग्यशाली होते हैं। ये संतोषी स्वभाव के होते हैं और इन्हें जितना मिलता है उतने से ही संतुष्ट रहते हैं।

