Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 18 अगस्त 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 18 अगस्त 2025
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌘 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – सोमवार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 05:22 PM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र म्रृगशीर्षा 02:06 AM तक उपरांत आद्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। आपको बता दें कि मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी धन के दाता शुक्र ग्रह हैं।
⚜️ योग – हर्षण योग 10:59 PM तक, उसके बाद वज्र योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 06:22 ए एम तक विष्टि – 05:22 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 04:25 ए एम, अगस्त 19 तक बालव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:34:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:26:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:25 ए एम से 05:08 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:47 ए एम से 05:52 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:51 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:36 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:58 पी एम से 07:19 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:58 पी एम से 08:03 पी एम
💧 अमृत काल : 05:44 पी एम से 07:15 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, अगस्त 19 से 12:47 ए एम, अगस्त 19
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:52 ए एम से 02:06 ए एम, अगस्त 19
🌊 अमृत सिद्धि योग : 05:52 ए एम से 02:06 ए एम, अगस्त 19
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/सौर भाद्रपद मास प्रारंभ/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ अमृत सिद्धि योग/ शिव पूजन/ भारतीय स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस स्मृति दिवस, राष्ट्रीय फजीता दिवस, भारतीय राजनयिक राजनीतिज्ञ विजया लक्ष्मी पंडित जन्म दिवस, प्रसिद्ध महिला पहलवान गीतिका जाखड़ जन्म दिवस, प्रसिद्ध महिला नेत्री निर्मला सीतारमण जयन्ती, प्रसिद्ध गीतकार गुलज़ार जन्म दिवस, अफ़ग़ानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस, अभिनेत्री अरुणा ईरानी जन्म दिवस, भारतीय गायक दलेर मेहंदी जन्म दिवस, मंगोल सम्राट चंगेज खान स्मृति दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलती से भी कभी किसी की इस्तेमाल की हुई अंगूठी मांगकर आपको नहीं पहननी चाहिए। ऐसा करने से आपकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ता है। आपकी जमा पूंजी भी इसके कारण समाप्त हो सकती है। इसके साथ ही जिस व्यक्ति से लेकर आप अंगूठी पहनते हैं उसकी ऊर्जा से आपके शरीर पर भी बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं।
रुमाल किसी का इस्तेमाल किया हुआ रुमाल भी आपको कभी यूज नहीं करना चाहिए। ऐसा करना वास्तु के अनुसार तो गलत है ही साथ ही इसके कारण स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ सकते हैं। वास्तु के अनुसार दूसरे का रुमाल इस्तेमाल करने से आपके रिश्तों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। खासकर आपके वैवाहिक और प्रेम जीवन में इसके कारण उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, यहां तक कि रिश्ता खराब भी हो सकता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सबसे पहले हम कुछ बातें तय करें कि….
सुबह.. दोपहर.. शाम.. रात चारों समय… खाने का समय यथा संभव निश्चित करें… तय समय के अलावा कभी भी कुछ न खाएं
सुबह उठते ही कुल्ला करके पानी पिएँ… जितना पी सकें उससे कुछ अधिक…. ताकि मल विसर्जन सरलता से हो…
कुछ भी खाएं तत्काल पानी न पिएँ… कुल्ला कर लें… पानी आधा घंटा बाद पिएँ….
सुबह नाश्ता करने के आधा पौन घंटे बाद दो ग्लास पानी फिर हर घंटे डेढ़ घंटे के बाद आपके काम और मौसम के हिसाब से जितनी मात्रा जरूरी है पानी जरूर पिएँ… इसी तरह लंच के बाद शाम को टी टाइम के बीच में और फिर डिनर के पहले और बाद बाद पानी की मात्रा तय करें और नियमित रहें….
भोजन में हरी सब्जियों के साथ रेशेदार फल लेना चाहिए नारियल सर्वसुलभ और सस्ता आइट है पाचन तंत्र की गड़बड़ी को ठीक करने के लिए हफ्ते में दो तीन बार नारियल खाया करें
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
सर्पगंधा (वैज्ञानिक नाम:- एक औषधीय पौधा है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जा रहा है। इसके मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं —
उच्च रक्तत को नियंत्रित करना इसकी जड़ों में नामक सक्रिय तत्व होता है, जो रक्तचाप कम करने में मदद करता है।
यह रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करके ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।
अनिद्रा और चिंता कम करना सर्पगंधा का सेवन दिमाग को शांत करता है, जिससे तनाव, घबराहट और अनिद्रा में राहत मिलती है।
मानसिक रोगों में उपयोग पुराने समय में इसे मानसिक रोग जैसे स्किज़ोफ्रेनिया और पागलपन के उपचार में दिया जाता था।
साँप और बिच्छू के काटने में परंपरागत उपयोग
ग्रामीण आयुर्वेद में इसकी जड़ का लेप या काढ़ा साँप और बिच्छू के काटने पर आपातकालीन उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन आधुनिक चिकित्सा में यह मान्यता सीमित है।
👉🏼 सावधानियाँ
यह एक शक्तिशाली औषधि है, इसलिए डॉक्टर या वैद्य की सलाह के बिना इसका सेवन न करें।
अधिक मात्रा में लेने से बेहोशी, ब्लड प्रेशर बहुत कम होना, और डिप्रेशन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
मन को स्थिर कैसे करें? शिष्य: गुरूजी, मन को स्थिर कैसे रखा जा सकता है? मैं बहुत प्रयास करता हूँ, फिर भी मन जल्दी भटक जाता है।
गुरू: बेटा, मन की स्थिरता किसी बाहरी नियम या दबाव से नहीं आती। जब मन को अपना पसंदीदा काम मिल जाता है, तब वह अपने आप स्थिर हो जाता है।
शिष्य: लेकिन गुरूजी, हम अपने मन की पसंद कैसे पहचानें?
गुरू: देखो, बेटा। मन वही काम करना चाहता है जिसमें उसे आनंद, संतोष और रुचि महसूस होती है। जब तुम उस काम में पूरी लगन से जुट जाओगे, न तो थकावट होगी, न हार का भय, और न ही दूसरों से आगे निकलने की चिंता।
शिष्य: तो इसका मतलब है कि मन को बाहर से स्थिर करने की कोशिश करना व्यर्थ है?
गुरू: बिल्कुल। बाहरी कारण केवल अस्थायी शांति देते हैं, जैसे नींद की गोली। असली शांति और स्थिरता तो उस काम में मिलती है जिसे मन पसंद करता है। जब मन उसी में रम जाता है, तो समय का पता ही नहीं चलता। यह वही अवस्था है जिसमें इंसान सचमुच सीखता है और आगे बढ़ता है।
शिष्य: गुरूजी, क्या तब हम दूसरों से प्रतिस्पर्धा नहीं करेंगे?
गुरू: जब मन अपने पसंदीदा काम में लगा होता है, तब वह किसी से आगे निकलने या पीछे रहने की चिंता नहीं करता। वह सिर्फ सीखता है, बढ़ता है और अपने भीतर सुधार लाता है। यही सच्ची प्रगति है।
शिष्य: गुरूजी, यह अवस्था पाने के लिए क्या करना चाहिए?
गुरू: अपने भीतर ध्यान लगाओ। अपने स्वभाव और रुचियों को पहचानो। वही काम चुनो जो तुम्हारे हृदय को आनंद दे। उसे निष्ठा और पूर्ण मनोयोग से करो। धीरे-धीरे तुम्हारा मन स्थिर होगा, समय का अहसास मिट जाएगा, और जीवन का हर क्षण सीखने और बढ़ने में बदल जाएगा।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेने वाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।


