आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• *_जय श्री हरि_* •••✦
🧾 *आज का पंचाग* 🧾
गुरुवार 06 जून 2024
*_मंगल श्री विष्णु मंत्र :-_*
*_मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।_*
*_मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥_*
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🌐 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी_*
📖 *_संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त_*
🧾 *_विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत_*
🔮 *_गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत_*
☸️ *_शक संवत 1946 शक संवत_*
☪️ *_कलि संवत 5125 कलि संवत_*
☣️ *_आयन – उत्तरायण_*
☀️ *_ऋतु – ग्रीष्म ऋतु_*
🌤️ *_मास – ज्यैष्ठ मास_*
🌚 *_पक्ष – शुक्ल पक्ष_*
📆 *_तिथि : गुरुवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि 06:07 PM तक उपरांत प्रतिपदा_*
✏️ *_तिथि स्वामी : अमावस्या तिथि के देवता हैं अर्यमा जो पितरों के प्रमुख हैं। अमावास्या में पितृगणों की पूजा करने से वे सदैव प्रसन्न रहते हैं।_*
💫 *_नक्षत्र : नक्षत्र रोहिणी 08:16 PM तक उपरांत म्रृगशीर्षा_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी शुक्र है। तथा नक्षत्र के स्वामी ग्रह चंद्र है।_*
⚜️ *_योग : धृति योग 10:09 PM तक, उसके बाद शूल योग_*
⚡ *_प्रथम करण : चतुष्पाद – 06:58 ए एम तक नाग – 06:07 पी एम तक_*
✨ *_द्वितीय करण : किंस्तुघ्न – 05:22 ए एम, जून 07 तक बव_*
🔥 *_गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक_*
⚜️ *_दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।_*
🤖 *_राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |_*
🌞 *_सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00_*
🌅 *_सूर्यास्तः- सायं 06:45:00_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:42 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:48 पी एम_*
🔯 *_विजय मुहूर्त : 02:39 पी एम से 03:35 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : 07:16 पी एम से 07:36 पी एम_*
🌌 *_सायाह्न सन्ध्या : 07:17 पी एम से 08:18 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : 05:12 पी एम से 06:44 पी एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:40 ए एम, जून 07_*
🚓 *_यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।_*
👉🏽 *_आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।_*
💁🏻 *_आज का उपाय-वट वृक्ष की पूजा करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – देवपितृकार्ये अमावस्या/शनि जयन्ती/वट सावित्री पूजा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता सुनील दत्त जन्म दिवस, मास्ति वेंकटेश अय्यंगार जयन्ती, विश्व कीट दिवस, राष्ट्रीय मछली और चिप दिवस, पुराने समय के वादक पियानो दिवस, राष्ट्रीय एप्पलसॉस केक दिवस, शिशु आहार दिवस, राष्ट्रीय उच्च शिक्षा दिवस, घल्लूघारा दिवस (पंजाब) अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आई.ओ.सी.) स्थापना दिवस
✍🏼 विशेष – अमावस्या को मैथुन एवं प्रतिपदा को कद्दू और कूष्माण्ड के फल का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य होता है। शास्त्रों में अमावस्या तिथि को सम्भोग वर्जित तिथि बताया गया है। अमावस्या तिथि एक पीड़ाकारक और अशुभ तिथि मानी जाती है। अमावस्या तिथि पितृगणों को समर्पित तिथि है अर्थात इसके स्वामी पितृगण हैं। यह केवल कृष्ण पक्ष में ही होती है तथा अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🗼 *Vastu tips* 🗽
इस दिशा में न हो बंद दीवार दास्तों उत्तर दिशा को वास्तु में धन आने वाली दिशा माना जाता है। इस दिशा से ही धन आपके घर की ओर आकर्षित भी होता है। ऐसे में अगर आप इस दिशा में कोई दीवार बनाते हैं और उसे बिल्कुल बंद कर देते हैं, तो धन प्राप्ति में आपको दिक्कतें आ सकती हैं। इस दिशा वाली दीवार पर आपको दरवाजे या खिड़कियां अवश्य बनानी चाहिए। यह दिशा जितनी खुली रहेगी उतना ही धन का आगमन आपके घर में होगा और सुख-समृद्धि घर में बनी रहेगी।
जूते-चप्पल न रखें इस दिशा में उत्तर दिशा में जूते-चप्पल रखना बहुत अशुभ माना जाता है। इस दिशा में अगर आप जूते-चप्पल रखते हैं तो माता लक्ष्मी आप से रूठ सकती हैं और भाग्य का भी साथ छूट सकता है। इसलिए गलती से भी कभी इस दिशा में जूते चप्पल आपको नहीं रखने चाहिए।
उत्तर दिशा में न हों भारी चीजें वास्तु के अनुसार, उत्तर की दिशा का खुला होना बेहद आवश्यक होता है। इस दिशा में अगर आप भारी सामान को रखते हैं तो ये भी धन आगमन को प्रभावित कर सकता है। इसलिए यह जगह जितनी खुली हुई हो उतनी ही आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही इस स्थान में रखे सामान पर आपको कभी भी गंदगी नहीं जमने देनी चाहिए।
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
टमाटर- अगर आप टमाटर का ज्यादा सेवन करते हैं तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। टमाटर में पाए जाने वाला ऑक्सालेट अगर ज्यादा मात्रा में शरीर के अंदर जाएगा तो किडनी में स्टोन पैदा होने की संभावना बढ़ जाएगी। ध्यान रहे कि आपको टमाटर खाना पूरी तरह से बंद नहीं करना है यानी आपको इसका सेवन लिमिट में रहकर करना है।
कोल्ड ड्रिंक्स- कोल्ड ड्रिंक्स पीने से आपकी ओवरऑल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। किडनी की सेहत को डैमेज होने से बचाने के लिए आपको कोल्ड ड्रिंक्स नहीं पीनी चाहिए। कोल्ड ड्रिंक्स के अलावा कैफीन भी आपकी किडनी में स्टोन के खतरे को बढ़ा सकती है इसलिए कैफीन युक्त चीजों से परहेज करना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
🍃 *आरोग्य संजीवनी* 🍁
*डायबिटीज के मरीज ऐसे करें मेथी का सेवन*
मेथी का सेवन विभिन्न तरीकों से किया जा करता है। इसे आप खाने में अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। किसी भी तरह की रेसिपी बनाते समय थोड़ी मात्रा में इसका इस्तेमाल जरूर करें।
मेथी दाना का पानी: मेथी दाना का पानी आसानी से ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है। इसके लिए रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच मेथी डाल भिगो दें। दूसरे दिन इसे छानकर खाली पेट पी लें। आप चाहे तो इसके दानों को ऐसे ही खा सकते हैं या फिर अंकुरित कर सकते हैं।
अंकुरित मेथी: आमतौर पर मेथी काफी कड़वी होती है। लेकिन अगर अंकुरित करके खाया जाए तो इसकी कड़वाहट गायब हो जाएगी। इसके लिए रात को पानी में मेथी डालकर भिगो दें। दूसरे दिन इसे निकालकर किसी कॉटन के कपड़े में बांध दें। 1-2 दिन में मेथी अंकुरित हो गई है। रोजाना सुबह थोड़ी मात्रा में इसका सेवन करे।
📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
हिंदू धर्म में अन्न दान को श्रेष्ठ दान माना जाता है। इसलिए भंडारे में भोजन बनाकर लोगों को बांटा जाता है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भंडारा करवाकर न केवल हम दूसरों को अन्न प्रदान करते हैं, बल्कि इससे हमें भी आत्मिक संतुष्टि मिलती है। अन्न का दान करने से हमारे पितृ भी प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को भी संतुष्टि प्राप्त होती है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, हम जिन चीजों का दान करते हैं और जितनी मात्रा में दान करते हैं, उतना ही हमें परलोक में प्राप्त होता है। इसलिए हिंदू धर्म में ज्यादा से ज्यादा मात्र में अन्न का दान करने को कहा जाता है। भंडारा करवाने के पीछे भी यही वजह है कि, मृत्युलोक में किया गया अन्न दान हमारे पूर्वजों और हमारी आत्म को संतुष्टि दे।
पौराणिक कथा- ऐसे शुरू हुई भंडारा करवाने की प्रथा पद्म पुराण में वर्णित है कि, राजा स्वेत मृत्यु के बाद जब परलोक पहुंचे तो उन्हें भोजन प्राप्त नहीं हो पाया था। राजा स्वेत विदर्भ क्षेत्र के राजा थे और उनके राज्य में अन्न-धन की कोई कमी नहीं थी। हालांकि परलोक में उन्हें मांगने पर भी भोजन प्राप्त नहीं हुआ। अंत में थक हारकर राजा ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और उनसे इसके पीछे का कारण पूछा। तब ब्रह्मा जी बोले कि, आप भले ही राजा रहे हों लेकिन आपने कभी जरूरतमंद लोगों को भोजन नहीं करवाया। अन्न का कभी दान नहीं किया, इसलिए आपको मृत्यु के बाद अन्न प्राप्त नहीं हो पा रहा है। राजा को अपनी भूल का पता चला तो उन्होंने अपनी भावी पीढ़ियों के स्वप्न में जाकर भंडारा और अन्नदान करने को कहा। और अन्नदान के महत्व को समझाया। माना जाता है कि, तब से ही भंडारा करने की प्रथा का आरंभ हुआ।
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ अमावस्या को दूध का दान श्रेष्ठ माना जाता है। किसी कुआँ, तलाब, नदी अथवा बहते जल में दो-चार बूंद दूध डालने से कार्यों में आनेवाली परेशानियाँ दूर होती है। जौ दूध में धोकर नदी में प्रवाहित करने से सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस तिथि को पीपल में जल देना परिक्रमा करना मिश्री दूध में मिलाकर अर्घ्य देना अत्यन्त शुभ फलदायी माना जाता है।
ऐसा करने से शनिदेव का प्रकोप कम होता है तथा भगवान नारायण एवं माँ लक्ष्मी कि पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। अमावस्या को तुलसी और बिल्वपत्र नहीं तोड़ना चाहिये। आज घर की सफाई करना और कबाड़ बेचना शुभ माना जाता है। अमावस्या को भूलकर भी सम्भोग (स्त्री सहवास) नहीं करना चाहिये। घर के मन्दिर एवं आसपास के नजदीकी मन्दिर में तथा तुलसी के जड़ में सायंकाल में घी का दीपक जलाना चाहिये इससे लक्ष्मी माता प्रशन्न होती हैं।



