Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 06 नवम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 06 नवम्बर 2025
06 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार को मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष कि प्रतिपदा तिथि है। आज से मार्गशीर्ष मास का आरंभ होता है और मार्गशीर्ष मास में जीरा का सेवन नहीं करना चाहिए। यथा: चैते गुड़, बैशाखे तेल, जेठ में पथ, आषाढ़ में बेल सावन, साग न भादों न दही, क्वारें दुध न कार्तिक मही। अगहन जीरा पुष घना, माघे मिश्री फागुन चना। अर्थात यह सभी वस्तुएं उक्त-उक्त महीने में वर्जित बताई गई है। आज सूर्य देवता स्वाति नक्षत्र से निकलकर विशाखा नक्षत्र में (रात्रि 03:55 AM पर) प्रवेश कर जाएंगे। आज यायीजययोग एवं यमघंटयोग भी है। आप सभी सनातनियों को “मार्गशीर्ष मास” की हार्दिक शुभकामनाऐं।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ *दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
*गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए। *गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
*गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं । *इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल*
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास प्रारम्भ
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – गुरुवार मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि 02:55 PM तक उपरांत द्वितीया
🖍️ तिथि स्वामी – प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र कृत्तिका 03:27 AM तक उपरांत रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव हैं, और उनके स्वामी ग्रह सूर्य हैं। यह नक्षत्र हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान कार्तिकेय से भी जुड़ा हुआ है।
⚜️ योग – व्यातीपात योग 07:04 AM तक, उसके बाद वरीयान योग 02:41 AM तक, उसके बाद परिघ योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 02:54 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 12:58 ए एम, नवम्बर 07 तक गर
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:17:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:14:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:52 ए एम से 05:44 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:18 ए एम से 06:37 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:43 ए एम से 12:26 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:32 पी एम से 05:59 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:32 पी एम से 06:51 पी एम
💧 अमृत काल : 01:22 ए एम, नवम्बर 07 से 02:46 ए एम, नवम्बर 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:31 ए एम, नवम्बर 07
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शमी पूजन करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – यायीजययोग/ यमघंटयोग/ मासिक कार्तिगाई/ मार्गशीर्ष प्रारम्भ/ युद्ध और सशस्त्र संघर्ष में पर्यावरण के शोषण का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, राष्ट्रीय सैक्सोफोन दिवस, राष्ट्रीय नाचोस दिवस, अभिनेता संजीव कुमार पुण्य तिथि, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा पुण्य तिथि, पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर रे पुण्य तिथि, राष्ट्रीय तनाव जागरूकता दिवस, महाराजा विजय सिंह राठौर मारवाड़ जयन्ती, अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास दिवस (सप्ताह)
✍🏼 तिथि विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली अर्थात किसी भी कार्य को अथवा कार्यक्षेत्र को बढ़ाने वाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद अर्थात कोई भी कार्य को निर्विघ्नता पूर्वक चरम तक पहुंचाने अर्थात सिद्धि तक पहुंचाने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता को बताया गया है। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।।
🗽 Vastu tips 🛟
वास्तु के अनुसार, शादीशुदा जोड़े का बेड लकड़ी का होना चाहिए। लोहे या स्टील का बेड नेगेटिव एनर्जी को आकर्षित करता है। साथ ही, डबल बेड में दो अलग-अलग गद्दे नहीं रखने चाहिए। एक ही गद्दे का उपयोग करने से रिश्तों में एकता और सामंजस्य बना रहता है।
*चित्र और फोटो भी करते हैं मन पर असर बेडरूम में कभी भी युद्ध, हिंसा या दुख दर्शाने वाली तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। इनसे मनोवैज्ञानिक रूप से नकारात्मक ऊर्जा आती है। इसकी जगह प्रेम, शांति और खुशहाली दिखाने वाली तस्वीरें लगाएं। पति-पत्नी की मुस्कुराती हुई फोटो दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना गया है। ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ क्रोध से हानियाँ और उससे बचने के उपाय
*पद्म पुराण में आता है : ‘जो पुरुष उत्पन्न हुए क्रोध को अपने मन से रोक लेता है, वह उस क्षमा के द्वारा सबको जीत लेता है | जो क्रोध और भय को जीतकर शांत रहता है, पृथ्वी पर उसके समान वीर और कौन है ! क्षमा करनेवाले पर एक ही दोष लागू होता है, दूसरा नहीं, वह यह कि क्षमाशील पुरुष को लोग शक्तिहीन मान बैठते हैं | किंतु इसे दोष नहीं मानना चाहिए क्योंकि बुद्धिमानो का बल क्षमा ही है | क्रोधी मनुष्य जो जप, होम और पूजन करता है वह सब फूटे हुए घड़े से जल की भाँति नष्ट हो जाता है |’
*क्रोध से बचने के उपाय : *एकांत में आर्तभाव से व सच्चे ह्रदय से भगवान से प्रार्थना कीजिये कि ‘हे प्रभो ! मुझे क्रोध से बचाइये |’
*जिस पर क्रोध आ जाय उससे बड़ी नम्रता से, सच्चाई के साथ क्षमा माँग लीजिये | *सात्त्विक भोजन करे | लहसुन, लाल मिर्च एवं तली हुई चीजों से दूर रहें | भोजन चबा-चबाकर कम-से-कम 25 मिनट तक करें | क्रोध की अवस्था में या क्रोध के तुरंत बाद भोजन न करें |
🍯 *आरोग्य संजीवनी* 🪵
मुलेठी खाने के क्या लाभ हैं?
*मुलेठी एक गुणकारी जड़ी बूटी है। आमतौर पर लोग इसका इस्तेमाल सर्दी-जुकाम या खांसी में आराम पाने के लिए करते हैं। गले की खराश में इसका उपयोग करना सबसे ज्यादा असरदार होता है। हालांकि मुलेठी के फायदे सिर्फ इतने ही नहीं हैं बल्कि इसका मुख्य इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने में किया जाता है। इस लेख में हम आपको मुलेठी के फायदे, नुकसान और सेवन के तरीकों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। मुलेठी के फायदों के बारे में जानने से पहले ये जानना ज़रूरी है कि असल में मुलेठी है क्या *अगर आप अक्सर सिरदर्द से परेशान रहते हैं तो मुलेठी आपके लिए बहुत काम की चीज है। मुलेठी चूर्ण या मुलेठी पाउडर के एक भाग में इसका चौथाई भाग कलिहारी चूर्ण और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाएं। इसे सूंघने से सिरदर्द से आराम मिलता है
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
“क्या कभी आपने सोचा है कि हम जिस ईश्वर की पूजा कर रहे हैं, क्या वह वास्तव में वही सत्य है जिसे हम खोज रहे हैं?”
*ईश्वर की अवधारणा हर धर्म में अलग-अलग है। हर किसी की रिप्रेजेंटेशन भी अलग है। *हिंदू धर्म में बहुत सारे लोग देवी देवताओं को ईश्वर मान लेते है। इस तरह से यह संख्या बहुत बड़ी हो जाती हैं। जबकि श्रीमद्भगवद्गीता में साफ तौर पर देवी देवताओं को ईश्वर से अलग बताया हुआ है।
*कहीं ऐसा तो नहीं कि हम सत्य को आभासी मान कर आभासी दृश्यों या कृतियों को ईश्वर मान कर कुछ और ही खोज रहे हों। वास्तव में ऐसा ही हो रहा है। क्योंकि कोई बता रहा है कि यह कृति ईश्वर है, तो कोई दूसरा बता रहा है कि वो कृति ईश्वर है, कोई अग्नि को तो फिर कोई पंचमहाभूतों को ईश्वर मानकर बैठा है। सबके विचार अलग-अलग है। *कई महानुभावों ने तो खुद को ही ईश्वर घोषित कर लिया है या भूतकाल में वो खुद को ईश्वर घोषित करके इस दुनियां से विदा भी ले चुके है।
*ऐसे में क्या हम सत्य से दूर नहीं होते चले जायेंगें। क्या आपको नहीं लगता कि आपको चलाने वाला और आपके साथ साथ इस प्रकृति को चलाने वाला आपके आसपास ही है। आप और हम सब उसके अंदर जी रहे है। एक क्षण के लिए भी वो चलाने वाला यदि हमे छोड़ दे तो हम यह दुनियां छोड़ चुके होंगे। *हम ऐसा क्यों नहीं सोचते? कि ईश्वर कही दूर नहीं बल्कि हमारे अंदर बाहर दोनों जगह और सब जगह है। जिस ईश्वर में हमारे आसपास की दुनियां एंजॉय कर रही है उसी ईश्वर में हम भी एन्जॉय कर रहे है। क्यों हमने ईश्वर को दूर कहीं बैठा कर उनकी उपस्थिति को कम कर रहे है।
*गीता का 11वां अध्याय यही तो बताता है कि सब कुछ ईश्वर के अंदर ही रहा है। रूमी की मशहूर poem – “I am You” भी तो यही समझाती, बुल्ले शाह ने भी यही इशारा किया, “रब दा की पौना, एधरों पुटणा ते ओधर लाउणा” *जब हम ईश्वर को कहीं दूर मानना छोड़ देंगे तब हमारे सोचने का ढंग ही बदल जाएगा। हमारा जीवन ही बदल जाएगा।
*_एक बार खुद को ईश्वर की भीतर समझ अनुभव कीजिए। आपको आनंद का अहसास होगा। आपको लगेगा कि आप हर पल सुरक्षित है।
ईश्वर को समझिए और जीवन को बदलिए।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। आज प्रतिपदा तिथि को इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।


