ज्योतिषधार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 16 दिसम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 16 दिसम्बर 2025
16 दिसम्बर 2025 दिन मंगलवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष कि द्वादशी तिथि है। तो जैसा कि आप सभी जानते हैं, कि सफला एकादशी 14 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष कि एकादशी तिथि का आरंभ आरंभ सायंकाल में 18.50 PM बजे हुआ था। और यह एकादशी तिथि 15 दिसम्बर को सायंकाल में 21.20 PM बजे तक थी। तो आज 16 दिसम्बर को ही सफला एकादशी व्रत का पारण का निर्माण देखते हैं। 16 दिसम्बर 2025 को पारण समय सुबह 07.05 AM से 09.16 AM बजे तक है। इस समय के भीतर ही सनातनियों को सफला एकादशी व्रत का पारण कर लेना चाहिए। आज सूर्य देवता वृश्चिक राशि को छोड़कर धनु राशि में (दिन में 01.50 PM पर) प्रवेश कर जाएंगे। आज गोदावरी का स्नान एवं वस्त्र और अन्न का दान श्रेष्ठ बताया गया है। इसी के साथ ही आज खरमास लग जाता है। अर्थात आज से विवाह व्रतबंध और समस्त शुभ कार्य करना वर्जित हो जाएंगे। आप सभी सनातनियों को “धनु संक्रान्ति” की हार्दिक शुभकामनायें।।
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 *दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । *मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
*मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है। 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352_

☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – मंगलवार पौष माह के कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि 11:57 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र स्वाति 02:09 PM तक उपरांत विशाखा
🪐 नक्षत्र स्वामी – स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है। और इसके देवता वायु और सरस्वती हैं।
⚜️ योग – अतिगण्ड योग 01:22 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
प्रथम करण : कौलव – 10:38 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 11:57 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:44:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:10:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:18 ए एम से 06:12 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:45 ए एम से 07:07 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:37 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:00 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:24 पी एम से 05:52 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:27 पी एम से 06:49 पी एम
🌸 त्रिपुष्कर योग : 02:09 पी एम से 11:57 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:50 पी एम से 12:44 ए एम, दिसम्बर 17
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-देवी मन्दिर में सवाकिलो अनार चढ़ाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/ धनु मासारंभ/विजय दिवस/भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जयन्ती, प्रसिद्ध मुक्केबाज हवा सिंह जन्म दिवस, भारतीय राजनीतिज्ञ एच.डी. कुमारस्वामी जन्म दिवस, बांग्लादेश जनवादी गणराज्य संविधान दिवस, भारतीय राजनीतिज्ञ ज्ञान सिंह रानेवाला जन्म दिवस, भारतीय पुरातत्त्ववेत्ता दयाराम साहनी जन्म दिवस, भारतीय सैनिक (परमवीर चक्रसम्मानित) अरुण खेतरपाल स्मृति दिवस ✍🏼 *तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
घर में नकारात्मक ऊर्जा हटाने के सरल उपाय
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अगर आप पहले से ही ऐसे घर में रह रहे हैं और लगातार परेशानियां महसूस कर रहे हैं, तो कुछ उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। दुर्गा सप्तशती या सुंदरकांड का पाठ बुरी शक्तियों, नजर दोष और अटकावटों को शांत करने के लिए यह पाठ बेहद प्रभावी माना गया है।
*सर्व बाधा निवारण मंत्र ग्रहों की स्थिति के अनुसार यह मंत्र करवाने से घर की ऊर्जा संतुलित होती है और रुके हुए काम बनने लगते हैं। अशोक वृक्ष के पत्तों का उपाय मंदिर में अशोक वृक्ष के सात पत्ते रखकर पूजा करें। पत्ते सूख जाएं तो उन्हें पीपल के पेड़ के नीचे रख दें। फिर नए ताजे पत्ते मंदिर में चढ़ाएं। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में शांति लाता है। ❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
◾आंवला रामबाण के फ़ायदे
डायबिटीज के मरीजों के लिए आंवला बहुत काम की चीज है। पीड़ि‍त व्यक्ति अगर आंवले के रस का प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करे तो बीमारी से राहत मिलती है।
एसिडिटी की समस्या होने पर आंवला बेहद फायदेमंद होता है। आंवला का पाउडर, चीनी के साथ मिलाकर खाने या पानी में डालकर पीने से एसिडिटी से राहत मिलती है। इसके अलावा आंवले का जूस पीने से पेट की सारी समस्याओं से निजात मि‍लती है।
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पथरी की समस्या में भी आंवला कारगर उपाय साबित होता है। पथरी होने पर 40 दिन तक आंवले को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, और उस पाउडर को प्रतिदिन मूली के रस में मिलाकर खाएं। इस प्रयोग से कुछ ही दिनों में पथरी गल जाएगी।
*रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर, प्रतिदिन आंवले के रस का सेवन करना काफी लाभप्रद होता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है, और खून की कमी नहीं होने देता। *आंखों के लिए आंवला अमृत समान है, यह आंखों की रौशनी को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके लिए रोजाना एक चम्मच आंवला के पाउडर को शहद के साथ लेने से लाभ मिलता है और मोतियाबिंद की समस्या भी खत्म हो जाती है।
*बुखार से छुटकारा पाने के लिए आंवले के रस में छौंक लगाकर इसका सेवन करना चाहिए, इसके अलावा दांतों में दर्द और कैविटी होने पर आंवले के रस में थोड़ा सा कपूर मिला कर मसूड़ों पर लगाने से आराम मिलता है। 🍃 स्वास्थ्य कुंजियां ☘️
👉 प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्योदय के बाद नीम व तुलसी के पाँच-पाँच पत्ते चबाकर ऊपर से थोड़ा पानी पीने से प्लेग तथा कैंसर जैसे खतरनाक रोगों से बचा जा सकता है ।
*👉 सुबह खाली पेट चुटकी भर साबुत चावल (अर्थात् चावल के दाने टूटे हुए न हों) ताजे पानी के साथ निगलने से यकृत (लीवर) की तकलीफें दूर होती हैं ।
*👉 केले को सुबह खाने से उसकी कीमत ताँबे जैसी, दोपहर को खाने से चाँदी जैसे और शाम खाने से सोने जैसी होती है । शारीरिक श्रम न करने वालों को केला नहीं खाना चाहिए । केला सुबह खाली पेट भी नहीं खाना चाहिए । भोजन के बाद दो केला खाने से पतला शरीर मोटा होने लगता है ।
*👉 जलनेति करने से आँख, नाक, कान और गले की लगभग 1500 प्रकार की छोटी-बड़ी बीमारियाँ दूर होती हैं ।
*👉 रोज थोड़ा-सा अजवायन खिलाने से प्रसूता की भूख खुलती है, आहार पचता है, अपान वायु छूटती है, कमरदर्द दूर होता है और गर्भाशय की शुद्धि होती है ।
*👉 रात का शंख में रखा हुआ पानी तोतले व्यक्ति को पिलाने से उसका तोतलापन दूर होने में आशातीत सफलता मिलती है । चार सूखी द्राक्ष रात को पानी में भिगोकर रख दें । उसे सबेरे खाने से अदभुत शक्ति मिलती है ।
*👉 पश्चिम दिशा की हवा, शाम के समय की धूप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
*👉बालकों की निर्भयता के लिए गाय की पूँछ का उतारा करें
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गुरु भक्ति योग* 📖 🌷पंचमुखी हनुमान 🌷
☸ अंजनीसुत महावीर श्रीराम भक्त हनुमान ऐसे भारतीय पौराणिक चरित्र हैं जिनके व्यक्तित्व के सम्मुख युक्ति, भक्ति, साहस एवं बल स्वयं ही बौने नजर आते हैं।
संपूर्ण रामायण महाकाव्य के वह केंद्रीय पात्र हैं।
श्री राम के प्रत्येक कष्ट को दूर करने मे उनकी प्रमुख भूमिका है।
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इन्हीं हनुमान जी का एक रूप है पंचमुखी हनुमान।
यह रूप उन्होंने कब क्यों और किस उद्देश्य से धारण किया इसके संदर्भ मे पुराणों मे एक अद्भुत कथा वर्णित है।
☸ श्रीराम-रावण युद्ध के मध्य एक समय ऐसा आया जब रावण को अपनी सहायता के लिए अपने भाई अहिरावण का स्मरण करना पड़ा।
वह तंत्र-मंत्र का प्रकांड पंडित एवं मां भवानी का अनन्य भक्त था।
*अपने भाई रावण के संकट को दूर करने का उसने एक सहज उपाय निकाल लिया। *यदि श्रीराम एवं लक्ष्मण का ही अपहरण कर लिया जाए तो युद्ध तो स्वत: ही समाप्त हो जाएगा।
☸ उसने ऐसी माया रची कि सारी सेना प्रगाढ़ निद्रा मे निमग्न हो गयी और वह श्री राम और लक्ष्मण का अपहरण करके उन्हें निद्रावस्था मे ही पाताललोक ले गया।
☸ जागने पर जब इस संकट का भान हुआ और विभीषण ने यह रहस्य खोला कि ऐसा दु:साहस केवल अहिरावण ही कर सकता है तो सदा की भांति सबकी आंखें संकट मोचन हनुमानजी पर ही जा टिकीं।
☸ *हनुमान जी तत्काल पाताल लोक पहुंचे।* *द्वार पर रक्षक के रूप मे मकरध्वज से युद्ध कर और उसे हराकर जब वह पातालपुरी के महल मे पहुंचे तो श्रीराम एवं लक्ष्मण जी को बंधक अवस्था मे पाया।
*वहां भिन्न भिन्न दिशाओं मे पांच दीपक जल रहे थे और मां भवानी के सम्मुख श्रीराम एवं लक्ष्मण की बलि देने की पूरी तैयारी थी। *अहिरावण का अंत करना है तो इन पांच दीपकों को एक साथ एक ही समय मे बुझाना होगा। यह रहस्य ज्ञात होते ही हनुमान जी ने पंचमुखी हनुमान का रूप धारण किया।
*उत्तर दिशा मे वराह मुख,*
दक्षिण दिशा मे नरसिंह मुख,
पश्चिम मे गरुड़ मुख,
आकाश की ओर हयग्रीव मुख
एवं पूर्व दिशा मे हनुमान मुख।
*इन पांच मुखों को धारण कर उन्होंने एक साथ सारे दीपकों को बुझाकर अहिरावण का अंत किया और श्रीराम-लक्ष्मण को मुक्त किया। ☸ *सागर पार करते समय एक मछली ने उनके स्वेद की एक बूंद ग्रहण कर लेने से गर्भ धारण कर मकरध्वज को जन्म दिया था अत: मकरध्वज हनुमान जी का पुत्र है, ऐसा जानकर श्रीराम ने मकरध्वज को पातालपुरी का राज्य सौंपने का हनुमान जी को आदेश दिया।
*हनुमान जी ने उनकी आज्ञा का पालन किया और वापस उन दोनों को लेकर सागर तट पर युद्धस्थल पर लौट आये। 🌷 *मंत्र – ॐ हुम् फट स्वाहा ॐ नमो भगवते हनुमदाख्याय रुद्राय सर्व दुष्टजन मुख स्तम्भनं कुरु स्वाहा
*ॐ ह्रीं ह्रीं हं ह्रौं ह्रः ॐ ठं ठं ठं फट् स्वाहा ! *इस मंत्र का नित्य दिन जप करने से घर से कलह-क्लेश दूर रहते हैं और परिवार मे समृद्धि आती है।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।

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