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Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 09 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 09 नवम्बर 2025
09 नवम्बर 2025 दिन रविवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि पंचमी तिथि है। आज रात्रिव्यापिनी श्री मंशादेवी के शयन का दिन है। आज ही के दिन माता मनशादेवी जी का शयन होता है। अथवा करवाया जाता है। मां मनशादेवी भक्तों के मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली है। और वर्षपर्वत अपने भक्तों के लिए कार्यरत रहती है। परंतु आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को उनका शयन होता है। आप सभी सनातनियों को “माता श्रीमनशादेवी के शयन दिन” की हार्दिक शुभकामनाऐं।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
*इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है। *रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
*रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352_

☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष पंचमी तिथि 01:55 AM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 08:04 PM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है। इसके देवता भगवान शिव के रुद्र रूप हैं, जो आंधी-तूफान के देवता माने जाते हैं।
⚜️ योग – सिद्ध योग 03:02 PM तक, उसके बाद साध्य योग
प्रथम करण : कौलव – 03:05 पी एम तक
द्वितीय करण: तैतिल – 01:54 ए एम, नवम्बर 10 तक गर
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:17:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:16:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:54 ए एम से 05:46 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:20 ए एम से 06:39 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:26 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:30 पी एम से 05:57 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:30 पी एम से 06:49 पी एम
💧 अमृत काल : 10:53 ए एम से 12:21 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 10
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – माता श्रीमनशादेवी शयन दिवस/ उत्तराखंड स्थापना दिवस, भारत के पूर्व राष्ट्रपति के.आर. नारायणन स्मृति दिवस, प्रथम भारतीय वायु सेना प्रमुख सुब्रतो मुखर्जी स्मृति दिवस, विश्व उर्दू दिवस, राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस, राष्ट्रीय फ्राइड चिकन सैंडविच दिवस, विश्व कानूनी सेवा दिवस, राष्ट्रीय लुइसियाना दिवस, विश्व स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र घोषणा दिवस, स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद इक़बाल जयन्ती, श्रीकाशी विश्वनाथ-सम्मान दिवस, उत्तराँचल राज्य स्थापना दिवस, अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और शांति सप्ताह, 9-15 नवंबर
✍🏼 *तिथि विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है। 🪄 *_Vastu tips* 🛕
हिंदू धर्म के जानकारों का यह कहना है कि प्राचीन ग्रंथों में पूजा-पाठ के दौरान धूपबत्ती और कपूर का उल्लेख तो मिलता है, लेकिन अगरबत्ती का नहीं। माना जाता है कि बांस से बनी अगरबत्तियों का उपयोग पूजन में वर्जित है, क्योंकि बांस का संबंध अंतिम संस्कार की सामग्री से जोड़ा गया है। ऐसे में किसी भी शुभ काम या पूजा अनुष्ठानों में अगरबत्ती के उपयोग की मनाही है। इसकी जगह धूपबत्ती का उपयोग करना चाहिए।
*बांस से बनी अगरबत्ती क्यों मानी जाती है अशुभ? यूं तो बांस का उपयोग शादी, जनेऊ और मंडप बनाने में किया जाता है, लेकिन इससे बनी अगरबत्ती का इस्तेमाल पूजन कार्यों में क्यों वर्जित हैं। शास्त्रों में बांस को जलाना निषेध माना गया है और दाह संस्कार में भी बांस को नहीं जलाया जाता है। वहीं, अगरबत्ती जलाकर ही उपयोग की जाती है। ऐसे में बांस से बनी अगरबत्ती जलाना धार्मिक दृष्टि से अनुचित ठहराया गया है। 🔑 *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ गौर करने वाली बात- जोड़ों में महसूस होने वाला दर्द भी पानी की कमी की तरफ इशारा कर सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक पानी की कमी बोन और मसल हेल्थ को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। अगर आपने सही मात्रा में पानी नहीं पिया, तो आपको न केवल जॉइंट पेन बल्कि मसल पेन की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है। हाइड्रेशन के लिए आप पानी के साथ-साथ कोकोनट वॉटर, जूस, लस्सी जैसी चीजों को भी कंज्यूम कर सकते हैं। *कितना पानी पिएं- एक दिन में 2 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 3 लीटर पानी का मतलब लगभग 12 गिलास होता है। फील्ड में काम करने वाले लोग इससे ज्यादा पानी भी पी सकते हैं। गट हेल्थ से लेकर वेट लॉस तक, ऊर्जा प्रदान करने से लेकर किडनी-लिवर को डिटॉक्स करने तक, पानी पीना आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
🥝 *आरोग्य संजीवनी* 🩸
भुना हुआ लहसुन खाने के फायदे
*पाचन में सुधार: रात में भुना हुआ लहसुन खाने से पाचन में मदद मिल सकती है। भुना हुआ लहसुन पाचन एंजाइमों को सक्रिय करके पाचन में सहायता करता है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को भी बढ़ावा देता है। *बेहतर नींद: रात को भुना हुआ लहसुन खाने से बेहतर नींद आती है क्योंकि लहसुन में मौजूद ट्रिप्टोफैन एमिनो एसिड सेरोटोनिन के उत्पादन में मदद करता है जो नींद में सुधार करता है। ट्रिप्टोफैन एक अमीनो एसिड है जो मेलाटोनिन हार्मोन (सोने का हार्मोन) बनाता है, जिससे नींद के चक्र को नियंत्रित करने और आराम को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
*हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद: भुना हुआ लहसुन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एलिसिन नामक यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और रक्त संचार में सुधार करता है, जिससे हृदय पर तनाव कम होता है। 📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ अगर आप शादी करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन कहीं बात नहीं बन रही है तो आपको थोड़ा सोचने की जरूरत है कि आखिर क्या वजह हो सकती है। कई बार जीवन में ऐसा समय आता है, जब रिश्ते बनते-बनते टूट जाते हैं या शादी में कोई न कोई रुकावट आ जाती है। ऐसे में व्यक्ति खुद को असहाय महसूस करता है। हालांकि, आचार्य श्री गोपी राम ने शादी से जुड़े उपाय बताए गए हैं, ऐसे में आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। *हमारे कहने के अनुसार, एक छोटा-सा उपाय आपकी किस्मत बदल सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप शुक्रवार के दिन अपनी बाईं हथेली पर एक उपाय कर लें, तो यह आपके विवाह के योग को मजबूत बना सकता है। चलिए जानते हैं यह उपाय कब और कैसे करना है।
*शादी में रुकावट दूर करने का आसान उपाय न्यूमेरोलॉजी केवल अंकों का खेल नहीं, यह आपके विश्वास और सोच की शक्ति पर भी निर्भर करता है। शास्त्र के अनुसार, शुक्रवार को बाईं हथेली पर अंक 6 लिखें। जिन लोगों की शादी लंबे समय से रुक रही हो या रिश्ता तय होकर टूट जाता हो, उनके लिए यह उपाय लाभदायक माना गया है। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और अनुकूल जीवनसाथी मिलने के योग बनते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह उपाय तब सबसे असरदार होता है, जब इसे पूरे विश्वास के साथ किया जाए। जब आप किसी उपाय को भरोसे के साथ अपनाते हैं, तो यूनिवर्स भी आपके साथ काम करने लगता है। *अंक 6 कब और कैसे लिखें? शुक्रवार का दिन इस उपाय के लिए सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि यह शुक्र ग्रह से संबंधित होता है। सुबह स्नान के बाद गुलाबी, सुनहरे या लाल रंग की कलम से बाएं हाथ के अंगूठे के नीचे के हिस्से पर अंक 6 लिखें। इसे हर शुक्रवार के दिन ही करें और दिनभर में कई बार इस अंक को देखें। कहा जाता है कि ऐसा करने से शुक्र ग्रह की शक्ति सक्रिय होती है और विवाह के योग जल्दी बनते हैं।
अंक 6 का असर और महत्व न्यूमेरोलॉजी में अंक 6 को प्रेम, संतुलन, आकर्षण और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। यह शुक्र ग्रह का अंक है जो व्यक्ति के जीवन में खुशियां और सौंदर्य बढ़ाता है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र मजबूत होता है, वे संबंधों में संतुष्ट और प्रसन्न रहते हैं। कमजोर शुक्र के कारण रिश्तों में दूरी और अस्थिरता आती है। इसलिए अंक 6 को एक्टिव करना बेहद शुभ माना गया है।
शुक्र को मजबूत करने के लिए सफेद या चमकीले रंग के कपड़े पहनना चाहिए। साथ ही दूध, दही, पनीर और सफेद मिठाई का सेवन करने की सलाह दी जाती है। जब भी आप अपनी हथेली पर अंक 6 लिखें, यह भावना रखें, ‘मेरे जीवन में सही रिश्ता आने वाला है।’ यही पॉजिटिव सोच आपकी जिंदगी की दिशा बदल सकती है।
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।।

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