धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 23 जनवरी 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 23 जनवरी 2025
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : गुरुवार माघ माह के कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 05:37 PM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है तथा हर क्षेत्र में सदा विजयी प्राप्त करता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र विशाखा 05:08 AM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी : विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरू है।विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं!
⚜️ योग : गण्ड योग 05:06 AM तक, उसके बाद वृद्धि योग
प्रथम करण : गर – 05:37 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 06:36 ए एम, जनवरी 24 तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:39:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:22:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:26 ए एम से 06:20 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:53 ए एम से 07:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:12 पी एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:20 पी एम से 03:02 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:50 पी एम से 06:17 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:53 पी एम से 07:13 पी एम
💧 अमृत काल : 07:24 पी एम से 09:10 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जनवरी 24 से 01:00 ए एम, जनवरी 24
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:08 ए एम, जनवरी 24 से 07:13 ए एम, जनवरी 24
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पीले फल चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार भद्रा/सर्वार्थसिद्धियोग/ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयन्ती, देशप्रेम दिवस, पराक्रम दिवस, कुष्ठ निवारण अभियान दिवस, भारतीय उद्योगपति कमलनयन बजाज जन्म दिवस, शाहजी राजे भोसले पुण्य तिथि, भारतीय राजनेता बाल ठाकरे जन्म दिवस, भारतीय क्रांतिकारि वीर सुरेंद्र साई जयन्ती, भारत के प्रसिद्ध कांतिकारी नरेन्द्र मोहन सेन शहीद दिवस, भारतीय समाज सेवक अमिय कुमार दास पुण्य तिथि
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
बाथरूम से जुड़ी जरूरी बातें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम और टॉयलेट को एक साथ अटैच करके नहीं बनवाना चाहिए।
बाथरूम कमरे के अंदर कभी नहीं बनवाना चाहिए।
बाथरूम का दरवाजा लकड़ी का है तो उसे हमेशा बंद रखें। इससे घर में नकरात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
ध्यान रखें कि बाथरूम का नल ठीक हो उससे पानी नहीं टपकता हो। वरना आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी रखना अच्छा माना जाता है। वास्तु के अनुसार यह शुभ भाग्य का वाहक है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
त्वचा सम्बन्धी इलाजो में अरंडी का तेल सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता हैं। अरंडी को भारत में अलग अलग राज्यों में कई नामो से जाना जाता हैं जैसे, तमिल में अमानकु एनी, मराठी में इरांदेला टेला, बांग्ला में रिरिरा टेला और तेलुगु में अमुदामु कहा जाता हैं।
बहुत लम्बे आरसे से ही अरंडी का तेल घरेलु उपचारो में किया जाता आ हैं राहा हैं। इस तेल को तैयार करने के लिए इसके बीजों का पीसकर इससे तेल निकाला जाता हैं।
इसका प्रयोग साबुन तैयार करने में तथा, मालिश के तेल, कॉस्मेटिक्स और त्वचा सम्बन्धी रोगो में इलाज किया जाता हैं, यहाँ तक की आँखों की समस्या, पिम्पल-मुहासे की समस्या में भी अरंडी का तेल का इस्तेमाल किया जाता हैं।
यह तेल थोड़ा गाढ़ा और हल्के पीले रंग का होता है। तो चलिए बिस्तर से जानते हैं अरंडी के तेल के फायदे, अरंडी के तेल का उपयोग, अरंडी का औषधीय गुण और अरंडी तेल के नुकशान।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
सामग्री:
50 ग्राम जौ (बर्ली) – शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है, किडनी, लिवर और आंतों की सफाई करता है, रक्त को शुद्ध करता है, और मोटापा कम करने में मदद करता है।
आधा चम्मच जीरा – पाचन तंत्र को मजबूत करता है, गैस, एसिडिटी और ब्‍लोटिंग की समस्या को दूर करता है।
आधा इंच अदरक – पाचन में मदद करता है, कफ और वात को संतुलित करता है, और रक्त संचार को बढ़ाता है।
तैयारी की विधि:_

सबसे पहले 50 ग्राम जौ को अच्छे से धोकर एक लीटर पानी में रात भर के लिए भिगोकर छोड़ दें। यदि आप कम समय में तैयार करना चाहते हैं तो 3-4 घंटे तक भी इसे भिगो सकते हैं।
भिगोने के बाद, इस पानी को गैस पर रखें और इसमें 1 इंच अदरक का टुकड़ा कूट कर डालें, साथ ही आधा चम्मच जीरा डालें। इसे अच्छे से उबालने के लिए छोड़ दें।
📗 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक जंगल में तीन बैल रहा करते थे। तीनों आपस में अच्छे मित्र थे। वो घास चरने के लिए जंगल में एक साथ ही जाया करते थे। उसी जंगल में एक खूंखार शेर भी रहता था। इस शेर की कई दिनों से इन तीनों बैल पर नजर थी। वह इन तीनों को मारकर खा जाना चाहता था। उसने कई बार बैलों पर आक्रमण भी किया, लेकिन बैलों की आपसी मित्रता के कारण वो कभी सफल नहीं हो पाया। जब शेर उन पर हमला करता था, तो तीनों बैल त्रिकोण बनाकर अपने नुकीले सींगों से अपनी रक्षा करते थे।
तीनों बैल साथ मिलकर कई बार शेर को भगा चुके थे, लेकिन शेर कैसे भी करके उन तीनों को खाना चाहता था। शेर यह समझ गया था कि जब तक ये तीनों साथ रहेंगे, इन्हें मारा नहीं जा सकता है। इसलिए, उसने एक दिन इन तीनों को अलग करने के लिए एक चाल चली।
शेर ने बैलों को अलग करने के लिए जंगल में एक अफवाह उड़ा दी। अफवाह यह थी कि इन तीनों बैलों में से एक बैल अपने साथियों को धोखा दे रहा है। बस फिर क्या था, बैलों के बीच इस बात को लेकर शक बैठ गया कि आखिर वो कौन है, जो हमें धोखा दे रहा है?
एक दिन इसी बात को लेकर तीनों बैलों में झगड़ा हो गया। शेर ने जो सोचा था, वो हो गया था। अब तीनों बैल अलग-अलग रहने लगे थे। उनकी दोस्ती टूट चुकी थी। अब वो अलग-अलग होकर जंगल में चरने जाने लगे थे। बस शेर को इसी मौके का इंतजार था।
शेर ने एक दिन उन तीनों बैलों में से एक पर हमला बोल दिया। अकेले पड़ जाने की वजह से वह बैल शेर का मुकाबला नहीं कर पाया और शेर ने उसे मार डाला। कुछ दिनों के बाद शेर ने दूसरे बैल पर भी हमला कर दिया और उसे मारकर खा गया। अब सिर्फ एक बैल बचा था। वह समझ गया था कि शेर अब उसको भी मार डालेगा। उसके पास बचने की कोई उम्मीद नहीं थी। वह अकेले शेर का मुकाबला नहीं कर सकता था। एक दिन जब वह जंगल में घास चरने गया था, तो शेर ने उसे भी अपना शिकार बना लिया। शेर की चाल पूरी तरह कामयाब हुई और उसने तीनों बैलों की दोस्ती तोड़कर उन्हें अपना शिकार बना लिया था।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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