21 साल बाद दुर्लभ संयोगों में हरियाली अमावस्या, पुष्य नक्षत्र में शिव पूजा होगी : पं. अभिषेक शर्मा
रिपोर्टर : सतीश मैथिल
21 साल बाद दुर्लभ संयोगों में मनेगी हरियाली अमावस्या पंडित अभिषेक शर्मा ने बताया पूजन के लिए ये मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4.36 से 5.21 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2.39 से 3.30 बजे तक और गोधूलि शाम 6.56 से 7.18 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग रात 9.29 बजे से शुरू होगा हरियाली अमावस्या इस बार 12 अगस्त को विशेष संयोगों के साथ मनाया जाएगा। इस बार करीब 21 साल बाद ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी स्थिति बन रही है, जिसमें पुष्य नक्षत्र के साथ गौरी योग, गजकेसरी योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और शिववास योग का संयोग रहेगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार सावन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 11 अगस्त को दोपहर 3.22 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त को दोपहर 12.36 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। इसी स्थिति से गौरी और गजकेसरी योग बनने का उल्लेख है। हरियाली अमावस्या को पितरों के तर्पण और महादेव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होने से अमावस्या पर शिव पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। श्रद्धालु पवित्र स्नान के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे।



